अब कोरोना से मौत हुई तो दाह संस्कार के लिए देने होंगे 2300, अधिकारी पर लग रहे थे धांधली के आरोप

'पत्रिका' को शुक्रवार को एक कोरोना संक्रमित मरीज की मौत होने की जानकारी मिली। इस संबंध में नायाब तहसीलदार रवि विश्वकर्मा से संपर्क किया। उन्होंने खुद इस बात की पुष्टि की, कहा कि लोग आरोप लगा रहे हैं। तब जब मैं खुद अपने जेब से कई मृतकों का दाह संस्कार करवा चुका हूं।

By: Karunakant Chaubey

Published: 31 Jul 2020, 10:11 PM IST

रायपुर. कोरोना वायरस से मौत होने पर शव परिजनों को नहीं सौंपा जाता। दाह संस्कार का जिम्मा जिला प्रशासन का है। यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है, ताकि सुरक्षित दाह संस्कार हो सके। परिजन या अन्य लोग मृतक के संपर्क में आने से संक्रमित न हों। इस पूरी प्रक्रिया (दाह संस्कार) के लिए नगर निगम ने 2300 रुपए निर्धारित किए हैं। दाह संस्कार की जिम्मेदारी नायाब तहसीलदार को सौंपी गई है। मगर, शुक्रवार तक वे इस बात को लेकर व्यथित थे कि लोग उन पर पैसा लेने का आरोप लगा रहे हैं। यही वजह थी कि उन्होंने तीन शव का दाह संस्कार ही नहीं किया।

'पत्रिका' को शुक्रवार को एक कोरोना संक्रमित मरीज की मौत होने की जानकारी मिली। इस संबंध में नायाब तहसीलदार रवि विश्वकर्मा से संपर्क किया। उन्होंने खुद इस बात की पुष्टि की, कहा कि लोग आरोप लगा रहे हैं। तब जब मैं खुद अपने जेब से कई मृतकों का दाह संस्कार करवा चुका हूं। मुझे अब तक इससे संबंधित आदेश नहीं मिला। मैंने दाह संस्कार न किए जाने के कारण से उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है।

'पत्रिका' ने तत्काल कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन से बात की। उन्होंने अधिनस्थ अधिकारी को समय पर निर्धारित राशि लेते हुए दाह संस्कार करने के लिए निर्देशित किया। कहा कि दाह संस्कार में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। नायाब तहसीलदार ने कहा कि वे जल्द ही दोबारा से प्रक्रिया शुरू करेंगे।

अब तक 51 की मौत- प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस से ५१ लोग अपनी जान गवां चुके हैं। इनमें से अधिकांश का अंतिम संस्कार रायपुर में ही किया गया, क्योंकि गंभीर मरीज रायपुर एम्स या फिर आंबेडकर अस्पताल में ही भर्ती रेफर होते हैं। इसलिए जरूरी है कि यहां व्यवस्था बेहतर हो।

देवेंद्र नगर मुक्तिधाम में इलेक्ट्रानिक चैंबर में होता है दाह संस्कार-

जिला प्रशासन द्वारा मृतकों का दाह संस्कार देवेंद्र नगर स्थित मुक्तिधाम में करवाया जा रहा है। इसके लिए यहां पर इलेक्ट्रानिक चैंबर का इस्तेमाल हो रहा है। नायाब तहसीलदार की मौजूदगी में, नगर निगम का अमला पूरी सावधानी के साथ पीपीई किट पहनकर यह प्रक्रिया करता है। परिजनों को दूर से मृतक का चेहरा दिखाया जाता है।

कोरोना वायरस से मृत्यु होने पर दाह संस्कार प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के लिए निगम ने 2300 रुपए निर्धारित किए हैं। रसीद भी दी जाती है।

डॉ. एस. भारतीदासन, कलेक्टर

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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