मां और बच्चे के लिए खतरनाक हैं प्रेगनेंसी में मिलने वाले ये संकेत

गर्भावस्था के नौ महीने बहुत नाजुक होते हैं और इस समय कई तरह की जटिलताएं आने का भी खतरा रहता है। प्रेगनेंट महिला की डिलीवरी आसानी से हो जाए और उसमें किसी तरह की दिक्कत के आने से बचने के लिए आराम और देखभाल बहुत जरूरी है। हालांकि, कई बार प्रेगनेंट महिलाओं को डिलीवरी या गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। किसी बाहरी कारण, स्वास्थ्य समस्या या दुर्घटना के कारण प्रेगनेंसी में कोई दिक्कत आ सकती है। अगर आपको यहां बताए गए संकेत मिल रहे हैं तो उन्हें नजरअंदाज न करें। ये संकेत गर्भावस्था

By: lalit sahu

Published: 28 Sep 2020, 07:41 PM IST

कॉन्ट्रैक्शन
वैसे तो प्रेगनेंसी के दौरान पेट में हल्की ऐंठन होना आम बात है लेकिन अगर तेज कॉन्ट्रैक्शन यानी संकुचन महसूस हो रहा है तो यह गंभीर समस्या हो सकती है। डिलीवरी डेट से काफी समय पहली बार या दर्दभरी कॉन्ट्रैक्शन होना प्रीमैच्योर लेबर का संकेत हो सकता है।

इस बारे में तुरंत डॉक्टर को बताएं। डिलीवरी से कुछ दिनों पहले ही फॉल्स लेबर पेन भी होने लगता है जिसे महिलाएं समझ नहीं पाती हैं। अगर ये कॉन्ट्रैक्शन बहुत ज्यादा हो रही है तो इसे नजरअंदाज करना मां और बच्चे दोनों के लिए सही नहीं है।

हैवी ब्लीडिंग
कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के शुरुआती दिनों ब्लीडिंग की शिकायत होती है जोकि नॉर्मल बात है। इसे इंप्लांटेशन ब्लीडिंग भी कहा जाता है। अगर प्रेगनेंट महिला को खासतौर पर प्रेगनेंसी के आखिरी दिनों में बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है तो इसे हल्के में न लें।

जिन महिलाओं में प्लेसेंटा गलत जगह पर होता है, उनमें इस तरह की ब्लीडिंग का खतरा अधिक होता है। ये मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक होता है।

वैजाइनल डिस्चार्ज
गर्भावस्था के समय में वैजाइनल डिस्चार्ज होना सामान्य बात है लेकिन पतला फ्लूइड निकलना खतरनाक हो सकता है। आमतौर पर यह पानी की थैली फटने का संकेत हो सकता है और ऐसा डिलीवरी डेट से कुछ दिन पहले होता है। ऐसी स्थिति में प्रेगनेंसी पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।

गर्भ में शिशु के आसपास एमनिओटिक फ्लूइड होता है तो शिशु को सुरक्षा प्रदान करता है। इसी एमनिओटिक फ्लूइड को पानी की थैली कहा जाता है। शिशु के विकास के लिए यह बहुत जरूरी होता है। यदि समय से पहले पानी की थैली फट जाए तो कोई गंभीर जटिलता पैदा हो सकती है।

आंखों में धुंधलापन
प्रेगनेंसी के आखिरी दो महीनों में चक्कर आने और आंखों से धुंधला दिखाई दे सकता है। अगर आपको फोकस करने में दिक्कत आ रही है या धुंधला दिखाई दे रहा है तो तुरंत डॉक्टर को बताएं। डायबिटीज से ग्रस्त प्रेगनेंट महिलाओं के लिए खासतौर पर दिक्कत हो सकती है।

हाथ पैरों में सूजन
प्रेगनेंसी के दिनों में हाथ पैरों या अन्य अंगों में सूजन होना आम बात है लेकिन अगर सूजन वाली जगह पर दर्द हो या उस पर लालिमा और रैशेज आ जाए तो यह चिंता की बात हो सकती है।
खून का थक्का जमने के कारण ऐसा हो सकता है इसलिए अपनी स्किन पर बारीकी से नजर रखें। हाथ या पैर में दर्दभरी सूजन आए तो तुरंत डॉक्टर को बताएं।

lalit sahu Desk
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