बने एक-दूसरे के हमजुबां, सुनते और समझते हैं दिल की बात

वैलेंटाइन डे पर पढि़ए मोहसिन और मुस्कान की लव स्टोरी

ताबीर हुसैन @ रायपुर। मशहूर गीतकार इंदीवर ने लिखा है सांसों से नहीं, कदमों से नहीं, मोहब्बत से चलती है दुनिया... ये लाइन मोहसिन और मुस्कान की जिंदगी में रस घोलती नजर आ रही है। डिजिटल युग में इमोशन पर टेक्नोलॉजी हावी जरूर हुई है लेकिन प्यार की कली आज भी मुस्कुराती नजर आती है। आज वैलेंटाइन डे है। पूरा हफ्ता प्यार, इश्क और मोहब्बत के मायनों को लेकर गुजरा। कपल्स ने इसे सेलिब्रेट किया। बचपन से ही डिफ एंड डंब की मुलाकात कॉलेज में पढ़ते वक्त हुई। बोलने और सुनने वालों की अपेक्षा इनकी दुनिया थोड़ी अलग थी लेकिन खासियत ये कि बॉडी लैंग्वेज से ही किसी के मन में क्या चल रहा इसका अंदाजा लगा लेते थे। कुदरत के निजाम में अक्सर ऐसा होता है कि जिसके पास कुछ कमी है तो कुछ चीजें सबसे ज्यादा भी रहती है। यानी दिल की बातों को समझने में वक्त नहीं लगता। नजरें मिलीं। बात हुई और शुरू हुआ मुलाकातों का सिलसिला।

तलाश चुके थे लड़का

मुस्कान के पैरेंट्स चाहते थे कि उनकी बेटी का रिश्ता बोल सुन सकने वाला हो। इसके पीछे उनका मकसद था कि बेटी की जिंदगी में खुशियां रहें। दोनों में से कोई एक की कमी दूसरा पूरा कर दे तो जिंदगी आसानी से गुजरेगी। लड़के की तलाश भी खत्म हो चुकी थी। जब मुस्कान को यह बात बताई तो असमंजस में पड़ गईं। वो तय नहीं कर पा रही थी कि दिल की सुने या दिमाग की। आखिरकर उसने फैसला किया कि वे उसी के साथ ब्याह करेंगी जो मेरे इमोशन को समझता है।

हुई प्यार की जीत

मुस्कान की फैमिली नहीं चाहती थी कि वह अपने जैसे ही किसी लड़के से शादी करे। साल ऐसे ही गुजर गया। रिश्ते-नातेदारों से सलाह-मशवरा किया गया। मुस्कान तो पहले ही अपना फैसला सुना चुकी थी। मोहसिन भी अपने घर वालों को कन्वेंस कर चुका था। मोहसिन के कहने पर घर वाले रिश्ता लेकर मुस्कान के यहां पहुंचे और उनके प्यार की जीत हो गई।

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डबल केक काटते हैं आकांक्षा-दीपेश

साईं नगर निवासी आकांक्षा-दीपेश अग्रवाल की शादी 14 फरवरी 2014 को हुई। उनकी दो बेटियां हैं। आकांक्षा ने बताया, हमारी अरेंज मैरिज हुई। हम इस तारीख को लेकर काफी एक्साइटेड थे। यह दिन हर जवां धड़कनों के लिए यादगार रहता है। ऐसे में हम एक-दूजे के हो गए। हम हर साल डबल केक काटते हैं। एक एनिवर्सिरी का और दूसरा वैलेंटाइन डे का। मेरी नजर में प्यार वो है जो भावनाओं में समाहित हो। हालांकि अब प्यार जताना बेहद जरूरी हो गया है। चाहे कोई भी रिलेशन हो हमें यह जताना चाहिए कि हम उन्हें कितना प्यार करते हैं। अगर बात हसबैंड-वाइफ की हो तो गृहस्थी के दो पाटे हैं। दोनों के आपसी सामंजस्य से ही जिंदगी खुशहाल होती है।

100 से ज्यादा जोड़े बंधेंगे परिणय सूत्र में

14 फरवरी को शहर में कई शादियां हैं, इनमें आर्य समाज में होने वाले विवाह ज्यादा हैं। एक अनुमान के मुताबिक करीब 100 जोड़े मंगल परिणय में कदम रखेंगे। बैजनाथ पारा स्थित आर्य समाज मंदिर में गुरुवार शाम रजिस्ट्रेशन के लिए कई जोड़े बैठे थे। यहां बताया गया कि 14 फरवरी को भी ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन होंगे।

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