इस डाक्यूमेंट के बिना मकान-खरीदना-बेचना पड सकता है महंगा

अधिकारियों ने बताया कि बिजली कंपनी के नियम के अनुसार किसी व्यक्ति द्वारा भवन, दुकान, मकान से संबंधित खरीदी बिक्री करें तो मीटर लगे होने की स्थिति में कंपनी से एनओसी लेना होता है

By: Karunakant Chaubey

Published: 10 Jun 2019, 09:28 PM IST

रायपुर. मकान खरीदी बिक्री के समय बिजली कंपनी से एनओसी लेना जरूरी है। नहीं लेने पर उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की जा सकती है।बिजली कंपनी में एेसे कई मामले आ रहे हैं, जिसमें मकान, दुकान, फ्लैट आदि लेने के बाद सभी विभाग से एनओसी लेते हैं ।

लेकिन बिजली कंपनी से बिल बकाए के संबंध में एनओसी की बाध्यता नहीं है। एेसे में मकान खरीदार को नोटिस का सामना करना पड़ता है। एेसी स्थिति में वे लगातार बिजली कार्यालय के चक्कर काटते रहते हैं। लेकिन नियम के अनुसार उन्हें मीटर के पेंडिंग राशि का भुगतान करना ही पड़ता है।

ये है बिजली कंपनी के नियम

अधिकारियों ने बताया कि बिजली कंपनी के नियम के अनुसार किसी व्यक्ति द्वारा भवन, दुकान, मकान से संबंधित खरीदी बिक्री करें तो मीटर लगे होने की स्थिति में कंपनी से एनओसी लेना होता है।

क्योंकि जिस जगह जमीन पर बिजली मीटर लगा होता है। विभाग उसपर बकाया वसूलती है फिर वह किसी भी व्यक्ति द्वारा उपयोग किया जा रहा हो या किसी के नाम से हो। अब उपभोक्ता द्वारा नहीं चुकाने की स्थिति में उसे डिफाल्टर घोषित कर कंपनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।

राजधानी में बंद या जमा मीटर पर बकाया

उपभोक्ताओं की संख्या - 10 हजार

बकाया - 10-10 करोड़ रुपए
समय - 2 से 15 साल तक पुराने

मकान, भवन, जमीन खरीदने पर उपभोक्ताओं को ध्यान रखना चाहिए कि उसपर जो पुराने मीटर लगे हुए हैं। उसमें किसी तरह का बकाया तो नहीं। इस स्थिति में बिजली विभाग से उन्हें एनओसी लेना होता है।

-एके लखेरा, अधीक्षण यंत्री, बिजली विभाग

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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