गलत और आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न बिगाड़ सकते हैं साइंस कॉलेज के परीक्षार्थियों के परिणाम

गलत और आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न बिगाड़ सकते हैं साइंस कॉलेज के परीक्षार्थियों के परिणाम

Deepak Sahu | Publish: Apr, 22 2019 08:34:18 PM (IST) | Updated: Apr, 22 2019 08:34:19 PM (IST) Raipur, Raipur, Chhattisgarh, India

गणित के पहले प्रश्न-पत्र एडवांस कैलकुलस में 50 अंक के प्रश्न-पत्र में 30 अंक के प्रश्न गलत दे दिए गए। इतना ही नहीं बहुविकल्पीय कुछ प्रश्नों में सही विकल्प ही नहीं दिया गया है।

रायपुर. राजधानी के शासकीय नागार्जुन विज्ञान महाविद्यालय की परीक्षा के आयोजन में प्रबंधन की बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। शनिवार को बीएससी द्वितीय वर्ष के गणित के पर्चे में आधे से अधिक अंकों के प्रश्न गलत और आउट ऑफ सिलेबस दे दिए गए हैं।

छात्रों ने बताया कि शनिवार को गणित के पहले प्रश्न-पत्र एडवांस कैलकुलस में 50 अंक के प्रश्न-पत्र में 30 अंक के प्रश्न गलत दे दिए गए। इतना ही नहीं बहुविकल्पीय कुछ प्रश्नों में सही विकल्प ही नहीं दिया गया है। एेसे में विभिन्न पाठ्यक्रमों में पढऩे वाले 400 से अधिक परीक्षार्थियों के पेपर खराब हो गए हैं, जिसका सीधा असर उनके परिणाम पर पड़ सकता है।

सोमवार को परीक्षार्थियों ने कॉलेज परिसर में एकत्रित होकर विरोध जताते हुए गणित विभाग के प्रोफेसर और कॉलेज के प्राचार्य के पास इसकी शिकायत दर्ज कराकर बोनस अंक की मांग की। इस पर प्रबंधन ने उन्हें समिति के माध्यम से जांच कराते हुए मामले का निराकरण करने का आश्वासन दिया।

पहले भी मिली हैं शिकायतें

छात्रों के अनुसार एेसी शिकायतें पहली बार नहीं मिल रही हैं, छात्रों के मुताबिक बीते वर्षों में भी एमएससी के पर्चे में इसी तरह की गंभीर लापरवाही सामने आई थी। जिसमें छात्र की शिकायत के बाद भी कोई निराकरण नहीं किया गया था। इसे लेकर छात्रों में संशय की स्थिति अब भी बरकरार है। हालांकि प्राचार्य ने इस मामले की शिकायत मिलते ही ५ सदस्यीय समिति गठित कर दी है, जो कि कॉपियों को मूल्यांकन के लिए जाने से पहले ही निर्णय देगी।

यही था स्कोरिंग पेपर

स्नातक स्तर पर गणित के तीन पेपर आयोजित किए जाते हैं, जिसमें तीनों प्रश्न-पत्रों में मिलाकर ५१ अंक लाने पर ही परीक्षार्थी उत्तीर्ण होता है। वहीं, छात्रों के अनुसार परसेंटेज सुधारने के हिसाब से यह प्रश्न-पत्र स्कोरिंग साबित होता है। एेसे में प्रबंधन की गलती से विभिन्न ५ विभागों के सैकड़ों परीक्षार्थियों के परिणाम पर इसका सीधा असर पड़ता दिखाई दे रहा है।

समिति से जांच के बाद निर्णय

बच्चों की शिकायत के बाद गणित के ५ प्रोफेसरों की समिति गठित कर दी गई है। समिति कॉपियों को मूल्यांकन के लिए भेजने से पूर्व ही अपनी रिपोर्ट दे देगी। जिसके बाद बच्चों को बोनस अंक देने की अनुशंसा की जाएगी।
-डॉ. डी.एन. वर्मा, प्राचार्य, शास. नागार्जुन साइंस कॉलेज

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