केंद्रीय बजट : उम्मीदें थी ज्यादा लेकिन मिला कम, कर का कोई अतिरिक्त बोझ नहीं इसलिए नहीं बढ़ेगी महंगाई

Union Budget 2021 : - राजधानी के अलग-अलग क्षेत्र विशेषज्ञों, व्यापारिक-औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि टैक्स का कोई अतिरिक्त बोझ नहीं है। इसलिए महंगाई नहीं बढ़ेगी।

By: Bhupesh Tripathi

Published: 02 Feb 2021, 06:05 PM IST

रायपुर. केंद्रीय बजट (Union Budget 2021) का इंतजार खत्म हो चुका है। उद्योग, व्यापार, नौकरीपेशा, आम आदमी, किसानों को इस बजट से काफी उम्मीदें थी, लेकिन उम्मीदों के अनुरूप बजट में सौगात नहीं मिली, लेकिन कई प्रावधानों को विशेषज्ञों ने बड़ा फैसला बताया है। राजधानी के अलग-अलग क्षेत्र विशेषज्ञों, व्यापारिक-औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि टैक्स का कोई अतिरिक्त बोझ नहीं है। इसलिए महंगाई नहीं बढ़ेगी। केंद्रीय बजट (Union Budget 2021) में रियल एस्टेट, उद्योग, व्यापार, एमएसएमई सेक्टर के साथ ही अधोसंरचना के बड़े निर्णय से बाजार की तस्वीर बदलेगी।

बजट (Union Budget 2021) से और भी उम्मीदें थे, लेकिन आर्थिक विकास के प्रावधानों का असर रियल एस्टेट सेक्टर में होगा। बजट के दूरगामी परिणाम आने वाले समय में देखने को मिल सकता है।
आनंद सिंघानिया, डायरेक्टर, अविनाश ग्रुप

काफी अच्छा और संतुलित बजट है। कोरोनाकाल में इस बजट से बाजार में रोजगार के साथ ही रियल एस्टेट में नए अवसर पैदा होंगे। रियल एस्टेट में डेढ़ लाख की छूट बढ़ाने से फायदा होगा।
सुबोध सिंघानिया, डायरेक्टर, सिंघानिया बिल्डकॉन प्रालि.


यह बजट घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देगा। विनिवेश का एजेंडा भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से आत्मनिर्भर भारत को मजबूती मिलेगी।
प्रदीप टंडन, चेयरमेन, फिक्की, छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल

स्टील सेक्टर के लिए हमने निर्यात शुल्क बढ़ाने की मांग रखी थी। आयात शुल्क में कमी करने से उद्योगों पर अच्छा असर होगा। विदेशी स्क्रैप के लिए कर शून्य किया गया है।
मनोज अग्रवाल, अध्यक्ष, रोलिंग मिल एसोसिएशन


कोरोनाकाल के चुनौतीपूर्ण समय में यह ऐतिहासिक बजट है। कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। किसानों के साथ उद्योग, युवा, चिकित्सा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को शामिल किया गया है।
छगन मूंदड़ा, पूर्व अध्यक्ष,सीएसआईडीसी


आम आदमी को किसी प्रकार की कोई रियायत नहीं दी गई है। बीमा क्षेत्र में विनिवेशीकरण तथा बैंकों के निजीकरण का प्रस्ताव बजट में पेश किया गया है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
शिरीष नलगुंडवार, महासचिव, छग बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन


यह बजट व्यापारियों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। एमएसएमई सेक्टर के साथ ही अधोसंरचना के लिए कई प्रावधान किए गए हैं।
योगेश अग्रवाल, चेयरमेन, चैंबर ऑफ कॉमर्स
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सोने-चांदी में आयात शुल्क कम होने से केंद्र और राज्य सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी, साथ ही आम उपभोक्ताओं को सोने-चांदी में महंगाई से राहत मिलेगी।
हरख मालू, अध्यक्ष, रायपुर सराफा एसोसिएशन

आर्थिक हालात को वैक्सीन देने वाला बजट है। बजट में चिकित्सा, कृषि, समाज कल्याण, रेल, सड़क, हवाई सेवा सभी क्षेत्रों के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं। यह सब गेमचेंजर साबित होगा।
अरिंदम गोस्वामी, सदस्य, इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंट्स ऑफ इंडिया

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