विधानसभा में फसल बर्बाद का मुद्दा गूंजा, विपक्ष ने की विशेष पैकेज की मांग तो सरकार ने दिया ये जवाब

विधानसभा में फसल बर्बाद का मुद्दा गूंजा, विपक्ष ने की विशेष पैकेज की मांग तो सरकार ने दिया ये जवाब

Ashish Gupta | Publish: Feb, 15 2018 03:16:56 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

छत्तीसगढ़ विधानसभा में ओलावृष्टि से किसानों के फसल बर्बाद का मुद्दा गूंजा।विपक्ष ने सदन में हंगामा किया और गर्भगृह में जाकर प्रदर्शन और नारेबाजी की

रायपुर . छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए किसानों के फसल बर्बाद का मुद्दा गूंजा। विपक्ष ने ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान पर विशेष पैकेज की मांग की, वहीं राजस्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे ने सदन को बताया कि नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को अब तक 340 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जा चुका है।

वहीं मंत्री के जवाब से अंसतुष्ट विपक्ष ने सदन में हंगामा किया और गर्भगृह में जाकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। इसके बाद कांग्रेसी विधायक सदन से वॉकआउट कर गए और विधानसभा परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने धरना पर बैठ गए। वहीं विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कांग्रेस के विधायकों को निलंबित कर दिया, लेकिन थोड़ी देर बाद कांग्रेस ने निलंबित विधायकों को बहाल कर दिया।

 

सदन की शुरुआत होते ही विपक्ष ने ध्यानाकर्षण के जरिए सूखा प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं मिलने का मामला उठाया। वहीं मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय ने विपक्ष के सवाल पर सदन को बताया कि किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है, जिनका 33 फीसदी से अधिक फसल का नुकसान हुआ है।

मंत्री प्रेमप्रकाश ने कहा है बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की वजह से 23 हजार 14 हेक्टेयर रबी की फसल पूरी तरह बर्बाद हुई है, इससे करीब 20 हजार किसान प्रभावित हुए हैं। प्रेम प्रकाश पांडे ने बताया कि कलेक्टरों को ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।

वहीं कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा ने किसानों के मुआवजे को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि 2018 तक एक भी तहसील में सूखा राहत राशि का वितरण नहीं हुआ। वहीं उन्होंने सूखे के बाद पलायन के मुद्दे को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सूखे के बाद सरकार पलायन रोकने में पूरी तरह विफल रही है।

सत्यनारायण शर्मा के सवालों का मंत्री प्रेमप्रकाश पांडे ने एक-एक कर जवाब दिया। उन्होंने सदन को बताया कि किसानों के मुआवजा राहत राशि में किसी भी प्रकार लापरवाही नहीं बरती गई है, नियमों के तहत राशि का वितरण हुआ है। फसल कटने के बाद ही किसानों को मुआवजा राहत राशि दी जाती है।

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