जल संसाधन विभाग की अनदेखी से नवागांव एनीकेट का व्यर्थ बह रहा पानी

जिले के आखिरी छोर होने के कारण इनकी देखरेख नहीं है। जिनके अभाव में लगातार एनीकट से पानी बह रहा है और महीने के 15 दिनों में करीब 4 फ ीट पानी खाली हो गया है।

By: dharmendra ghidode

Published: 18 Apr 2020, 05:42 PM IST

राजिम. गर्मी के मौसम में पानी की कीमत लोग भली-भांति समझते हैं। एक ओर सूर्य की तेज तपिश से ठंडकता दिलाने का काम यदि कोई करता है तो वह पानी है। ऐसे में पानी की एक-एक बूंद का अपना महत्व होता है लेकिन जल संसाधन विभाग धमतरी पानी की उपयोगिता से परिचित तो जरूर है लेकिन जिले के आखिरी छोर होने के कारण इनकी देखरेख नहीं है। जिनके अभाव में लगातार एनीकट से पानी बह रहा है और महीने के 15 दिनों में करीब 4 फ ीट पानी खाली हो गया है। क्षेत्र के वाटर लेवल तेजी के साथ नीचे गिरा है। मोटर पंप जवाब देना शुरू कर दिए हैं। यही स्थिति रही तो आने वाले कुछ ही दिनों में एनीकट पूरी तरह से सूख जाएगा। अभी भी चार जलद्वारों से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है।
जिस रफ्तार के साथ पानी निकल रहा है उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि बूंद भर पानी नहीं बच पाएगा। पिछले वर्ष भी यही हुआ था किसी अज्ञात तत्व या फिर विभाग की लापरवाही कहे जलद्वारों को खोल दिया गया था। नतीजा एनीकट पूरी तरह से सुख गया और गर्मी के 4 महीना पानी की विकराल समस्या से क्षेत्रवासियों को जूझना पड़ा था। अनेक बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मांग किया गया लेकिन उन्होंने भी विकराल गर्मी व पानी की कमी को देखते हुए हाथ खड़ा कर दिए थे।
कई जिलों के जल स्रोत को बल मिलता है
वहीं दृश्य इस बार भी दोहराया जा रहा है। ज्ञातव्य हो कि राजिम पुन्नी मेला के समय नवागांव एनीकट में एकत्रित पानी का ही पुण्य स्नान के लिए उपयोग किया गया था। जिसमें लाखों श्रद्धालु आकर पुण्य स्नान किए थे। इस एनीकट से धमतरी, गरियाबंद एवं रायपुर जिला के जल स्रोत को बल मिलती है। खासतौर से तीनों जिला के राजिम, नवापारा शहर के अलावा नवागांव, बुडेनी, भेंड्री, परेवाडीह, चंदना, चमसुर, चौबेबांधा, सिंधौरी, बरोंडा, कुरूसकेरा, पथर्रा, नवाडीह, पीपरछेड़ी, पारागांव, लखना आदि गांव का जलस्तर बना रहता है। जिसके कारण क्षेत्र के तकरीबन 50 हजार से भी अधिक आबादी को फ ायदा मिलता है।
ग्रामीणों ने की एनिकट में पानी भरने की मांग
सिंधौरी बरोंडा तक लबालब पानी भरा हुआ था लेकिन अब मात्र बमुश्किल चौबेबांधा तक ही पानी का भराव है। दिनों दिन यह भी कम होते जा रहा है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग धमतरी द्वारा पैरी नदी पर नवागांव एनीकट का निर्माण 25,50 करोड़ की लागत से किया गया है। एनीकट की लंबाई 590 मी, है। जिसमें जलद्वारों की संख्या 60 है इनकी ऊंचाई 2,50 मीटर है। शासन ने करोड़ों रुपया इसलिए खर्चा किया ताकि क्षेत्र के लोगों को गर्मी के समय सुलभता के साथ पानी मिले लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते क्षेत्र के लोगों के साथ बहुत बड़ी लापरवाही हो रही है। लोगों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से नवागांव एनीकेट के जलद्वारों को शीघ्र बंद करने तथा एनीकट में पानी भरने की मांग की है। इस संबंध में जल संसाधन विभाग धमतरी के ईई ए के पालरिया ने कहा कि यह मेरे संज्ञान में है 21 अप्रैल के बाद जाकर देखता हूं। वहीं जल संसाधन विभाग मगरलोड के सब इंजीनियर जीएस साहू ने कहा कि उच्चाधिकारियों को इस संबंध में जल्द अवगत कराया जाएगा।

dharmendra ghidode Desk/Reporting
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