4 महीने से बंद कैथलैब में वेटिंग थी 100 पार, नई मशीन लगी तो अब रोज होगा 5- 6 का इलाज

- दिल के मरीजों को राहत: एसीआई में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने किया ई-लोकार्पण .

 

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 23 Aug 2020, 10:26 PM IST


रायपुर. पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अंतर्गत संचालित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) में शनिवार से हार्ट की सभी प्रोसिजर शुरू हो गई। ४ महीने से आंबेडकर अस्पताल से एसीआई बिल्डिंग में कैथलैब चैंबर का निर्माण, नई मशीन का इंस्टॉलेशन, लाइसेसिंग की प्रक्रिया में लंबा वक्त लग गया। जिसके चलते १०० से अधिक मरीज वेटिंग में चले गए। अब प्राथमिकता के आधार पर एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, स्टेंटिंग और दिल के छेद बंद करने की प्रोसिजर होंगी।

शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने ई-लोकार्पण के जरिए मशीन को जनता के लिए समर्पित किया। मंत्री ने सभी डॉक्टर, स्टाफ को बधाई दी और कहा कि बगैर किसी बिलंब के मरीजों को इलाज की सुविधा मुहैया करवाएं। डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ तकनीकी कारणों से मशीन को शुरू करने में देरी हुई, मगर अब नहीं होगी। जितने ज्यादा से ज्यादा मरीजों की प्रोसिजर संभव होगी, करेंगे। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग रेणु पिल्लई, मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. विष्णु दत्त, अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. विनीत जैन, एसीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. केके साहू मौजूद रहे।

अब इन मशीनों से हार्ट का गुणवत्तायुक्त इलाज
कैथलैब मशीन के साथ सात करोड़ की लागत वाली इंट्रा ऑर्टिक बैलून पंप, रेडियो फ्रिक्वेंसी एबिलेशन, इंट्रा कार्डियक इकोकॉर्डिग्राफ, इंट्रावैस्कुलर अल्ट्रासाउंड फैक्शन फ्लो रिजर्व एवं इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी स्टडीज जैसे एडवांस तकनीक वाली अन्य मशीनों का इंस्टालेशन भी किया गया है।

Bhupesh Tripathi
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