अंधविश्वास और रूढ़ीवाद के खिलाफ युवाओं ने किया जागरूक

जनकल्याणकारी और ग्राम विकास योजनाओं पर केन्द्रित नाटकों को दर्शकों ने खूब सराहा

रायपुर. नई तकनीक के इस दौर में आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में पुरातन मान्यताओं और जादू-टोना, झाडफ़ूंक जैसे अंधविश्वास के चक्कर में पडक़र परेशान लोगों को नाटक मंचन के जरिए युवाओं ने जागरूक किया। इसके साथ ही राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी और ग्रामीण विकास योजनाओं के जरिये भी लोगों को सक्षम बनने के लिए जागरूक किया गया।

राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित एकांकी नाटक विधा में तीसरे और अंतिम दिन महासमुंंद, सरगुजा, बालोद, धमतरी और कोरिया जिले के चयनित कलाकारों ने मनमोहक और ज्ञानवर्धक नाटकों की प्रस्तुति से दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। कलाकारों ने एक ओर जहां ग्रामीण क्षेत्रों में जात-पात, छुआ-छूत, और बच्चा नहीं होने या बीमार पडऩे पर डाक्टरी सलाह लेने के बजाए झाड़-फूंक, गुनिया-बैगा, ओझा के चक्कर में पडक़र तन-मन और धन से परेशान रहने पर मंचन कर लोगों को जागृत किया, वहीं दूसरी ओर आकर्षक रंग-बिरंगे परिधानों में सज धज कर गीत और नृृत्य के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता, स्वास्थ्य केन्द्रों में सुरक्षित प्रसव, नशामुक्ति, टीकाकरण आदि का संदेश दिया। कलाकारों द्वारा नाटक के माध्यम से आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों एवं महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं के बारे में बताया गया।

lalit sahu
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