मरकज में शामिल तबलीगी के खुलासे के बाद उड़ी शासन-प्रशासन की नींद, 17 साथियों के साथ छुपा था कटघोरा में

तबलीगी जमाती नागपुर से ६ मार्च को मरकज में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हुआ था। नौ मार्च तक निजामुद्दीन की मरकज में शामिल हुआ। और फिर कामठी के लिए लौट गया। यहां से ये 17 लोग कटघोरा के लिए रवाना हुए।

By: Karunakant Chaubey

Published: 06 Apr 2020, 08:50 PM IST

रायपुर. दिल्ली के तबलीगी जमात मुख्यालय (कोरोना पॉइंट) में रहकर एक जमाती के कोरबा के कटघोरा में होने का बड़ा खुलासा हुआ है। कोरबा पुलिस ने बीते दिनों इसकी पहचान करते हुए इसे क्वारंटाइन किया था। सैंपल जांच के लिए भेजा था, मगर इसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। यह वही जमाती है जो कटघोरा की मस्जिद में अपने समुदाय के 17 लोगों के साथ ठहरा था। इसमें 16 साल का वह किशोर भी है, जो कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। उधर, कोरबा पुलिस इस जमाती से गहन पूछताछ कर रही है। ताकि मरकज में शामिल होने वाले और जमातियों तक पहुंचकर, कोरोना संक्रमण को रोका जा सके।

पत्रिका को मिली जानकारी के मुताबिक तबलीगी जमाती नागपुर से 6 मार्च को मरकज में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हुआ था। नौ मार्च तक निजामुद्दीन की मरकज में शामिल हुआ। और फिर कामठी के लिए लौट गया। यहां से ये 17 लोग कटघोरा के लिए रवाना हुए। इन्होंने यहां पर पुरानी बस्ती कटघोरा की जामा मस्जिद में आसरा लिया। इसकी सूचना पर स्वास्थ्य विभाग को मिली तो इन्हें मस्जिद में ही क्वारंटाइन किया गया।

इस बीच जारी पुलिस की जांच में स्पष्ट हुआ कि जमातियों ने अपने आने की सही जानकारी छिपाई थी। इनकी पूरी ट्रेवल हिस्ट्री व मोबाइल फोन की जांच की जा चुकी है। जानकारी के मुताबिक 14 मार्च को ये ट्रेन से नागपुर से बिलासपुर और यहां से बस में सवार होकर कटघोरा आए थे। पुलिस सूत्रों की मानें तो मरकज के और सदस्य भी प्रदेश में हो सकते हैं।

वायरस का सोर्स तलाश रही विभाग

मरकज में शामिल हुआ तबलीगी नेगेटिव, जबकि महाराष्ट्र से उसके साथ आया किशोर पॉजिटिव पाया गया है। अब ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती उस वायरस सोर्स तक पहुंचने की है, जिसके संपर्क में आकर किशोर संक्रमित हुआ। डॉक्टर यह भी मानते हैं कि मरकजी में वायरस रहा हो, मगर उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण वह शिकार न हुआ और उसके साथ रहने वाला दूसरा व्यक्ति इसकी चपेट में आ गया हो। यहां भी चिंता का विषय है कि वायरस ४५ दिन बाद भी सक्रिय आ सकता है।
'पत्रिकाÓ ने दी थी सबसे सटीक जानकारी

'पत्रिकाÓ ने सबसे पहले बताया था कि 16 साल का किशोर मरकज में शामिल नहीं हुआ था। शुरुआत में जिला पुलिस और जिला प्रशासन ने इसके तबलीगी जमाती होने का दावा कर दिया था। बाद में कहानी कुछ और निकली। कोरबा पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि किशोर मरकज में नहीं गया था। किशोर के सभी साथियों को मस्जिद से निकाल गेवरा हॉस्टल में कवारंटाइन किया है।
१५९ लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव

दिल्ली तबलीगी जमात मुख्यालय के आस-पास से गुजरे १५९ लोग क्वारंटाइन में हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कहा गया है कि सभी की रिपोर्ट नेगेटिव है।

कोरोना पॉजिटिव किशोर मरकज में शामिल नहीं हुआ था। बल्कि उसके साथ आया उसका एक साथी मरकज में गया था। इस पूरे प्रकरण की जांच जारी है।
-अभिषेक मीणा, एसपी, कोरबा

लंदन से कोरबा आया युवक भी हुआ ठीक, मिली छुट्टी

एम्स के डॉक्टरों ने एक और कोरोना मरीज को वायरस मुक्त करने में कामयाबी हासिल की है। 20 मार्च को लंदन से कोरबा लौटे स्थानीय कांटे्रक्टर के बेटे में 30 मार्च को वायरस की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद उसे रातों-रात कोरबा से एम्स रेफर किया गया था। ३१ मार्च से एम्स के आईसोलेशन वार्ड में उसका इलाज शुरू हुआ। रविवार को उसके दो टेस्ट निगेटिव आने के बाद उसे छुट्टी देने का निर्णय लिया गया और सोमवार की सुबह छुट्टी दे भी दी गई। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने ट्वीट कर डॉक्टरों को बधाई दी। कहा कि 10वां मरीज भी जल्द ठीक हो जाएगा। बता दें युवक के विरुद्ध जानकारी छिपाने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई है।

एक और युवक हुआ ठीक तो वायरस फ्री हो जाएगा प्रदेश

प्रदेश में भी तक 10 पॉजिटिव मरीज मिले हैं, जिनमें से नौ ठीक होकर घर जा चुके हैं। 8 विदेशी थे और एक स्थानीय। बचा है तो बस कटघोरा का किशोर। जिसका इलाज भी एम्स में जारी है। इसके ठीक होते ही प्रदेश फिलहाल वायरस फ्री हो जाएगा, जो राहत की खबर होगी।

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Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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