कोरोना की रफ्तार: इस माह आंकड़ा पहुंच सकता है 20,000 के पार, 18 मार्च को मिला था पहला संक्रमित

अभी 6 से 7 हजार सैंपल ही लग पा रहे हैं और औसतन 294 मरीज मिल रहे हैं। उधर, 18 मार्च को प्रदेश में पहला कोरोना संक्रमित मरीज मिला था। 19 मई को राज्य में 1000वां मरीज मिला था, यानी पूरे 62 दिनों के बाद। इसके बाद 1000 मरीज मिलने में 18 दिन लगे।

By: Karunakant Chaubey

Published: 05 Aug 2020, 11:28 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण जिस रफ्तार से फैल रहा है, उससे अगले 25 दिनों में (30 अगस्त तक) संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 20 हजार के पार जाना मुश्किल दिखाई नहीं पड़ रहा। यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। बसरते 10000 सैंपलों की रोजाना जांच हो। बहरहाल अभी 6 से 7 हजार सैंपल ही लग पा रहे हैं और औसतन 294 मरीज मिल रहे हैं। उधर, 18 मार्च को प्रदेश में पहला कोरोना संक्रमित मरीज मिला था। 19 मई को राज्य में 1000वां मरीज मिला था, यानी पूरे 62 दिनों के बाद। इसके बाद 1000 मरीज मिलने में 18 दिन लगे।

10000 वां मंगलवार 4 अगस्त को रिपोर्ट हुआ। यानी हजार वें मरीज मिलने के पूरे 58 दिन बाद। जुलाई-अगस्त कोरोना काल के ऐसे दो महीने रहे हैं जिनमें कोरोना वायरस ने वीआईपी बंगलों में भी जा घुआ। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के बंगले से 10 मरीज, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के बंगले से 5, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के बंगले से 2, राजभवन से 2 और सांसद सुनील सोनी के ड्राइवर-पीएसओ भी संक्रमित पाए जा चुके हैं।

बीते 17 दिनों का ट्रेंड

17 दिनों में औसतन 6 हजार टेस्ट हुए। जिनमें से 5000 मरीज संक्रमित पाए गए। यानी 294 मरीज रोजाना।

संक्रमण की जद में शहर- रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, जांजगीर चांपा और बलौदाबाजार। अकेले रायपुर में 3300 से अधिक मरीज रिपोर्ट हो चुके हैं।

मंगलवार से फिर बढऩे लगे मरीज

शनिवार, रविवार और सोमवार को छुट्टियां पडऩे की वजह से आधे सैंपल की ही जांच हो सकी, क्योंकि लैब के कर्मचारी छुट्टी पर थे। इसलिए इस दौरान कम मरीज मिले। मगर, मंगलवार से फिर संख्या बढऩी शुरू हो गई है। 381 नए मरीज मिले। हालांकि राज्य के लिए अच्छा है कि वायरस लोड कम होने की वजह से मरीज जल्दी ठीक हो रहे हैं। अब तक 761 मरीज स्वस्थ हुए हैं। प्रदेश का रिकवरी रेट 75.5 पहुंच गया।

अगर रोजाना 10000 सैंपल का टेस्ट होगा तो बिल्कुल, मुमकिन है कि 1 हजार मरीज संक्रमित मिलें। हम उन्हें ढूंढ़ पाएंगे। तभी संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। वरना लोग ठीक हो ही रहे हैं।
-डॉ. कमलेश जैन, प्रोफेसर, पीएसएम, पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज

जितने ज्यादा टेस्ट होंगे, उतने ज्यादा मरीज मिलेंगे। धीरे-धीरे टेस्ट की क्षमता बढ़ाई जा रही है। ३ आरटी-पीसीआर टेस्टिंग लैब और नई ट्रूनेट मशीन लगाई गई हैं।

-डॉ. सुभाष पांडेय, प्रवक्ता एवं संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य विभाग

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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