विदेश से आने वाले यात्री को पहले राज्य के पोर्टल में करवाना होगा पंजीयन, रहना होगा पेड क्वारंटाइन सेंटर में

कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। उधर, सरकार ने गृह सचिव अरूण देव गौतम को विदेश मंत्रालय नई दिल्ली से समन्वय के लिए राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वे जिला कलेक्टर को आने वाले यात्रियों की जानकारी देंगे। जिला प्रशासन आगे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।

By: Karunakant Chaubey

Published: 23 May 2020, 10:33 PM IST

रायपुर. विदेश से आने वाले छत्तीसगढ़ के निवासियों के लिए राज्य सरकार ने नई गाइड-लाइन जारी कर दी है। जो सख्त है। अगर, कोई आना चाहता है तो उसे सबसे पहले राज्य सरकार के पोर्टल पर पंजीयन करवाना होगा। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद अगर रायपुर के सीधी उड़ान है तो ठीक वरना उन्हें स्वयं के खर्च पर राज्य द्वारा जारी ई-पास के जरिए आना होगा। या फिर ट्रेन के माध्यम से। यहां उन्हें होम क्वारंटाइन नहीं बल्कि पेड क्वारंटाइन (होटल) सेंटर में रहने की अनिवार्यता की गई है।

कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। उधर, सरकार ने गृह सचिव अरूण देव गौतम को विदेश मंत्रालय नई दिल्ली से समन्वय के लिए राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वे जिला कलेक्टर को आने वाले यात्रियों की जानकारी देंगे। जिला प्रशासन आगे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।

इस प्रकार होगी वापसी-

- राज्य के बाहर के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से रायपुर के लिए विमान सुविधा न होने की स्थिति में यात्री को स्वयं के व्यय पर राज्य तक लाने की व्यवस्था होगी।

- देश में पहुंचने के बाद अगर यात्री १४ दिन का क्वारंटाइन पीरियड राज्य के बाहर कर चुका है तो उसे वहां का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। तभी उसे होम क्वारंटाइन में जाने की अनुमति मिलेगी। वरना इन्हें फेसिलिटी/पेड क्वारंटाइन सेंटर में रहना होगा।

18 पेड क्वारंटाइन होटलों चिन्हित-

बेबीलॉन इन, बेबीलॉन इंटरनेशनल, होटल पिकाडिली, क्लार्क इन, सेलिब्रेशन, बेबीलोन कैपिटल, ग्रैंड इंपीरिया, उत्सव इन, रॉयल एम्बिपेस, ङ्क्षकग्स वे, ऑल नियर, आदित्य, महिंद्रा, सतलज, सिमरन, गगन रिजेंसी, कृष्णा प्लाजा और अमित रिजेंसी।

एयरपोर्ट से क्वारंटाइन सेंटर तक इस प्रकार होगी व्यवस्था-

- विमान की लैंडिंग के बाद 20-20 की संख्या में फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ यात्री बाहर आएंगे। सुविधा केंद्र में इनका स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जाएगा। यहां उनका पूरी जानकारी ली जाएगी। थर्मल स्क्रीनिंग भी यहीं पर होगी।
- अगर किसी में लक्षण दिखाई देता है तो उन्हें अलग रखा जाएगा, यहीं पर सैंपलिंग होगी और फिर उन्हें आईसोलेशन सेंटर में भेजा जाएगा।

- यात्री बैग को सेनिटाइज करने की जिम्मेदारी नगर निगम की होगी, बैग संदिग्ध व्यक्ति की एंबुलेंस में उसके साथ आईसोलेशन सेंटर भेजे जाएंगे।
- जिन व्यक्तियों में लक्षण नहीं पाए जाएंगे, उन्हें नगर निगम द्वारा निर्धारित पेड क्वारंटाइन सेंटर में ही रहना होगा। इनसे लिखवाया जाएगा कि वे 14 दिन तक क्वारंटाइन नियमों का पालन करेंगे। रूकने, खाने व अन्य खर्चे वे स्वयं व्यय करेंगे। 14 दिन के बाद जांच होगी, फिर क्वारंटाइन से मुक्ति मिलेगी।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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