छत्तीसगढ़ में कोरोना पीक गुजरा, ये 3 संकेत जो बताते हैं कि अब बेहतर हो रहे हैं हालात

छत्तीसगढ़ कोरोना महामारी की अप्रैल त्रासदी से गुजर चुका है, पीक खत्म हो चुका है। मई का महीना थोड़ी-थोड़ी राहत के साथ आगे बढ़ रहा है। आंकड़े इसे प्रमाणित भी कर रहे हैं।

By: Ashish Gupta

Updated: 17 May 2021, 08:20 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ कोरोना महामारी (Corona Pandemic) की अप्रैल त्रासदी से गुजर चुका है, पीक (Corona Peak passed in Chhattisgarh) खत्म हो चुका है। मई का महीना थोड़ी-थोड़ी राहत के साथ आगे बढ़ रहा है। आंकड़े इसे प्रमाणित भी कर रहे हैं। अप्रैल में छत्तीसगढ़ देश के टॉप 10 कोरोना एक्टिव मरीजों वाले राज्यों की सूची में दूसरे नंबर पर था। हमसे ऊपर सिर्फ महाराष्ट्र था, जो सर्वाधिक संक्रमित राज्य है। मगर, मई के 15 दिनों हालात कुछ इस तरह से नियंत्रण में आ रहे हैं कि अब हम सर्वाधिक एक्टिव मरीजों वाले राज्यों की सूची में 10वें नंबर पर हैं। जल्द इस सूची से बाहर भी हो सकते हैं।

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यह इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि राज्य ने कोरोना पर नियंत्रण पाने के लिए कई बड़े फैसले लिए। बीते डेढ़ महीने से प्रदेश Lockdown के साये में रहा, 30 मई तक कुछ छूट के साथ सख्ती बरकरार रहेगी। मई के 15 दिन इसलिए भी अहम हैं, क्योंकि 1 मई को 15,902 मरीज रिपोर्ट हुए, लेकिन हफ्ते पूरा होते-होते 8 मई को आंकड़ा 12,239 पर आ गया। 9 मई से लगे दूसरे हफ्ते की शुरुआत 9,120 मरीजों के रिपोर्ट होने से हुई और 15 मई को संक्रमित मरीजों की संख्या 7,664 पर ठहरी। पूरे लॉकडाउन में लोगों ने भी संयम रखा। जिसे आगे भी बनाए रखने की जरुरत है।

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न भूलें कोरोना जिंदा है

विशेषज्ञों-डॉक्टरों का कहना है कि यह कोरोना है, जो कभी भी पलटवार कर सकता है। यह नहीं भूलना चाहिए कि वायरस समुदाय में है। रोजाना 7 हजार मरीज रिपोर्ट हो रहे हैं। लड़ाई लंबी चलनी है। इसलिए नियमों का पालन करते रहें।

3 संकेत, जो बताते हैं कि हालात काबू में आ रहे हैं

बेड की उपलब्धता- स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट के मुताबिक राज्य में 11,703 ऑक्सीजनयुक्त बेड हैं। जिनमें से 6,937 बेड खाली हैं। 2,331 आईसीयू बेड में से 927 और 1,091 वेंटिलेटर बेड में से 335 खाली हैं। जबकि अप्रैल में हालात यह थे कि एक भी बेड खाली नहीं थे। मरीजों को अस्पताल लेने से मना कर रहे थे।

ऑक्सीजन की खपत कम हुई- राज्य में जहां 180 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की खपत जा पहुंची थी, अब 150 के अंदर आ गई है।

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रेमडेसिविर की मांग घटी- अप्रैल में अस्पताल धड़ल्ले से इस इंजेक्शन का इस्तेमाल कर रहे थे। मगर, सख्ती के बाद सिर्फ जरुरतमंद मरीजों के लिए अस्पताल मांग रह रहे हैं। 5 हजार की ही मांग है। अब तो आईसीयू में भर्ती हर मरीज को भी इस इंजेक्शन की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।

स्वास्थ्य विभाग के महामारी नियंत्रण कार्यक्रम के प्रवक्ता एवं संचालक डॉ. सुभाष मिश्रा ने कहा, बीते हफ्तेभर से मरीजों की संख्या में कमी आई है। मई के अंत तक स्थिति और बेहतर होने का अनुमान है। ध्यान रखना होगा कि नियमों का पालन ही संक्रमण के फैलाव को रोक सकता है।

आंकड़ों के जरिए समझें, कैसे 2 हफ्ते में बदले हालात
पहला हफ्ता, 1 से 8 मई
कुल संक्रमित- 86,257, स्वस्थ हुए- 95,608, मौतें- 1,801
दूसरा हफ्ता, 9 से 15 मई
कुल संक्रमित- 65,233, स्वस्थ हुए- 81,135, मौतें- 1209

शीर्ष 10 राज्यों की सूची जहां सर्वाधिक एक्टिव मरीज
राज्य- एक्टिव मरीज
कर्नाटक- 6,05,494
महाराष्ट्र- 4,94,032
केरल- 4,45,333
राजस्थान- 2,08,688
तमिलनाडु- 2,07,789
आंध्रप्रदेश- 2,07,467
उत्तरप्रदेश- 1,77,643
पश्चिम बंगाल- 1,31,948
गुजरात- 1,11,263
छत्तीसगढ़- 1,10,401
(नोट- 16 मई की रिपोर्ट आंकड़ों के मुताबिक)

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