तीन मंत्रियों ने झीरम कांड को बताया सुपारी कीलिंग, तत्कालीन रमन सरकार, केन्द्र व एनआईए पर ये बोले...

छत्तीसगढ़ में सात साल पुराने झीरम घाटी कांड की जांच पर राज्य और केंद्र सरकार फिर आमने - सामने हैं। प्रदेश के तीन दिग्गज मंत्रियों ने केंद्र सरकार और एनआईए पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने सोमवार को कहा, झीरम एक सुपारी किलिंग है और तत्कालीन रमन सिंह की सरकार इसमें संलग्न थी। डहरिया छत्तीसगढ़ के कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में संवाददाताओं से मुखातिब थे।

By: Dhal Singh

Updated: 22 Jun 2020, 07:43 PM IST

रायपुर. राजीव भवन में संवाददाताओं के साथ चर्चा में हुए वनमंत्री मोहम्मद अकबर ने पूछा, पांच साल से एनआईए इस मामले की जांच कर रही है। लेकिन क्या इस दौरान उसने पांच पीडि़तों से भी पुछताछ की। उन्होंने कहा, एनआईए कभी कहती है कि जांच हो चुकी है फिर वो कहती है कि जांच चल रही है। उन्होंने पूछा, एनआईए की जांच के बिंदुओं में राजनीतिक षडयंत्र की जांच नहीं है। अकबर ने पूछा, बिलासपुर में जब एनआईए का चालान पेश किया गया तब कहा गया था कि नक्सली आधुनिक हथियारों से लैस थे। लेकिन जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तो भरमार बंदूकें उनके पास से बरामद हुईं। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने पूछा,वे कौन लोग हैं जो जांच से डर रहे हैं। उसे रोकना चाहते हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पूछा, केंद्र सरकार किसके कहने पर सीबीआई जांच से मना कर रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना था, जो जांच हुई है उसमें वे बिंदू जानबूझकर शामिल नहीं किए गए जिससे मामले की साजिश का खुलासा हो। एक दिन पहले झीरम पीडि़तों ने प्रेस कांफ्रेंस करके जांच से खुद को असंतुष्ट बताया था।

भाजपा पर माओवादियों से सांठगांठ का आरोप

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया, छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता माओवादियों से लगातार संपर्क में रहे हैं। उनके साथ मिलकर राजनीतिक लाभ उठाते रहे हैं। हाल ही में दंतेवाड़ा में भाजपा के ज़िला उपाध्यक्ष जगत पुजारी को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है। उनपर माओवादियों को ट्रैक्टर दिलवाने का आरोप है। 2013 में माओवादी नेता पोडियाम लिंगा को सीआरपीएफ़ ने गिरफ़्तार किया था। उसने बयान दिया, वह भाजपा विधायक रहे भीमा मंडावी के गांव तोयलंका का रहने वाला है और रिश्ते में मंडावी का भतीजा है और उनकी मदद करता रहा है। उसने यह भी बताया था कि 2011 के लोकसभा उपचुनाव में माओवादियों ने दिनेश कश्यप की भी मदद की थी। 2014 में रायपुर विमानतल पर एक भाजपा सांसद के वाहन से ठेकेदार धर्मेंद्र चोपड़ा को गिरफ़्तार किया गया था। उसने पुलिस को बयान दिया था कि वह सांसद और माओवादियों के बीच तालमेल का काम करता था।

यह है झीरम कांड
25 मई, 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर की झीरम घाटी में कांग्रेस की चुनावी रैली पर माओवादी हमला हुआ था। इसमें कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल सहित 13 नेताओं के अलावा कुल 29 लोग मारे गए थे और दर्जनों लोग घायल हुए थे। तब राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी। जांच एनआईए को सौंपी गई और न्यायिक जांच के लिए आयोग बनाया गया था। ठीक से एनआईए जांच शुरु होने से पहले केंद्र में यूपीए की सरकार की जगह एनडीए की सरकार आ गई। उसके बाद से ही जांच में लीपापोती शुरू हो गई।

Dhal Singh Desk
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