बाघों के संरक्षण के लिए छत्तीसगए़ को मिली 3.57 करोड़ की पहली किश्त

एनटीसीए ने राज्य को भेजा बजट, राज्य शासन को वित्त विभाग को जारी करनी है राशि

रायपुर. राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने छत्तीसगढ़ में बाघों के संरक्षण के लिए सत्र 2019-20 के लिए 1193 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। स्वीकृति राशि की पहली किश्त 358.03 लाख रुपए (3.58 करोड़ रुपए) राज्य सरकार को जारी कर दिए गए हैं। मगर यह राशि वन विभाग को जारी नहीं की गई । यही वजह है कि राज्य में बाघों की गणना का चौथा चरण (फेज फोर) शुरू ही नहीं हो सका है। अफसरों का दावा है कि चौथे चरण के लिए वन विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों-अधिकारियों को प्रशिक्षण दिलवाया जा चुका है। जैसे ही वित्त विभाग से राशि जारी होगी, आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। पत्रिका ने मिली जानकारी के मुताबिक जनवरी से चौथा चरण शुरू हो सकता है।
वर्तमान में राज्य में तीन टाइगर रिजर्व हैं, जबकि राज्य सरकार ने कोरिया-सूरजपुर जिले में फैले गुरु घासीदास अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने की घोषणा कर दी है। वर्तमान में तीन टाइगर रिजर्व के लिए ही राशि जारी हुई है। एनटीसीए ने एक नवंबर २०१९ को राज्य भेजे गए पत्र में स्पष्ट लिखा है कि पहली किश्त का राशि के इस्तेमाल के बाद द्वितीय किश्त जारी की जाएगी।

बाघों के संरक्षण की कार्ययोजना
बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए एनटीसीए की मदद ली जाएगी। संरक्षण के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान के अध्ययन के प्रस्ताव पर २५ नवंबर को हुई राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में मंजूरी दी गई। इसके साथ ही बाघों को रेडियो कॉलर लगने की भी तैयारी है।

इतनी राशि मिलनी है
टाइगर रिजर्व कुल बजट पहली किश्त
इंद्रावती 336.31 85.3
अचानकमार 498.38 130.42
उदंती-सीतानदी 358.6 142.3
(नोट- राशि लाख में है।)

Nikesh Kumar Dewangan
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