शादी मुहूर्त के लिए अब चार महीने तक करना होगा इंतजार, देव पंचांग में आज आखिरी मुहूर्त

शादी-विवाह के लिए शुभ मुहुर्त आखिरी चल रहा है। देव पंचांग के अनुसार 3 जुलाई को आखिरी मुहूर्त है। जबकि अन्य पंचागों में 15 जुलाई के बीच दो से तीन तारीखों में होने से शादियां हो सकती है।

By: Ashish Gupta

Published: 03 Jul 2021, 10:53 AM IST

रायपुर. शादी-विवाह के लिए शुभ मुहुर्त आखिरी चल रहा है। देव पंचांग के अनुसार 3 जुलाई को आखिरी मुहूर्त है। जबकि अन्य पंचागों में 15 जुलाई के बीच दो से तीन तारीखों में होने से शादियां हो सकती है, इसके बाद चार महीने तक शुभ मुहूर्त के लिए लोगों को इंतजार करना होगा। क्योंकि 12 जुलाई को महाप्रभु की रथयात्रा है और 23 जुलाई को गुरु पूर्णिमा मनने के साथ ही चातुर्मास प्रारंभ होगा। मांगलिक कार्यों के लिए मुहूर्त नहीं है। क्योंकि देवताओं का शयनकाल होता है। नवंबर में तुलसी पूजन से शुभ मुहूर्त प्रारंभ होगा।

शहर के अनेक जगहों पर रथयात्रा का उत्सव मनता है। जेष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि पर भगवान महाप्रभु की अत्यधिक स्नान से तबीयत नासाज हुई। पौराणिक परंपरा के अनुसार जगन्नाथ स्वामी मंदिरों में जहां भगवान महाप्रभु को सुबह-शाम काढ़े का भोग लगाया जा रहा है,ताकि भगवान स्वस्थ हो सके, अभी बीमार चल रहे हैं। स्वस्थ होकर महाप्रभु अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अलग-अलग रथों में विराजकर भक्तों को दर्शन देने के लिए मौसी गुंडिचा के घर जाएंगे और 9 दिनों तक मौसी के घर में विश्राम करेंगे। वहीं रथयात्रा के लिए रथों को तैयार करने के लिए कारीगरों और पेंटरों को बुलाया गया है। ताकि खराब हो चुके रथों को ठीक कराकर रंगरोगन कराया जा सके।

कोरोना संक्रमण कम होने पर अधिक हुए आयोजन
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर कमजोर पडऩे के साथ ही शहर में गांवों में शादी समारोह अधिक हुए हैं। कोरोना पीक अप्रैल-मई में होने के कारण मुहूर्त होने पर भी कार्यक्रम नहीं हुए थे, क्योंकि पूरी तरह लॉकडाउन की स्थिति थी। जिला प्रशासन द्वारा छूट दिए जाने और मैरिज पैलेस भी खोल दिए जाने से शादी समारोह में तेजी आई। शहर के अनेक परिवारों ने आयोजन संपन्न किया। पंडितों के अनुसार लगातार 10 दिनों से मुहूर्त होने के कारण विवाह समारोह संपन्न कराए गए।

आज आखिरी मुहूर्त
महामाया मंदिर के पंडित मनोज शुक्ला के अनुसार देव पंचांग की तिथियों के अनुसार 3 जुलाई को आखिरी मुहूर्त है। जबकि लाला रामस्वरूप और कांशी पंचांग में 10, 12 और 14 जुलाई को मांगलिक कार्यों का मुहूर्त बताया गया है। इसलिए जो लोग छत्तीसगढ़ से प्रकाशित देव पंचांग को मानते हैं, वे 3 जुलाई के बाद विवाह समारोह नहीं करेंगे।

Ashish Gupta
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