केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री ने कहा, जीएसटी क्षतिपूर्ति देने पैसा नहीं

कांग्रेस सांसद फूलोदेवी नेताम के सवाल पर संसद में आया जवाब

By: Nikesh Kumar Dewangan

Published: 20 Sep 2020, 07:27 PM IST

रायपुर. वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) क्षतिपूर्ति बकाया विवाद सुलझता नहीं दिख रहा है। छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सांसदों ने शनिवार को संसद में जीएसटी बकाए का मुददा उठाया। जवाब में केंद्र सरकार ने कहा, सरकार चालू वित्त वर्ष में संग्रहित जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर की राशि क्षतिपूर्ति जारी करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

कांग्रेस से राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम के सवाल के लिखित उत्तर में केंद्रीय वित्त मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, चालू वित्त वर्ष में संग्रहित जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर की राशि अप्रेल से जुलाई तक के लिए स्वीकत जीएसटी क्षतिपूर्ति देने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने बताया, जुलाई 2020 तक जो उपकर संग्रहित किया गया है, उसका कुछ हिस्सा मार्च तक की क्षतिपूर्ति के भुगतान में किया जा चुका है। अनुराग ठाकुर ने कहा, राज्यों को क्षतिपूर्ति भुगतान के फार्मूले को फिर से निर्धारित करने का कोई विचार नहीं है। इधर सांसद फूलोदेवी नेताम ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर बकाया जीएसटी क्षतिपूर्ति देने की मांग की है।

छत्तीसगढ़ को मिलना है 2827 करोड़ रुपए

जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के मुताबिक राज्यों को क्षतिपूर्ति जारी रहेगी। सदन में पेश आंकड़ों के मुताबिक केंद्र सरकार पर 1 लाख 51 हजार 365 करोड़ का जीएसटी क्षतिपूर्ति बकाया है। इसमें से 2827 करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ को मिलना है।

22 को आईजीएसटी पर बैठक

जीएसटी परिषद के मंत्रिसमूह की एक बैठक 22 सितम्बर को वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिए प्रस्तावित है। इसमें आईजीएसटी (इंटीग्रेटेड गुडस एंड सर्विस टैक्स) पर चर्चा की जानी है। पता चलेगा कि इस टैक्स से कितनी राशि राज्य सरकार को मिलने वाली है। आपको बता दें, जब दो अलग-अलग राज्यों के व्यक्तियों या कारोबारियों के बीच कोई सौदा होता है तो इस पर आईजीएसटी लगता है। केंद्र के पास इकट्ठा होने के बाद यह केंद्र और राज्य के बीच आधा-आधा बंट जाता है।

जानबूझकर नहीं दे रहे राशि: बैज

लोकसभा के शून्यकाल में बस्तर से कांग्रेस सांसद दीपक बैज ने कहा, केंद्र सरकार जानबूझकर छत्तीसगढ़ को जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि का भुगतान नहीं कर रही है। उन्होंने कहा, महामारी के दौर में राज्यों की वित्तीय हालत खराब है। राज्य के अप्रत्यक्ष करों के जीएसटी में समाहित होने की वजह से उनको विकास के संसाधन उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है। छत्तीसगढ़ का 2827 करोड़ पिछले पांच महीने से बकाया है और केंद्र सरकार राज्यों को महंगे दरों पर ऋण लेने का सलाह दे रही है।

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Nikesh Kumar Dewangan Desk
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