सैकड़ों डॉक्टर, हजारों फ्रंटलाइन वॉरियर्स और लाखों लोगों के बलिदान पर भारी हमारी जरा सी लापरवाही

राजधानी में 1400, प्रदेश में 6 हजार पार हुई कोरोना संक्रमितों की संख्या

By: Nikesh Kumar Dewangan

Published: 24 Jul 2020, 07:52 PM IST

रायपुर. राजधानी रायपुर समेत समूचे प्रदेश में कोरोना संकट लगातार गहरता जा रहा है। ऐसी कोई कॉलोनी, बस्ती नहीं बची जहां से मरीज नहीं मिल रहे हैं। मंत्रालय के गेट से लेकर मुख्यमंत्री निवास के बाहर तैनात सुरक्षा गार्ड, मंत्री-सांसद के पीएसओ, आईपीएस अधिकारी, राज्य सेवा के अधिकारी-कर्मचारियों समेत हर कोई वायरस की चपेट में हैं। मगर, वायरस के हम तक और हमारे घरों तक पहुंचने के पीछे हमारी जरा सी लापरवाही है। हम मास्क नहीं लगाते, हाथ साबुन से नहीं धोते, सोशल-फिजिकल दूरी बनाकर नहीं रख पाते। खुद से सवाल पूछिए, तो जवाब मिलेगा हम ही जिम्मेदार हैं, लापरवाह हैं और हम ही अपने समुदाय, शहर, प्रदेश, देश को खतरे में डल रहे हैं।

सोचकर देखिए, इस महामारी को मात देने के लिए सैकड़ों डॉक्टर, नर्स, तकनीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ दिन रात से इलाज में जुटे हुए हैं। कई पुलिसवाले घर परिवार से दूर रहकर हमारी आपकी सुरक्षा में लगे हैं, व्यवस्था बनाने में लगे हैं। इतना ही नहीं हजारों फ्रंट लाइन वॉरियर्स दिन-रात अपनी जान की परवाह किए बगैर कोरोना के विरुद्ध खड़े हैं। इतना ही नहीं, लाखों नागरिक जिनमें कारोबारी, व्यापारी, उद्योगपति से लेकर आम दुकानदार, आम नागरिक कारोबार ठप कर घरों में बैठे हैं ताकि इस महामारी पर जीत दर्ज की जा सके। मगर, कुछ हजार लोगों की लापरवाही कोरोना को फैलने में मदद पहुंचा रही है। सोचिए, कहीं हम भी उनमें शामिल तो नहीं...।

नियमों का पालन करने से ही दे सकते हैं कोरोना को मात

स्टेट कांटेक्ट ट्रेसिंग टीम के सदस्य, डॉ. कमलेश जैन का कहना है कि कोरोना वायरस की जब तक कोई वैक्सीन नहीं आ जाती, हमें नियमों का पूरा-पूरा पालन करना ही होगा। संभवता उसके बाद भी। तभी हम इसे मात दे पाएंगे। हाथ धोएं, मास्क लगाएं व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। इन्हें इस युद्ध का हथियार मानकर चलें। मैं यह नहीं कहता कि आप सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें, महंगे मास्क खरीदें। मोटा रूमाल, गमछा और पकड़े से बने मास्क का इस्तेमाल करें। साबुन से २० से २५ सेकंड तक हाथ धोएं। और हमारी कांटेक्ट ट्रेसिंग टीम से कोई भी जानकारी छिपाएं नहीं। तभी तो हम हर उस व्यक्ति तक पहुंच पाएंगे, जो पॉजिटिव के संपर्क में है।

इनसे लें सबक: इनकी लापरवाही परिवार और पड़ोसियों को अस्पताल ले गई

1. पॉजिटिव वृद्धा का शव रातभर घर में रखा

भाठागांव, रायपुर में कोरोना पॉजिटिव वृद्धा बिना बताए डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल से घर आ गई। जबकि भर्ती के दौरान उसे कोरोना संदिग्ध पाया गया था। सैंपल लिया गया था। वृद्धा की मौत की सूचना परिजनों ने अस्पताल, पुलिस, पार्षद तक को नहीं दी। रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो खोजबीन शुरू हुई तो पता चला कि मोबाइल बंद है। पता पूछते-पूछते विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कोरोना प्रोटोकॉल के मुताबिक दाह संस्कार किया। प्राइमरी कांटेक्ट ट्रेसिंग में 150 लोगों के नाम सामने आए। अब तक 27 संक्रमित हो चुके हैं।
क्या करना है?- अगर, आपका अपना कोई अस्पताल में भर्ती होता है। या उसकी कोरोना जांच होती है तो उसे आइसोलेट (अलग कमरें) रखें। मृत्यु होने पर सूचना 104 पर दें। थाने में दें। शव से दूरी बनाए रखें। पॉजिटिव आने के बाद दाह संस्कार जिला प्रशासन करेगा।

2. पिकनिक गए और ले आए कोरोना

न्यू शांतिनगर, रायपुर स्थित एक परिवार के सदस्य आउटिंग के लिए जैतमई घटारानी गए थे। वहां से लौटे थे, सर्दी-जुकाम-बुखार की शिकायत हुई। जांच करवाने पर तीन सदस्य कोरोना संक्रमित पाए गए। मगर, इसे पहले वे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहे। इस परिवार के 18 लोग संक्रमित पाए गए हैं।

क्या करना है?- कोरोना काल में लॉकडाउन हो या न भी हो, अभी किसी भी पिकनिक स्पॉट या आउटिंग पर नहीं जाना चाहिए।

3. ठेले वाले से सब्जी ली, हाथ धोना भूले

बिरगांव निवासी एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया। कांटेक्ट ट्रेसिंग के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उससे पूछताछ की, तो बताया कि उसने कुछ दिनों पहले ठेलेवाले से सब्जी खरीदी थी। बाजार में भी सब्जी लेने गया था। घर आया तो हाथ नहीं धोए। परिवार के सदस्यों के साथ आम दिनों की तरह ही संपर्क में रहा। इनसे तीन लोग संक्रमित हुए।

क्या करना है?- बाहरी से घर लौटे तो साबुन से हाथ धोने की आदत डाल ही लें। अगर, लंबे तक बाहर हैं या फिर ड्यूटी पर हैं तो घर आएं तो पूरे कपड़े बदलें, कपड़े धोएं और नहाएं। इसके बाद ही घर के किसी भी सामान को हाथ लगाएं।

इन बातों का रखें पूरा ध्यान

  • मिलें तो हाथ जोड़कर नमस्ते करें।
  • 2 से 5 मीटर की दूरी से मिलें, बातें करें।
  • सामान्य तौर पर ही भी किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है 20 से अधिक लोग अंतिम संस्कार में शामिल न हों।
  • भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जानें से परहेज करें। घूमना-फिरना, पिकनिक मनाना भूल जाएं।
  • सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार आने पर तत्काल डॉक्टर की सलाह लें।
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Nikesh Kumar Dewangan Desk
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