सिटी में पहली बार विंड सोलर और ९ ग्रहों का लाइव मॉडल

दो एेसे मॉडल हैं जिसकी ऊंचाई १५ से २० फुट है और वे लाइव हैं। सूर्य का चक्कर लगाते ग्रहों का मूवमेंट दिखाया गया है और विंड सोलर को हाइब्रीड तरीके से बनाया गया है। स्कूली बच्चों के लिए यह दोनों मॉडल देखने लायक हैं। आप भी चाहें तो स्कूल कैंपस में जाकर देख सकते हैं।

By: Yagya Singh Thakur

Updated: 08 Dec 2019, 08:47 PM IST

रायपुर . साइंस एग्जीबिशन में इनोवेशन कोई नई बात नहीं होती। लेकिन जब कोई मॉडल एेसा बना दिया जाए जो लीक से हटकर हो तो उसकी चर्चा लाजिमी है। दरअसल, सालेम स्कूल में आयोजित साइंस एग्जीबिशन में क्लास फोर्थ से लेकर ट्वेल्थ तक के स्टूडेंट्स ने अपनी क्रिएटिविटी दिखाई है। उन्होंने करीब ५० मॉडल एग्जीबिट किए हैं। दो एेसे मॉडल हैं जिसकी ऊंचाई १५ से २० फुट है और वे लाइव हैं। सूर्य का चक्कर लगाते ग्रहों का मूवमेंट दिखाया गया है और विंड सोलर को हाइब्रीड तरीके से बनाया गया है। स्कूली बच्चों के लिए यह दोनों मॉडल देखने लायक हैं। आप भी चाहें तो स्कूल कैंपस में जाकर देख सकते हैं।
एंट्री फ्री है, आप भी देखें और सीखें
छुट्टियों के दिन छोड़कर कभी भी सुबह ८ से दोपहर १ बजे तक स्कूल कैंपस में इस लाइव मॉडल को देख सकते हैं। एंट्री फ्री है। आप चाहें तो मॉडल से रिलेटेड जानकारी भी ले सकते हैं।
विंड सोलर से चलेगी टीवी
दीपक ने बताया कि विंड और सोलर एक हाईब्रीड मॉडल है। इसमें हवा और सूरज की रोशनी से बिजली तैयार होती है। दिनभर एनर्जी सेव की जाए तो आप रात में एक एलसीडी, एक फैन और एक सीएफएल चला सकते हैं। हालांकि इस मॉडल से निकलने वाली एनर्जी को सेव नहीं किया जा रहा है।
कबाड़ से जुगाड़
दोनों मॉडल को बनाने वाले ११वीं के नंदिनी यादव, युवराज साहू, गायत्री रावत, गुलशन वर्मा, जैनब कौसर, दुर्गेश साहू, पायल सिंह, सृष्टि शुक्ला, निधि पटेल, श्रेया श्रीवास, दानेश्वर साहू, श्रीया सोनी ने बताया कि मेंटोर दीपक साहू के गाइडेंस में इसे तैयार किया गया है। यह हमारे लिए रोमांचकारी था। इसे बनाने के लिए हमने कोई खास खर्च नहीं किए हैं। सारी चीेजें जुगाड़ की हैं। पुराने पाइप से लेकर प्लास्टिक के बाउल और टोकरियों का इस्तेमाल किया गया है।

Yagya Singh Thakur
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