वाट्सऐप यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर कर रहे इतिहास का दुरुपयोग

नेताजी सुभाष चंद बोस की जयंती पर कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में हुई संगोष्ठी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और इतिहास के प्रोफेसर सौरभ बाजपेयी ने भाजपा पर जमकर हमला बोला है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, वैचारिक मतभेद होने के बाद सुभाष को कांग्रेस क्यों छोडऩा पड़ा। कांग्रेस के संविधान में यह बात स्पष्ट लिखी हुई है कि हम अहिंसा के रास्ते पर चलेंगे, लेकिन सुभाष ने हिंसा की बात कहीं। इतिहास हम नहीं जानते हैं, तो इसका दुरुपयोग वाट्सऐप यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर लोग कर रहे हैं। जरूरी है कि हम इतिहास जाने।

By: Dhal Singh

Updated: 24 Jan 2021, 01:47 AM IST

रायपुर. मुख्यमंत्री ने कहा कि, लोग कहते हैं नेहरुके कारण या गांधी के कहने पर अध्यक्ष पद छोड़ा। दरअसल, सरदार पटेल ने सुभाष चंद्र बोस ने कहा था, आप पार्टी की मूलभूत विचारधारा से अलग होकर काम कर रहे हैं तो आप अध्यक्ष कैसे रह सकते हैं, इसके बाद सुभाष चंद्र बोस ने कांग्रेस का अध्यक्ष पद छोड़ दिया।

नेता जी और श्यामा प्रसाद के बीच हमेशा ठनी रहती थी
मुख्यमंत्री ने नेता जी और श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लेकर भी बड़ी बात कहीं। उन्होंने कहा श्यामा प्रसाद बंगाल के ही थे, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बीच हमेशा ठनी रहती थी। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को और देश के प्रधानमंत्री को नेताजी और मुखर्जी के रिश्ते कैसे थे, इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।

चल रही नायक हड़पने की नीति: प्रो. वाजपेयी
प्रोफेसर सौरभ वाजपेयी ने कहा, देश में नायक हड़पने की नीति चल रही है। आज एक पार्टी पराक्रम दिवस मना रही है। महात्मा गांधी और सरदार पटेल को भी अपनाया है। उन्होंने कहा जिस समय आजाद हिंद फौज की स्थापना का काम हो रहा था, उस समय आरएसएस विचारधारा के नेता युवाओं को भड़काने का काम कर रहे थे। उन्होंने कहा, आज सुभाष चंद बोस के सपने को जिंदा रखने की जवाबदारी सभी की है। हमें हर दिन सुभाष और गांधी की जयंती मनानी चाहिए। उन्होंने कहा, आज इतिहास को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। आजादी की लड़ाई के सभी महानायक मानते थे, कि देश के भीतर सभी एकजुट रहे। अब राष्ट्रवाद की परिभाषा को पलट दिया गया है। आज आरएसएस-बीजेपी को कुछ कहने पर राष्ट्र विरोधी हो जाएंगे। अब हम लोगों की जिम्मेदारी है कि युवा पीढ़ी तक सच्चा इतिहास लेकर जाए।
मूणत का आरोप, कांग्रेस ने आजादी के लड़ाई के झंडे तिरंगा को चुराया
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश मूणत ने मुख्यमंत्री और प्रोफेसर बाजपेयी के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा, आजादी की लड़ाई में सबका योगदान था। उस समय तिरंगा आजादी का प्रतीक था, जिसे कांग्रेस ने चुराया है। देश की आजादी के बाद गांधीजी ने कहा था कि कांग्रेस को भंग कर देना चाहिए। मगर, उसे भी चुराकर पार्टी बना ली। कांग्रेस स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर, स्वतंत्रता संग्राम के हमारे नेताओं, महापुरुषों पर राजनीति कर रही है। महापुरुष किसी एक के नहीं होते, वे पूरे देश को होते हैं।

Dhal Singh Desk
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