पैरी घूमर बांध पर तीन महीने पहले बना पुल धंसक रहा

नहर नाली के बीच में पडऩे वाले सड़क पर पुल भी बनाया जाना है। लेकिन बन रहे पुल की भी गुणवत्ता ठीक नहीं है। जिसके चलते बनाए गए पुल तीन महीने में ही धरासाई हो जा रहे हैं।

By: ashok trivedi

Updated: 14 Jun 2020, 06:02 PM IST

गरियाबंद. गरियाबन्द जिले का बहुप्रतीक्षित पैरी घूमर बांध जिससे सैकड़ों किसान के हजारों एकड़ खेतों को पानी देने करोड़ों रुपए की राशि स्वीकृत कर कार्य जल्दी पूर्ण करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन कार्य की गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नहर नाली को देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। नहर निर्माण में जो ढलान बनाया गया, जिसे शायद ही पानी नीचे तक पहुंच पाएगा।
वहीं इस नहर नाली के बीच में पडऩे वाले सड़क पर पुल भी बनाया जाना है। लेकिन बन रहे पुल की भी गुणवत्ता ठीक नहीं है। जिसके चलते बनाए गए पुल तीन महीने में ही धरासाई हो जा रहे हैं। ये स्थिति है जिला मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर ग्राम पारागांव में बने पुल का।
ज्ञात हो कि ग्राम पारागांव के बस्ती से लगा हुआ पैरी घूमर की नहर नाली है उसी के ऊपर से डोंगरीगाव ग्राम और गरियाबन्द देवभोग मुख्यमार्ग को जोडऩे वाला रास्ता है। जिसमें नहर निर्माण के साथ ही तीन महीने पहले ही पुल का निर्माण किया गया है। जो तीन महीने में ही बीच से पूरी तरह टूट गया है। जबकि उस मार्ग से ट्रेक्टर और हाइवा ट्रक का भी आना जाना लगा रहता है। इसकी जानकारी मीडिया के माध्यम से विभाग की जिम्मेदार अधिकारियों को होने पर उक्त पुल को पुन: उखड़वाकर नया ढलाई कराए जाने का निर्देश दिया गया।
ढाई इंज की ढलाई
ग्रामीण सवाल उठा रहे है कि जिला मुख्यालय से लगे ग्राम में बने पुल की ये स्थिति है तो शहर से दूर जंगलों में बनाए पुल में कितनी गुणवत्ता को ध्यान दिया गया होगा। इस विषय मे पारागव पंचायत के प्रतिनिधि ने बताया कि जब पुल बन रहा था उसी दौरान हमने आपत्ति की थी, क्योकि इसकी ढलाई मात्र दो से ढाई इंच ही की गई है। ऐसी स्थिति में पुल टूटेगा ही, साथ ही कुछ दिनों में बरसात लगने वाला है। तब ये नहर और पुल निर्माण की पोल खुलेगी।

ashok trivedi Desk/Reporting
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