108 केन्द्रों पर होगी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी

जिले भर 1256 केन्द्रों पर खरीदी की जाना है, 18 केन्द्रों का निर्धारण बाकी।
खरीदी तिथि के चार दिन बाद केन्द्रों का निर्धारण हो सका, अब केन्द्र शुरू करने में भी लगेगा समय।
किसान कम दामों पर मंडी में बेच रहे गेहूं।

By: Rajesh Yadav

Published: 29 Mar 2019, 03:03 PM IST

रायसेन. जिले में इस वर्ष 25 मार्च से गेहूं खरीदी शुरू होनी थी। लेकिन जिला प्रशासन, नागरिक आपूर्ति निगम सहित खाद्य विभाग के अधिकारी केन्द्रों का निर्धारण नहीं कर सके थे। इस कारण खरीदी अब तक शुरू नहीं हो पाई। खरीदी शुरू होने की तिथि के चार दिन बाद जिम्मेदार विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा 108 केन्द्रों का निर्धारण किया गया है। हालांकि जिले भर में 126 केन्द्रों पर खरीदी कराई जानी है। इस संबंध में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर एस प्रिया मिश्रा की अध्यक्षता मेें बैठक हुई। जिसमें कलेक्टर एस प्रिया मिश्रा ने बाकी केन्द्रों का जल्द निर्धारण करने के निर्देश एसडीएम, तहसीलदार और खाद्य विभाग के अधिकारियों को दिए।


छाया और पेयजल की सुविधा दी जाए
कलेक्टर एस प्रिया मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केन्द्रों पर गेहूॅ विक्रय आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सभी खरीदी केन्द्रों पर किसानों के लिए छाया, पेयजल सहित बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था के साथ ही केन्द्रों पर किसानों की जानकारी के लिए फ्लेक्स लगाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि किसानों को अनावश्यक रूप से लाइन लगकर प्रतीक्षा नहीं करना पड़े। सभी आवश्यक जानकारी देने के लिए प्रत्येक केन्द्र पर सुविधा काउंटर बनाए जाएं।

खरीदी शुरू होने में लगेगा समय
जिला प्रशासन द्वारा गुरूवार को खरीदी केन्द्रों का निर्धारण तो कर दिया गया है। लेकिन खरीदी प्रारंभ होने में अभी एक सप्ताह का समय लग सकता है। सूत्रों की मानें तो अभी केन्द्रों की साफ-सफाई सहित छाया, पेयजल की व्यवस्था करना जरूरी है। वहीं बोरियों पर लगने वाले टैग की प्रिंटिगं होना भी बाकी है। लंबे समय से रखे तौल कांटों की मरम्मत भी नहीं कराई गई। जिसमें समय लगने की संभावना है।

नीलामी में बेच रहे उपज
तय समय पर खरीदी प्रांरभ नहीं होने से किसान परेशान हो रहे। कई किसानों के पास एनआईसी भोपाल से एसएमएस भी पहुंचने लगे हैं। लेकिन केन्द्र शुरू नहीं होने के चलते वे अपनी उपज समर्थन मूल्य पर नहीं बेच सके। ऐसे में कई किसानों को मंडी पहुंचकर कम दामों पर गेहूं बेचना पड़ रहा। गुरूवार को जब पत्रिका टीम रायसेन मंडी परिसर पहुंची तो दर्जन भर से ज्यादा टै्रक्टर-ट्रॉलियों में लाए गेहूं की तुलाई किसान करवाते नजर आए। मंडी प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार गुरूवार को लगभग 550 क्विंटल गेहूं की आवक रही।


किसानों का कहना
गोरखपुर से 27 क्विंटल गेहूं लेकर आए किसान भारत सिंह मीणा ने बताया कि उन्होंने नीलामी में 1731 रुपए प्रति क्विंटल से गेहूं व्यापारी को बेचा। डाबर के किसान राममोहन बघेल ने बताया कि उन्होंने 45 क्विंटल गेहूं 1767 रुपए क्विंटल के दाम पर बेचा। जबकि उन्होंने बनखेड़ी सोसाइटी के तहत समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन भी कराया है। लेकिन अब तक खरीदी शुरू नहीं होने से उन्हें कम दाम पर उपज बेचना पड़ा।

Rajesh Yadav
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