शहर में तीन घंटे नो ट्रैफिक नियम, ड्यूटी में तैनात ट्रैफिक जवानों की हो रही हालात खराब

* लोगो में नहीं हैं ई-चालन (Traffic Rule )का खौफ, सुबह-शाम कार्रवाई पर है ट्रैफिक पुलिस( Traffic Police ) का जोर, भीषण गर्मी में झुलस रहे जवान

By: Deepak Sahu

Published: 17 May 2019, 09:05 PM IST

रायपुर। शहर में दोपहर के तीन घंटे नो ट्रैफिक नियम( traffic Rule) जैसे हालात बन गए हैं। चौक-चौराहों पर ट्रैफिक जवानों की संख्या कम हो जाती है। इस कारण वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते हैं। ई-चालन का खौफ भी उन्हें नियम तोडऩे से नहीं रोक पा रहा है। इसकी वजह तेज धूप और गर्मी है। दोपहर 1 से 4 बजे के बीच तेज धूप के साथ गर्म हवा भी चलती है।

इस दौरान चौक-चौराहों पर ड्यूटी में तैनात ट्रैफिक जवानों की हालात खराब हो जाती है। चौराहों पर ट्रैफिक बूथ नहीं है और न ही कोई और वैकल्पिक व्यवस्था है। धूप से बचने केवल एक-एक छतरी दी गई है। वह काफी नहीं है। इससे जवानों के सेहत में विपरीत असर पडऩे लगा है। उल्लेखनीय है कि शहर के 68 ट्रैफिक पाइंटों पर जवानों को तैनात किया जाता है।

ई-चालान का भी खौफ नहीं
भीषण गर्मी का असर ट्रैफिक सिग्नल पर तैनात पुलिस जवानों पर ही नहीं पड़ रही है, बल्कि एक से डेढ़ मिनट रूकने वाले वाहन चालकों पर भी हो रहा है। चौराहे पर ग्रीन सिग्नल होने के लिए कहीं एक मिनट, तो कहीं डेढ़ मिनट तक रूकना पड़ता है। दोपहर 1 से 4 बजे के बीच तेज धूप और गर्मी के चलते कई वाहन चालक ग्रीन सिग्नल होने तक एक मिनट का इंतजार भी नहीं कर पाते। सिग्नल तोडकऱ निकल जाते हैं। उन्हें ई-चालान का डर भी नहीं रहता। सिग्नल तोडऩे के सबसे ज्यादा मामले भी दोपहर के समय के हैं। रोज 100 से अधिक लोग सिग्नल तोड़ रहे हैं।

धूप से बचने छतरी और पानी बोतल
ट्रैफिक पाइंटों में तैनात जवानों को विभाग की ओर से धूप से बचने छतरी दी गई है। साथ ही दोपहर में पानी को बोतल दिया जाता है। छतरी चौक के किनारे लगे रहते हैं। छतरी के नीचे खड़े होने से पूरे चौराहे का ट्रैफिक नियंत्रण नहीं हो पाता है। इस कारण चौक-चौराहों पर दोपहर को ट्रैफिक व्यवस्था अनियंत्रित हो जाती है।

सुबह-शाम की कार्रवाई पर जोर
कड़ी धूप के चलते ट्रैफिक पुलिस सुबह और शाम की कार्रवाई पर ज्यादा जोर दे रही है। ट्रैफिक नियम तोडऩे वालों पर सुबह 10 बजे से 1 बजे तक और शाम को 4 बजे के बाद ज्यादा कार्रवाई कर रहे हैं। इस दौरान ट्रैफिक नियम तोड़ते पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।

ट्रैफिक बूथ नहीं
शहर के चौक-चौराहों पर ट्रैफिक बूथ नहीं है। पहले कुछ चौराहों पर ट्रैफिक बूथ लगे थे, जिससे जवानों को काफी सहुलियत हो जाती थी। अंबेडकर चौक में ट्रैफिक बूथ लगा था। इसी तरह शास्त्री चौक में भी ट्रैफिक बूथ बनाया गया था, जिसमें लाउड स्पीकर से ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित किया जाता था। स्काईवॉक निर्माण के समय ट्रैफिक बूथ को तोड़ दिया गया।


डीएसपी-ट्रैफिक, रायपुर सतीश सिंह ठाकुर का कहना है - ट्रैफिक जवानों को धूप से बचने छतरी दी गई है। इसके अलावा पानी की बोतल भी पहुंचाया जाता है। चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए नियम तोडऩे वालों के खिलाफ चालान कार्रवाई हो रही है।

 

Deepak Sahu
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