सुबह घर लौटे पति से बोली महिला- आधी रात में किसी ने दरवाजा खटखटाया और लूट लिया सबकुछ

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 के तहत मामला दर्ज गिरफ्तार कर लिया है।

By: चंदू निर्मलकर

Published: 24 Jul 2018, 07:53 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में एक महिला के साथ उसी के घर में दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। वारदात की रात पति घर से बाहर था। आरोपी युवक को इस बात की जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर सो रही महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। ग्राम मुनरबोड़ की एक पीडि़ता ने अपने ही गांव के कमल गेंड्रे पिता साधराम गेंड्रे के खिलाफ आधीरात को घर में घुसकर जोर-जबरदस्ती करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 के तहत मामला दर्ज गिरफ्तार कर लिया है।

जान से मारने की दी धमकी

थाना से मिली जानकारी के अनुसार, पीडि़ता ने अपने बयान में बताया कि वह अपने पुराने घर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना रही है। जिसकी वजह से वह अपने परिवार के साथ दूसरे के मकान में अपने चार बच्चों के साथ सोई हुई थी, और उनका पति निर्माणाधीन मकान में सोने के लिए गया था। गुरुवार रात किसी ने दरवाजा खटखटाया तो वह अपना पति समझकर दरवाजा खेाली, जिस पर सामने खड़े आरोपी कमल गेंड्र ने प्रार्थिया का जान से मारने की धमकी देते हुए जोर जबरदस्ती किया। सुबह पति के वापस आने पर साहस जुटाते हुए घटना की जानकारी दी, जिसके बाद थाना पहुंचकर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 के तहत मामला दर्ज करते हुए मामले को जांच में लिया है। प्रार्थिया को डाक्टरी मुलाहिजा के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

मानसिकता सात्विक होने पर ही दुष्कर्म पर लगेगा विराम
समाज चिंतकों का कहना है कि दुष्कर्म जैसे मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है। इसका मूल कारण संस्कार की कमी होने के साथ-साथ नैतिकता का हस होना है। संस्कार के अभाव में लोगों की मानसिकता दूषित होते जा रही है। दुष्कर्म की घटनाओं को रोकने के लिए सभी लोगों को एकजुट होकर बुरी वृत्तियों का सख्त विरोध करना आवश्यक है। जिसमें सबसे पहला कदम ब्लू फिल्मों पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाना होना चाहिए। बच्चों को धर्म व संस्कृति का ज्ञान देने के साथ-साथ नारी जाति का सम्मान करना सिखाना चाहिए। उन्हें यह बताना आवश्यक है कि पत्नी के अतिरिक्त हर नारी को मां या बहन की दृष्टि से देखें। इसी तरह लड़कियों को भी संस्कारी बनाना जरुरी है। उन्हें भड़काऊ कपड़े पहनने से रोकना आवश्यक है। साथ ही उन्हें भी पतिव्रत धर्म की सीख देना जरूरी है। जब लोगों की मानसिकता सात्विक होगी तो अपने आप दुष्प्रवृत्तियों पर विराम लग जाएगा।

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चंदू निर्मलकर Desk
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