14 पॉजिटिव में अधिकांश की गुजरात, पश्चिम बंगाल, ओडिशा की ट्रैवल हिस्ट्री

22 मरीजों का एम्स में इलाज: सीमा पार कर दाखिल हुए थे छत्तीसगढ़ में

By: Nikesh Kumar Dewangan

Updated: 05 May 2020, 06:15 PM IST

रायपुर. राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में रविवार की देर रात दुर्ग के 8 तथा कबीरधाम जिले के 6 कोरोना पॉजिटिव मरीज सोमवार सुबह करीब 7 बजे पहुंचे। 14 कोरोना पॉजिटिव में 12 पुरुष और 2 महिलाएं हैं। इसमें एक 5 साल का मासूम भी शामिल है, जो कबीरधाम का रहने वाला है। सभी को आयुष बिल्डिंग के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।
अब एम्स में कोरोना वायरस के एक्टिव रोगियों की संख्या 2२ हो गई है। इसमें 6 सूरजपुर तथा एम्स का एक नर्सिंग ऑफिसर भी शामिल हैं। सभी की स्थिति स्थिर बनी हुई है। दुर्ग और कवर्धा के कोरोना पॉजिटिव लोगों में अधिकांश की पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात और अन्य प्रभावित राज्यों में ट्रैवल हिस्ट्री मिली है। 5 साल का मासूम कैसे चपेट में आया, अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है। संभावना जताई जा रही है कि मासूम किसी कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आया है।
बताया जाता है कि दुर्ग और कबीरधाम के लोग पड़ोसी राज्यों में फंसे हुए थे और किसी तरह सीमाएं पार कर छत्तीसगढ़ की सीमा में दाखिल हुए थे। दुर्ग के रहने वाले होम क्वारंटाइन तथा कबीरधाम के क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए थे। सभी का सैंपल एम्स जांच के लिए भेजा गया था। रविवार की शाम रिपोर्ट आने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। दुर्ग के 8 और कबीरधाम के 6 कोरोना पॉजिटिव मिले। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर दुर्ग के कोरोना पीडि़तों को रात में ही विशेष एंबुलेंस से रवाना कर दिया। रात करीब 12-1 बजे सभी एम्स पहुंचे। यहां पर डॉक्टर व स्टॉफ पहले से तैयार थे। डॉक्टरों ने मरीजों को एंबुलेंस से निकालकर विशेष सतर्कता बरतते हुए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया। कबीरधाम के मरीज सुबह में पहुंचे। डॉक्टरों का कहना है कि कबीरधाम और दुर्ग के मरीजों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच में पता चलेगा कि मरीजों में संक्रमण कितना फैला है।

5 साल के मासूम के साथ नहीं आए माता-पिता

कोरबा के कटघोरा का रहने वाला 16 साल का मासूम कोरोना पॉजिटिव मिला था, जिसको एम्स में भर्ती किया गया था। अब कबीरधाम का 5 साल का मासूम मिल गया है, जो अब तक प्रदेश का सबसे छोटा कोरोना पॉजिटिव मरीज है। मासूम के साथ माता-पिता या घर का कोई सदस्य देखभाल के लिए नहीं आया है। मासूम की सारी जिम्मेदारी एम्स प्रबंधन के जिम्मे है। एम्स प्रबंधन ने मासूम के लिए विशेष रूप से नर्सिंग स्टॉफ तैनात किया है। एम्स अधीक्षक डॉ. करन पीपरे का कहना है कि 5 साल के बच्चे की ट्रेवल हिस्ट्री क्या हो सकती है। वह खेलते हुए किसी कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आया होगा। बच्चे के माता-पिता नेगेटिव पाए गए हैं, लेकिन किसी कारणवश नहीं आए हैं। यदि वह यहां आए होते तो उनसे ज्ञात होता कि आखिर मासूम कैसेे चपेट में आया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस प्रकार से 16 साल का मासूम ठीक होकर डिस्चार्ज हुआ है, उसी तरह 5 साल का मासूम भी ठीक होकर अपने घर जाएगा।

एम्स, रायपुर के निदेशक डॉ. नितिन एम नागरकर ने बताया कि दुर्ग व कबीरधाम के मरीजों की पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात और अन्य प्रभावित राज्यों में ट्रेवल हिस्ट्री मिली है। वर्तमान में 21 रोगी उपचाररत हैं, जिनमें
6 सूरजपुर से और एक नर्सिंग ऑफिसर शामिल हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, नियमित हाथ धोने और मास्क पहनने से ही कोरोना के संक्रमण को रोका जा सकता है।

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Nikesh Kumar Dewangan Desk
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