दवा व्यापारियों के 100 करोड़ अटकाए दवा निगम ने, दिवाली रही सूनी

- व्यापारियों का कहना कि आपदा के समय पर स्वास्थ्य विभाग में दवा, जांच व सुरक्षा उपकरण जमकर खरीदे गए, लेकिन
भुगतान के लिए व्यापारियों को बार-बार दौड़ाया जा रहा है।

By: Bhupesh Tripathi

Published: 18 Nov 2020, 12:56 AM IST

रायपुर। प्रदेश के दवा सप्लायरों की दिवाली इस बार फीकी रही। इसके पीेछे कारण यह है कि छत्तीसगढ़ दवा निगम ने तकरीबन १०० करोड़ का भुगतान दवा कंपनियों का अटका दिया है। व्यापारियों ने कोरोना काल में समय पर दवा सप्लाई करके स्वास्थ्य विभाग का सहयोग किया था। दिवाली में कई फर्म के कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिल पाया।

व्यापारियों का कहना कि आपदा के समय पर स्वास्थ्य विभाग में दवा, जांच व सुरक्षा उपकरण जमकर खरीदे गए, लेकिन
भुगतान के लिए व्यापारियों को बार-बार दौड़ाया जा रहा है। इस संबंध में कई व्यापारियों ने एमडी को भी शिकायत की है। व्यापारियों का कहना है कि सीजीएमएससी के फायनेंस विभाग में किसी की भी सुनवाई नहीं हो रही है। कोरोना संक्रमण काल में सीजीएमएससी ने तकरीबन ८० निविदाएं बुलाई थी। जिसमें तकरीबन २०० करोड़ की दवा और अन्य सामग्रियों की खरीदी की गई। अब स्थिति एेसी है कि दवा कंपनियां आने वाली निविदाओं में भाग लेने से कतरा रही हैं। एेसा पहले भी हो चुका है कि भुगतान में लापरवाही की वजह से कंपनियां छत्तीसगढ़ से किनारा करने लगी थी।

जीएसटी भुगतान में देरी के कारण सीजीएमएससी को ५ लाख की पेनाल्टी

सीजीएमएससी में जीएसटी रिटर्न भरने में देरी के कारण जीएसटी विभाग की ओर से सीजीएमएससी को पांच लाख की पेनाल्टी हो चुकी है। इससे साफ होता है कि अधिकारी किस स्तर पर लापरवाही कर रहे हैं।

कई फाइलें हो गई हैं गायब
कुछ दवा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया है कि सीजीएमएससी से उनके भुगतान संबंधी फाइलें भी गायब हो गई हैं। जिसके कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है। अब इस स्थिति में व्यापारियों को दोबारा बिल देने के लिए कहा जा रहा है। जबकि नए एमडी के आने के बाद पूरा सिस्टम आइनलाइन करने का दावा किया गया था।

नहीं बैठता कोई भी कार्यालय में
जब से कोविड कमेटी बनाई गई तब से सीजीएमएससी के एमडी सर्किट हाउस कार्यालय में बैठ रहे हैं। इसकी वजह से नया रायपुर स्थित सीजीएमएससी के कार्यालय के अन्य कर्मचारी और अधिकारियों द्वारा जमकर लापरवाही की जा रही है। अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी समय से कार्यालय में नहीं पहुंच रहे हैं। इसकी शिकायत एमडी से की जा चुकी है।

वर्जन

स्वास्थ्य विभाग से जैसे-जैसे राशि मिल रही है भुगतान किया जा रहा है। कोविड संबंधी भुगतान पहले किए जाएंगे।
सीआर प्रसन्ना, प्रबंध संचालक, सीजीएमएससी

Bhupesh Tripathi
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