रुक नहीं रही स्टांप ड्यूटी की चोरी, मकानों की खरीदी के दौरान रजिस्ट्री में नकदी से भी पेमेंट

ये खेल पंजीयक विभाग सांठ-गांठ से हो रहा है। अधिकतर मामलों में पंजीयक बिना स्पॉट निरीक्षण के ही रजिस्ट्री कर देते हैं। इससे शासन को स्टांप ड्यूटी से मिलने वाले राजस्व का नुकसान हो रहा है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 30 Jun 2020, 04:25 PM IST

रायपुर. मकानों की खरीदी के दौरान रजिस्ट्री में चेक से पेमेंट की अनिवार्यता के बाद भी स्टाम्प ड्यूटी की चोरी नहीं रुक रही है। दलाल अब भी स्टांप ड्यूटी राशि की चोरी करते हैं। मकान बनने के बाद भी प्लॉट की रजिस्ट्री कराई जाती है। यहां आधा भुगतान चेक व आधा भगुतान नकद किया जा रहा है। ये खेल पंजीयक विभाग सांठ-गांठ से हो रहा है। अधिकतर मामलों में पंजीयक बिना स्पॉट निरीक्षण के ही रजिस्ट्री कर देते हैं। इससे शासन को स्टांप ड्यूटी से मिलने वाले राजस्व का नुकसान हो रहा है।

70-80 रजिस्ट्रियां हो रही हैं रोज

राजधानी में अभी भी हर रोज 70 से 80 रजिस्ट्रियां रोज हो रही हैं, लेकिन फिर भी सरकार के राजस्व में पर्याप्त राशि नहीं पहुंचती है। बीते तीन साल के आंकड़ों के मुताबिक, सत्र शुरू होने से अप्रैल से सितंबर तक 250 करोड़ से ज्यादा राशि विभाग को देनी थी, लेकिन यह आंकड़ा करीब 120 करोड़ रुपए ही था। दूसरी ओर, अफसरों का कहना है, नए नियम से रजिस्ट्री की कम हो रही हैं।

 

ये है नियम

 

नए नियम के तहत रजिस्ट्री के दौरान केवल 20 हजार रुपए की राशि ही नकद दी जाती है। शेष राशि चेक से देनी होगी। इसके लिए बैंक से ट्रांजेक्शन जरूरी है। यहां से वित्तीय लेन-देन पर आयकर विभाग की भी नजर रहती है कि कौन-कौन बड़ी राशि का भुगतान कर जमीन के सौदे करते हैं।

 

कलेक्टर गाइडलाइन रेट का भी असर

रियल एस्टेट मार्केट के अनुसार वर्ष 2020-21 में राजधानी के किसी भी वार्ड में कलेक्टर गाइड लाइन रेट को पूर्ववत की गई थी, इसके बाद भी कई वार्डों में जमीन की कीमत बढ़ा दी गई। इससे बाजार भाव का अंतर बढ़ गया और बड़े सौदों की रजिस्ट्री रुक गई। रही सही कसर चेक की अनिवार्यता से पूरी हो गई। इससे विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा है ।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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