वनोपज संग्रहण : वनवासियों को रोजगार के साथ आय का मिल रहा भरपूर लाभ

- अब तक पौने दो लाख संग्राहकों द्वारा 94 हजार क्विंटल वनोपजों का संग्रहण

By: ramdayal sao

Published: 10 May 2020, 08:07 PM IST

रायपुर. वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि लघु वनोपजों का संग्रहण वनवासी ग्रामीणों के लिए रोजगार के साथ-साथ आय सृजन के लिए महत्वपूर्ण जरिया बना हुआ है। इसके तहत राज्य में चालू सीजन के दौरान अब तक एक लाख 66 हजार संग्राहकों द्वारा 27 करोड़ 43 लाख रुपए की राशि के 93 हजार 677 क्विंटल वनोपजों का संग्रहण किया जा चुका है।
छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें अपने लक्ष्य के अनुरूप संग्रहण में 25 प्रतिशत से अधिक प्रगति हासिल करने वाले वनमंडलों में नारायणपुर, दंतेवाड़ा तथा बालोद वनमंडल शामिल है।
इसके अलावा वर्तमान में वनोपजों के संग्रहण में धीमी प्रगति वाले वनमंडलों में तीन सरगुजा, जशपुर और महासमुंद वन मंडल शाामिल है। इनके द्वारा अब तक अपने लक्ष्य का दो प्रतिशत तक वनोपजों का संग्रहण नहीं हो पाया है। वन मंत्री अकबर द्वारा धीमी प्रगति वाले सभी तीन वनमंडल के वनमंडलाधिकारियों को अपेक्षित गति लाने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
इनमें अब तक वनमंडलवार नारायणपुर में तीन करोड़ 51 लाख रुपए की राशि के 11 हजार 508 क्विंटल, दंतेवाड़ा में तीन करोड़ 42 लाख रुपए के 11 हजार 098 क्विंटल तथा बालोद में 29 लाख रुपए की राशि के एक हजार 336 क्विंटल वनोपजों का संग्रहण हुआ है। इसी तरह केशकाल में दो करोड़ 4 लाख रुपए के 6 हजार 919 क्विंटल, दक्षिण कोंडागांव में तीन करोड़ 55 लाख रुपए के 11 हजार 795 क्विंटल, पश्चिम भानुप्रतापपुर में 69 लाख रुपए के दो हजार 629 क्विंटल, पूर्व भानुप्रतापपुर में एक करोड़ 8 लाख रुपए के 3 हजार 860 क्विंटल और जगदलपुर में 3 करोड़ 88 लाख रुपए के 10 हजार 262 क्विंटल वनोपजों का संग्रहण किया गया है।

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