ब्लैकमेल-धोखाधड़ी करने वाले फर्जी पुलिस अफसर के खिलाफ पीडि़ता ने दर्ज कराया कलमबद्ध बयान

पुलिस अफसर बनकर कभी नौकरी लगवाने के नाम पर तो कभी शादी करने का झांसा देकर दैहिक और आर्थिक शोषण करने वाले पीयूष तिवारी के खिलाफ बिलासपुर की पीडि़ता ने सोमवार को अपना कलमबद्ध बयान दर्ज कराया। आरोपी पीडि़ता के विवाहित होने के बाद उसे ब्लैकमेल कर रहा था। साथ ही फर्जी दस्तावेज बनाकर पीडि़ता के पिता, भाई और पति के खिलाफ कुम्हारी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया।

By: narad yogi

Updated: 06 Jan 2020, 11:51 PM IST

रायपुर. पुलिस अफसर बनकर कभी नौकरी लगवाने के नाम पर तो कभी शादी करने का झांसा देकर दैहिक और आर्थिक शोषण करने वाले पीयूष तिवारी के खिलाफ बिलासपुर की पीडि़ता ने सोमवार को अपना कलमबद्ध बयान दर्ज कराया। आरोपी पीडि़ता के विवाहित होने के बाद उसे ब्लैकमेल कर रहा था। साथ ही फर्जी दस्तावेज बनाकर पीडि़ता के पिता, भाई और पति के खिलाफ कुम्हारी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। इसके बाद अश्लील वीडियो व फोटो होने और उसे सोशल मीडिया में वायरल करने के नाम पर करीब एक साल से पीडि़ता का आर्थिक, मानसिक व शारीरिक शोषण कर रहा था। इसकी शिकायत पुलिस के आला अफसरों से करने के बाद कोतवाली पुलिस ने पीयूष के खिलाफ वसूली, दुष्कर्म और धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है। उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई है।

कलमबद्ध बयान में बताई अपनी पीड़ा
पीडि़ता का न्यायाधीश मंजूषा टोप्पो के कोर्ट में पुलिस ने धारा 164 के तहत कलमबद्ध बयान कराया। बताया जाता है कि इस दौरान पीडि़ता ने न्यायाधीश के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की। उल्लेखनीय है कि पीडि़ता से पीयूष ने खुद को पुलिस अफसर बताकर दोस्ती की थी। फिर बाद में अविवाहित बताकर शादी का झांसा दिया। कुछ महीने बाद असलियत का खुलासा होने पर पीडि़ता ने उसका साथ छोड़ दिया और दूसरे लड़के से शादी कर ली। इसके बाद पीयूष उसके पीछे पड़ गया और अपने पुराने संबंधों के आधार पर पीडि़ता, उसके पति और परिवार के अन्य लोगों को डराने-धमकाने और झूठी एफआईआर में फंसाने की धमकी देता रहा। इस बीच उसने पीडि़तों पर दो एफआईआर भी कराए। इसके बाद भी अश्लील वीडियो-फोटो वायरल करने के नाम पर ब्लैकमेल कर रहा था।

पीएचक्यू के अफसर से है संबंध
सूत्रों के मुताबिक आरोपी पीयूष के पीएचक्यू के पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी से नजदीकी संबंध हैं। इसके चलते उसकी गिरफ्तारी पुलिस नहीं कर पा रही है। उन्हीं अधिकारी के सहयोग से पीयूष ने मौदहापारा और कुम्हारी थाने में पीडि़ता और उसके परिवार के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में अपराध दर्ज कराया है। बताया जाता है कि वे अधिकारी एक जिले में पदस्थ थे, तो आरोपी उनका वायरलेस सेट लेकर घूमता था। और थानों के स्टॉफ पर रौब झाड़ता था।

जेल जा चुका है आरोपी
आरोपी पीयूष के खिलाफ कोतवाली थाने में अपराध दर्ज हुआ था। इसके अलावा सूरजपुर के जयनगर थाने में भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। इस मामले में वह जेल भी गया था। उसके खिलाफ कई थानों में अपराध और शिकायत होने का पता चला है। फिलहाल उसके रसूख के चलते पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पा रही है।

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