तीन महीने गार्ड की नौकरी, 12वीं की पढ़ाई इग्नू से, अब कर रही फूलों का कारोबार

दिक्कतों और हौसलों के साथ आगे बढ़ी जिंदगी

By: Tabir Hussain

Published: 25 Apr 2018, 12:58 PM IST

ताबीर हुसैन @ रायपुर . महिलाएं हर क्षेत्र मेें मजबूती के साथ आगे बढ़ रही हैं। वे किसी से कम नहीं हैं। चाहे नौकरी हो या खुद का कारोबार, संघर्ष के साथ अपना मुकाम हासिल कर रही हैं। खुशबू साहू जो आज फूलों के कारोबार में खुद को स्थापित कर चुकी हैं, वहीं उद्यमी स्वाति शर्मा ने न सिर्फ अपने नाम से इंस्डट्रीज खड़ी कर ली बल्कि दूसरी महिलाओं को भी सपने पूरे करने के लिए आगे आ रही हैं। आज सिटी की दो ऐसी महिलाओं से मिलाने जा रहे हैं, जिन्होंने वही किया जो उन्हें पसंद था।

कम उम्र में शादी, दिक्कतों में आगे बढ़ी जिंदगी
जोरापारा की खुशबू साहू की शादी कम उम्र में हो गई थी। पति नशे का आदी था। शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा के चलते पति से अलग रहने लगी। तीन बच्चे हैं। मायके और ससुराल वालों ने भी बुरे वक्त में साथ नहीं दिया। इस बीच मॉल में गार्ड की नौकरी की। जैसे-तैसे जीवन चल रहा था। खबर आई कि पति की तबीयत काफी खराब है। सुनते ही वापस घर गई। किसी तरह इलाज कराया, लेकिन कुछ दिन बाद पति चल बसा।

तीन महीने तक की गार्ड की नौकरी
खुशबू ने बताया पति से अलग होने के बाद कुछ सूझ नहीं रहा था क्या करूं। एक मॉल में तीन महीने तक गार्ड की नौकरी की। बच्चे छोटे थे। मां के घर छोड़कर 12 घंटे जॉब करती थी, लेकिन काम ? भी जरूरी था। आठवीं बेस पर इग्नू से 12वीं की पढ़ाई पूरी की।
फूलों की दुकान संभाली
पति की मौत के बाद खुशबू ने तय किया कि उनकी फूल दुकान का काम देखेंगी। हालांकि यहां बैठना इतना आसान नहीं था। चूंकि काम सीखा नहीं था और पारिवारिक दबाव भी। थोड़ा खुद सीखा। थोड़ा दूसरों ने सिखा दिया।
बच्चे को भेजा बाल आश्रम
बड़ा बेटा माहौल के चलते हाथ से निकलता जा रहा था। वह अन्य बच्चों की संगत में नशा करने लगा था। उसे किसी तरह बालआश्रम में भर्ती कराया।

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बचपन से कुछ नया करने का था जुनून
बचपन से मुझे कुछ हटके और कुछ नया करने का जुनून था। एक बार पेपर में महिलाओं के लघु उद्योग के लिए भारत सरकार की ट्रेनिंग का इश्तेहार देखा। मैंने प्रशिक्षण लिया और वहीं से मैंने उद्योग की स्थापना की। कइयों को उद्यमियों बनने में सहयोग की हूं और आगे भी करती रहूंगी। यह कहना है विशेष आमंत्रित सदस्य राष्ट्रीय बोर्ड, सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय व उद्यमी स्वाति शर्मा का।
परिवार का रहा सपोर्ट
उद्यमी बनने में पति समेत ससुराल वालों का पूरा सहयोग रहा। हसबैंड से जब भी कोई आइडिया शेयर करती हूं वे न सिर्फ गंभीरता से सुनते हैं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पूरा करने के लिए प्रोत्साहित भी करते हैं। जब आपको घर वालों का सहयोग मिले तो आप अपना बेस्ट दे सकते हैं। चुनौती को स्वीकार कर अंजाम देने में जो सुकून मिलता है, इससे आंतरिक ऊर्जा सारे तनाव को उडऩ छू कर देती है।
आगे का प्लान
मुझे अपने जैसी हजारों महिलाओं को देश के कोने-कोने से निकाल कर, पूरी दुनिया में नाम कमाने के लिए उद्यमी बनाना है। मैं राष्ट्रीय मिशन 19-24 कार्यक्रम भी चला रही हूं जो कि नि:शुल्क है। इसमें महिलाओं व युवाओं को लाभ मिल रहा है।

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Tabir Hussain Incharge
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