कुर्रा के ग्रामीणों ने किया मनरेगा का बहिष्कार, मजदूरी कटौती का मामला गरमाया

मनरेगा कार्य में लगे मजदूरों की मजदूरी काटे जाने से श्रमिक थे नाराज। आक्रोश देख 15 दिवस के भीतर कटी राशि खाते में डालने का किया वादा, तब माने मनरेगा मजदूर

By: ashok trivedi

Published: 27 May 2020, 05:23 PM IST

नवापारा-राजिम. समीपस्थ ग्राम कुर्रा में सोमवार को मनरेगा के तहत मजदूरी में भारी कटौती को लेकर ग्रामीणों ने कार्य का बहिष्कार कर दिया। इस दौरान सभी ग्रामवासी काफी आक्रोशित नजर आएं। ग्रामीणों का आरोप था कि इंजीनियर द्वारा बेवजह उनके मेहनत की मजदूरी पर डाका डाला जा रहा है। जब मजदूरी का मूल्य 190 निर्धारित है तो 100 रुपए क्यों दिए जा रहा है। मेट, रोजगार सहायक द्वारा दिए गए सभी कामों का सही पालन करने के बाद भी मजदूरी में कटौती किया जाना हमारी समझ से बाहर है।
सोमवार को इनका गुस्सा रोजगार सहायक मेट, सरपंच व सभी मनरेगा अधिकारियों को देखने को मिला। जब सभी मजदूरों के खाते में 6 दिन के हिसाब से महज 600 रुपए आया तो सभी ने एकमत होकर सोमवार को काम का बहिष्कार कर दिया और इंजीनियर को मौके पर बुलाने की मांग कर कटौती का वास्तविक कारण जानने की मांग करने लगे। ग्राम सरपंच गोवर्धन तारक ने आक्रोशित भीड़ को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी एक न सुनी। 7.30 बजे इंजीनियर राकेश सोनी के कार्यस्थल पहुंचते ही मजदूरों ने उन्हें घेर लिया।
मजदूरी का कटौती कारण पूछे जाने पर पहले तो इंजीनियर द्वारा गोल . मोल जवाब दिया जाने लगा लेकिन जब दाल न गली तो इंजीनियर राकेश सोनी ने मजदूरों की कटी राशि 90 रुपए को जल्द ही उनके खाते में डालने की बात कही, तब जाकर कहीं जाकर मजदूर माने।
मस्टररोल में हस्ताक्षर करना है तो श्रमदान तो करना ही पड़ेगा
ग्रामीणों ने बताया कि कैसे सरपंच व रोजगार सहायक द्वारा पिछले दो सप्ताह से इसी तालाब पर श्रमदान कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि मस्टर रोल में प्रतिदिन हस्ताक्षर कराना होता है, लेकिन सरपंच द्वारा श्रमदान करने के बाद ही हस्ताक्षर करने देने की बात कहकर जबरन मस्टररोल में हस्ताक्षर करने से रोक दिया जाता है जो कि मनरेगा कार्य के तहत बिलकुल गलत है, इस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या कहते हैं मनरेगा अधिकारी
इस पूरे मामले पर अभनपुर जनपद के मनरेगा अधिकारी देवांगन ने कहा कि मजदूरों के भुगतान की कटौती की बचत राशि 15 दिन के भीतर उनके खाते में डाल दी जाएगी। वहीं अनिमितता करने वाले के खिलाफ उचित कार्रवाई विभाग द्वारा की जाएगी।

ashok trivedi Desk/Reporting
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