9 जिलों में डे-केयर कीमोथैरेपी से 80 मरीजों का इलाज, निजी कैंसर अस्पतालों में आता है 40 हजार तक का खर्च

जशपुर में 26, जगदलपुर में 23, रायपुर में 11, सूरजपुर में नौ, नारायणपुर में तीन तथा दुर्ग, कांकेर, कोंडागांव और कोरिया में दो-दो कैंसर पीडि़तों को इस सुविधा का लाभ मिला है। मिशन द्वारा प्रदेश के अन्य जिला अस्पतालों में भी यह सुविधा जल्द शुरू की जाएगी।

By: Karunakant Chaubey

Published: 02 Aug 2020, 05:46 PM IST

रायपुर. प्रदेश के कैंसर पीडि़तों को अब कीमोथैरेपी के लिए बड़े शहरों में जाकर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। प्रदेश के नौ जिलों में दीर्घायु वार्ड के माध्यम से डे-केयर कीमोथेरेपी की सुविधा शुरू हो गई है। जिलों के 80 से ज्यादा मरीज़ों ने इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत इस साल मार्च से दीर्घायु वार्ड के माध्यम से विभिन्न जिला अस्पतालों में डे-केयर कीमोथेरेपी सुविधा शुरू की गई है। पिछले पांच माह में अलग-अलग जिला अस्पतालों में कुल 80 मरीजों की कीमोथेरेपी की गई है। जशपुर में 26, जगदलपुर में 23, रायपुर में 11, सूरजपुर में नौ, नारायणपुर में तीन तथा दुर्ग, कांकेर, कोंडागांव और कोरिया में दो-दो कैंसर पीडि़तों को इस सुविधा का लाभ मिला है। मिशन द्वारा प्रदेश के अन्य जिला अस्पतालों में भी यह सुविधा जल्द शुरू की जाएगी।

निजी कैंसर अस्पतालों में एक कीमोथेरेपी कराने में 30 हजार से 40 हजार तक खर्च आता है। कीमोथेरेपी में लगने वाली दवा की कीमत भी 21 हज़ार के करीब होती है। साथ ही डॉक्टर की फीस, बेड चार्ज एवं रक्त जांच सहित अन्य खर्चों को मिलाकर इसमें बड़ी रकम खर्च हो जाती है। प्रदेश के दीर्घायु वार्ड वाले जिला अस्पतालों में यह सुविधा नि:शुल्क है। कैंसर पीडि़त मरीज को स्मार्ट कार्ड या राशन कार्ड के साथ सिर्फ पूर्व में चल रहे उपचार के कागजात अपने साथ लाना पड़ता है।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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