शादी के तीन महीने बाद पता चला कि पति मैरिड है, पैरों तले खिसक गई थी जमीन लेकिन नहीं हारी हिम्मत और बनी इंडिपेंडेंट

महिला दिवस पर पढि़ए असि. प्रोफेसर, सांख्यिकी अधिकारी रह चुकीं और अब ऑर्गेनिक खेती कर रहीं डॉ आरती साठे के संघर्ष और जज्बे की कहानी

By: Tabir Hussain

Updated: 07 Mar 2020, 04:44 PM IST

ताबीर हुसैन @ रायपुर। मां-बाप ने कितने अरमानों से बेटी को विदा किया था। कोई कमी नहीं की। चूंकि हर पैरेंट्स का सपना होता है कि बेटी जहां भी जाए खुश रहे। लेकिन कई बार चीजें आपके बस में नहीं होती। ऐसी ही कहानी है अवंति विहार की डॉ आरती साठे की। आरती ने इंदौर से एमबीबीएस किया। इसी दौरान रिश्ते आने लगे। शादी भी तय हो गई। नई जिंदगी में दाखिल हुए महज 3 महीने हुए थे आरती को एक ऐसे सच का सामना करना पड़ा जिसे सुनकर आज से 20 साल पहले किसी भी लड़की की जिंदगी तबाह मानी जा सकती थी। जिसके साथ 7 जन्मों का रिश्ता निभाने का फेरा लिया वह सावन की हरियाली से पहले ही अकाल सा दर्द दे गया। वह पहले से शादीशुदा था। इसे सहन करना आरती के लिए आसान नहीं था। उसने फैसला किया कि उसके साथ जीवन नहीं बिता सकती। वे अपने पैरेंट्स डॉ. बसंत साठे-आशु साठे के घर लौट आई। कुछ दिन बाद पता चला कि कोख में एक नन्ही जान पल रही है। आरती ने बिना देरी किए सिंगल मदर बनने का फैसला लिया जबकि वे जानती थी कि इसके लिए पूरा जीवन संघर्षमय हो सकता है। वे चाहती तो ऑबशन कराकर दूसरी जिंदगी शुरू कर सकती थीं लेकिन एक दर्द ने उम्मीदों की सारी रोशनी बुझा दी थी।

शादी के तीन महीने बाद पता चला कि पति मैरिड है, पैरों तले खिसक गई थी जमीन लेकिन नहीं हारी हिम्मत और बनी इंडिपेंडिेंट

मेडिकल कॉलेज में बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर
अपनी और मासूम की जिंदगी को आगे बढ़ाने के लिए आरती ने अपनी एजुकेशन का यूज करते हुए एग्जाम दिया और उनका सलेक्शन मेडिकल कॉलेज में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर हो गया। जिंदगी ने इतना बड़ा घाव दिया था कि अच्छी नौकरी मिलने के बाद भी मन में शांति नहीं थी। उन्होंने जॉब छोड़ दी।

पीएससी के थ्रूव बनीं सांख्यिकी अधिकारी
मेडिकल कॉलेज की जॉब छोडऩे के बाद आरती ने पीएससी फाइट किया और उनका सलेक्शन सांख्यिकी अधिकारी में हो गया। उनकी नियुक्ति कोंडागांव में हुई। एक जॉब छोडऩे के बाद दूसरी सरकारी नौकरी मिलने के बाद भी आरती के मन में हलचल खत्म नहीं हुई। इस नौकरी को भी वे अलविदा कह गईं।

शादी के तीन महीने बाद पता चला कि पति मैरिड है, पैरों तले खिसक गई थी जमीन लेकिन नहीं हारी हिम्मत और बनी इंडिपेंडिेंट

डिप्रेशन से उबरने की मिली राह

डॉ आरती की लाइफ पूरी तरह अव्यवस्थित हो गई थी। उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए। चूंकि जब तक मन विचलित रहता है आप किसी भी काम में एकाग्र नहीं हो सकते। आप डिप्रेशन में पहुंच जाते हैं, जहां से वक्त रहते निकल जाना बहुत बड़ी बात होती है। पीएससी की कोचिंग के वक्त जिस टीचर ने आरती को पढ़ाया था, उन्हें जब इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग संस्था ज्वाइन करने की सलाह दी। उनका कहना था कि मेडिटेशन से काफी कुछ राहत मिल सकती है। आरती ने बताया, इस संस्था से जुडऩे के बाद मैंने खुद में काफी बदलाव पाया। श्रीश्री रविशंकर महाराज की सलाह से मैंने ऑर्गेनिक खेती पर काम शुरू किया।

शादी के तीन महीने बाद पता चला कि पति मैरिड है, पैरों तले खिसक गई थी जमीन लेकिन नहीं हारी हिम्मत और बनी इंडिपेंडिेंट

ऑर्गेनिक खेती को कर रहीं प्रमोट
डॉ आरती बीते 10 वर्षों से ऑर्गेनिक खेती पर नेशनल ट्रेनिंग दे रही हैं। साथ ही इसे अपनी आजीविका का साधन भी बनाया। रोजमर्रा में उपयोग होने वाले सब्जियों और अन्न का उत्पादन भी करती हैं। वे कहती हैं कि जैविक खेती पर काम करने का मकसद पैसे कमाना ही नहीं रहा बल्कि एक तरह से लोगों को केमिकलयुक्त खाद्य पदार्थों से दूर करना भी है। आज जितनी भी बीमारियां हो रही हैं उसकी बड़ी वजह है रसायनयुक्त चीजें। केमिकल से कैंसर जैसी बीमारियां भी हो रही हैं। मुझे इस बात की खुशी है कि मेरा जीवन जैविक उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने और उन्हें जागरूक करने में काम आ रहा है।

सिंगल मदर्स को संदेश
जिंदगी में कभी भी हिम्मत न हारें। अपने जीवन में अच्छे गुरु की तलाश में रहें। बिना गुरु के जीवन में अंधकार है। कई बार हालात आपके काबू में नहीं रहते लेकिन कुदरत ने आपके लिए कुछ न कुछ सोचकर रखा होता है। अपने बच्चों को अच्छी एजुकेशन दें। उसे उसकी रुचि के हिसाब से कॅरियर बनाने दें। ईश्वर पर भरोसा रखें। आरती ने बताया कि बेटे सूर्यादित्य की परवरिश इस तरह की है कि वह आज स्टेट लेवल का फुटबॉल प्लयेर है नेशनल में भी खेल चुका है साथ ही अपनी पढ़ाई भी कर रहा है और बेटे को देश और समाज की सेवा के लिए अधिकारी बनाना चाहती हूं।

Tabir Hussain Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned