मजदूरों की घर वापसी लिए अब तक 21 ट्रेनों का इंतजाम, राज्य सरकार ने रेलवे को किया 71 लाख 93 हजार का भुगतान

अगले दो-तीन दिनों में 9 गाडिय़ां 11 हजार 946 मजदूरों को लेकर प्रदेश के अलग- अलग स्टेशनों पर पहुंचेगी। प्रदेश के श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने बताया, इन 9 ट्रेनों में आने वाले 11 हजार 946 श्रमिकों के किराये के लिए छह रेलवे मण्डलों को 71 लाख 93 हजार 230 रुपए का भुगतान भी कर दिया गया है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 12 May 2020, 10:33 PM IST

रायपुर. दूसरे प्रदेशों में मजदूरी करने गये लोगों की घर वापसी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने 21 श्रमिक स्पेशल गाडिय़ों का इंतजाम कर दिया है। इसकी शुरुआत सोमवार से हो गई है। अगले दो-तीन दिनों में 9 गाडिय़ां 11 हजार 946 मजदूरों को लेकर प्रदेश के अलग- अलग स्टेशनों पर पहुंचेगी। प्रदेश के श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने बताया, इन 9 ट्रेनों में आने वाले 11 हजार 946 श्रमिकों के किराये के लिए छह रेलवे मण्डलों को 71 लाख 93 हजार 230 रुपए का भुगतान भी कर दिया गया है। डॉ. डहरिया ने बताया, सोमवार को गुजरात-अहमदाबाद से बिलासपुर ट्रेन में 1208 श्रमिक छत्तीसगढ़ लौटे हैं।

इसी तरह साबरमती से बिलासपुर ट्रेन में 1212 श्रमिक, विरामगम-रायपुर ट्रेन से 1210 श्रमिक, मेहसाणा -बिलासपुर ट्रेन से 1200 श्रमिक, दिल्ली से रायपुर ट्रेन में 1400 श्रमिक, लखनऊ से भाटापारा रायपुर ट्रेन में 1584 श्रमिक, खेड़ा नाडियाड से चांपा ट्रेन में 1710 श्रमिक, साबरमती से चांपा ट्रेन में 1222 तथा अमृतसर पंजाब से चांपा स्पेशल ट्रेन में 1200 श्रमिक लौटेंगे। श्रम विभाग ने ट्रेनों में आने वालों को आनलाइन पंजीयन कराने को कहा है। डॉ. डहरिया ने कहा, इन ट्रेनों में सफर के लिए ऑनलाइन लिंक जारी किया है। इसके अलावा 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन नम्बर 0771-2443809, 91098-49992, 75878-21800, 75878-22800, 96858-50444, 91092-83986 तथा 88277-73986 पर मदद के लिए संपर्क किया जा सकता है।

यहां से चलनी हैं गाडिय़ां

श्रम मंत्री के मुताबिक 21 स्पेशल ट्रेनों में अहमदाबाद से बिलासपुर के लिए दो ट्रेन, विजयवाड़ा से बिलासपुर एक ट्रेन, अमृतसर पंजाब से चांपा एक ट्रेन, विरामगम अहमदाबाद से बिलासपुर चांपा एक ट्रेन, लखनऊ से रायपुर के लिए तीन ट्रेन, लखनऊ से भाटापारा के लिए दो ट्रेन, मुजफ्फरपुर से रायपुर एक ट्रेन, दिल्ली से बिलासपुर के लिए एक ट्रेन चलनी है. वहीं मेहसाणा से बिलासपुर - चांपा एक ट्रेन, लिंगमपल्ली हैदराबाद से दुर्ग, राजनांदगांव होते बिलासपुर एक ट्रेन, हैदराबाद से दुर्ग रायपुर होते हुए बिलासपुर एक ट्रेन, दिल्ली से बिलासपुर-रायपुर एक ट्रेन, खेड़ा नाडियाड गुजरात से बिलासपुर-चांपा एक ट्रेन, साबरमती से बिलासपुर-चांपा एक ट्रेन, कानपुर से बिलासपुर, भाटापारा, रायपुर, दुर्ग एक ट्रेन और इलाहाबाद से बिलासपुर,भाटापारा, रायपुर, दुर्ग दो ट्रेनों का संचालन होना है।

बिना सरकारी मदद के लौटे 32 हजार लोग

सरकारी एजेंसियों के मुताबिक प्रदेश के कुल एक लाख 24 हजार मजदूर दूसरे प्रदेशों में फंसे हैं। 11 मई तक उनमें से करीब 32 हजार लोग अपने घरों को लौट आए हैं। वह भी बिना किसी सरकारी मदद के। अधिकतर लोगों ने यह सफर पैदल, साइकिल से और ट्रक-टैंकर जैसे मालवाहकों से पूरा किया है। इस कोशिश में एक दंपति और एक मजदूर बालिका की जान भी जा चुकी है।

2 लाख से अधिक ने कराया पंजीयन

श्रम विभाग ने देर शाम बताया, प्रदेश के 2 लाख 20 हजार लोग विभिन्न राज्यों में फंसे हुए हैं। इनमें से 2 लाख 6 हजार 730 लोगों ने वापसी के लिए पंजीयन करा लिया है। दावा है कि पंजीयन कराने वालों में 1 लाख 88 हजार 445 मजदूर हैं। शेष विद्यार्थी, पर्यटक, तीर्थयात्री और इलाज के लिए गए लोग हैं। पंजीयन कराने वालों में सबसे अधिक 38 हजार 966 लोग उत्तर प्रदेश में, 35 हजार 385 लोग महाराष्ट्र में और 34 हजार 520 लोग तेलंगाना में फंसे हैं। गुजरात से 28 हजार 344 और जम्मू कश्मीर से 23 हजार 311 लोगों ने पंजीयन करा लिया है।

सीएम बोले-मजदूर हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीटकर मजदूरों को अर्थव्यवस्था की रीड़ बताया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट में लिखा है कि हमारे श्रमिक साथी आंखों में खुशी के आंसू, चेहरे पर राहत और सुकून के लिए छत्तीसगढ़ वापस लौट रहे हैं। छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और अन्य लोगों की वापसी के लिए २१ स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम किया गया है। जिसके तहत अब तक नौ ट्रेनों के लिए ७१.९३ लाख रुपए का भुगतान रेलवे को कर दिया गया है। जैसे कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने निर्देश दिए थे, हम मजदूरों के लौटने का खर्च खुद वहन करेंगे। वे हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।

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Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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