मास्टरमाइंड ने कारोबारी का अपहरण करने तीनों आरोपियों को पांच-पांच लाख में किया था हॉयर

- नागपुर भागने के चक्कर में चौथा आरोपी पकड़ा गया
- कपड़ा कारोबारी के अपहरण का मामला

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 25 Oct 2020, 02:27 AM IST

रायपुर. सिविल लाइन इलाके के कपड़ा कारोबारी का अपहरण करने के लिए मास्टरमाइंड आमीन अली ने बाकी आरोपियों को ५-५ लाख रुपए देने का आश्वासन देकर घटना में शामिल किया था। आरोपियों से पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है। शुक्रवार को चौथा किडनैपर संदीप धु्रव गिरफ्तार हो गया। संदीप नागपुर भागने के फिराक में था। इस दौरान पुलिस ने उसे रेलवे स्टेशन में पकड़ लिया। आमीन अली, पीयूष रायचूरा और फ्रांसिस मांझी गुरुवार को ही गिरफ्तार हो गए थे। उल्लेखनीय है कि कपड़ा कारोबारी आमिर सोहेल का बुधवार की रात बदमाशों ने शंकर नगर से अपहरण कर लिया था। इसके बाद उसके परिजनों से ३० लाख की फिरौती मांग रहे थे। परिजनों ने पुलिस की मदद से फिरौती के बहाने आमीन को भाठागांव में बुलाया और पकड़ लिया। इसके बाद किडनैपरों की दूसरी टीम पीयूष, फ्रांसिस और संदीप को फिंगेश्वर के घटारानी के पास घेराबंदी करके सोहेल को छुड़ाया गया। इस बीच संदीप मौका देखकर भाग निकला था। दूसरी ओर आईपीएल क्रिकेट के पैसे के लेन-देन के चलते अपहरण की चर्चा है, लेकिन पुलिस अफसरों ने इससे इनकार किया है।

जल्द पैसा कमाने की सनक
पुलिस के मुताबिक आमीन को जल्द पैसा कमाने की सनक थी। उसका सोहेल के दुकान में आना-जाना था। इस कारण दोनों में पहचान थी। उसके कारोबार को देखकर उसने उसके अपहरण का प्लान बनाया और अपने साथियों पीयूष, फ्रांसिस और संदीप को प्लान बताया। सभी को फिरौती की रकम से ५-५ लाख रुपए देने का आश्वासन दिया। इसके बाद इंस्टाग्राम में युवती की फर्जी आईडी बनाकर सोहेल से चैटिंग करता रहा।

फोन पर बात करने से किया इनकार
सोशल मीडिया में चैटिंग के दौरान सोहेल ने कई बार फोन नंबर मांगा, लेकिन उसने नहीं दिया और खुद को युवती बताते हुए लगातार चैटिंग करता रहा। इसके बाद कपड़ा दिखाने के बहाने उसे शंकर नगर में बुलाया गया। इसके बाद अपहरण करके उसे ले गए। पुलिस ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है।

आरोपियों का नहीं मिला क्राइम रिकार्ड
अपहरण के आरोप में गिरफ्तार चारों आरोपियों का पुलिस को अब तक क्राइम रिकार्ड नहीं मिला है। और न ही पुलिस पकड़े गए युवकों के कोई स्थायी कामकाज का पता लगा सकी है। सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए युवक कुछ सटोरियों के लिए बाउंसर का काम करते हैं। और कलेक्शन एजेंट के तौर पर भी काम कर चुके हैं। हालांकि पुलिस अफसरों का दावा है कि उनके पास आरोपियों के कामकाज को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं है।

पूरा मामला अपहरण का है। चौथा आरोपी भी गिरफ्तार हो गया है। सभी को जेल भेज दिया गया है। किडनैपरों के कामकाज के संबंध में पता नहीं चल पाया है।
-आरके मिश्रा, टीआई, सिविल लाइन, रायपुर

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