इस थर्ड जेंडर की लिखी जा रही बॉयोग्राफी, एंटरप्रिन्योर से लेकर ज्योतिषी तक सफर

डिप्रेशन को मात देकर बने आत्मनिर्भर

By: Tabir Hussain

Published: 30 Jun 2020, 11:16 PM IST

ताबीर हुसैन @ रायपुर. किसी भी थर्ड जेंडर को फैमिली का सपोट कम ही मिल पाता है। समाज तो कभी एक्सपेक्ट ही नहीं करता। नतीजन वे या तो ट्रेन में नजर आते हैं या नृत्य करते। आज हम आपको एक थर्ड जेंडर से रूबरू करवा रहे हैं। नाम है भैरवी रवि अमरानी। ये न सिर्फ एंटरप्रेन्योर हैं बल्कि सम्भवत: देश की पहली थर्ड जेंडर एस्ट्रोलॉजिस्ट हैं। तो कहानी कुछ ऐसी है कि जब कोई टीनएज की दहलीज तक पहुंचता है तो उसमें जेंडर के मुताबिक बदलाव नजर आने लगते हैं। भैरवी लड़का होते हुए भी खुद को लड़की अनुभव करता था। वक्त रहते उसे यह बात समझ में आ गई कि वो औरों से अलग है। उसे लगता वही एक है जो ऐसी लाइफ जी रहा है। एक दिन उसे पता चल गया कि इस तरह कई लोग हैं। इससे पहले भैरवी डिप्रेशन का शिकार हुआ । उसे लगने लगा जिंदगी यहीं खत्म हो रही है। लेकिन उसने खुद को संभाला। भैरवी ने बताया, पिता के निधन के बाद हम कर्ज में आ गए। घर की जिम्मेदारी मुझ पर थी। मैंने बेकरी का काम शुरू किया। उसे एक ऊंचाई तक पहुंचाया। अब हम लगभग कर्जमुक्त भी हो गए।

परिवार को लिया विश्वास में, मिला सपोट

अक्सर थर्ड जेंडर को परिवार का साथ नहीं मिलता। मैंने उन्हें कन्वेंस किया औऱ यकीन दिलाया कि मुझे न तो कमतर आंके और न सैम्पेथी रखें। मैंने अपने काम से यह साबित भी किया। आज हम सभी खुश हैं। मैं परिवार के साथ समाज का भी हिस्सा हूँ।जया जादवानी लिख रहीं बुकभैरवी ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट हैं। इंटरप्रेन्योर, एस्ट्रोलॉजर व लाइफ कोच हैं। उनकी इन्हीं खूबियों को देखते हुए लेखिका जया जादवानी उनकी बायोग्राफी भी लिख रही हैं। वे बहुत समय से पेटा( पीपुल फ़ॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स) के मेंबर हैं। साथ हो नेचर फॉरएवर सोसायटी जो कि विशेषरूप से सोन चिरैया को बचाने के लिए प्रयासरत संस्था है, के मेम्बर हैं।

ज्योतिष में पीएचडी की तैयारी

मैंने इंग्लिश लिटरेचर में मास्टरी की है। टूरिज़्म पर दो साल का ग्रेजुएट प्रोग्राम किया है। इसके अलावा मैंने फाइन आर्ट में 4 साल का स्पेशलाइजेशन किया है। डॉक्टर मोहित शुक्ला से गुरु-शिष्य परंपरा के तहत ज्योतिष की शिक्षा ली। आगे मेरी योजना ज्योतिष पर पीएचडी की है। आगे मैं ऐसे लोगों के लिए काम करना चाहूंगा जो थर्ड जेंडर होने के कारण समाज से कट जाते हैं और अपनी लाइफ यूं ही गुजार देते हैं। जबकि उनके पास जीवन में काफी कुछ है।

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