​जिले ​के 1500 से अधिक स्कूलों को बिजली का इंतजार, विधानसभा चुनाव में इतने स्कूल को मिली थी सुविधा

जिले के 1500 से अधिक स्कूलों को बिजली का इंतजार, विधानसभा चुनाव में इतने स्कूल को मिली थी सुविधा

By: Rajesh Yadav

Updated: 04 Apr 2019, 01:47 PM IST

रायसेन. सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान को संचालित कर लाखों रुपए लागत वाले स्कूल भवन तो बना दिए। लेकिन उनमें सुविधाओं की कमी बरकरार है। सबसे मुख्य सुविधा बिजली उपलब्ध नहीं है। कुछ भवनों में जिम्मेदारों न निर्माण के दौरान लाइट फिटिगं भी करवा दी है। लेकिन मीटर कनेक्शन नहीं हो सका। ऐसे में लाइट फिटिगं अनुपयोगी है।

 

वर्तमान में नया शैक्षणिक सत्र में भी एक अपै्रल से शुरू हो चुका है। ऐसे में भीषण गर्मी के समय बच्चों और शिक्षकों का बिना पंखे के कक्षाओं में बैठना कष्टदायक बना हुआ है। जिले में 1863 प्राइमरी और 657 मिडिल स्कूल संचालित हैं। इनमें से 521 स्कूल एक शाला परिसर में हो चुके हैं। लेकिन ज्यादातर स्कूलों में बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

 

गौरतलब हो कि विधानसभा चुनाव में जिले की चारों विधानसभा सीटों पर 1206 मतदान केन्द्र बनाए गए थे। ज्यादातर मतदान केन्द्र स्कूल भवनों में बनाए थे। जिला शिक्षा केन्द्र से मिली जानकारी के अनसुार विधानसभा चुनावों के दौरान 881 प्राइमरी, मिडिल स्कूल भवनों में बिजली कनेक्शन देकर उन्हें रोशन किया गया था। क्योंकि इन परिसरों में मतदान केन्द्र बनाए गए थे और ईवीएम के लिए बिजली कनेक्शन की जरूरत पड़ती है।

 

साथ ही लाइट फिटिगं, बल्व एवं पंखे भी लगाए गए थे। लेकिन जिले में अभी 1639 प्राइमरी, मिडिल स्कूल भवन रोशन नहीं हो सके। बिजली कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार 881 स्कूल भवनों में कनेक्शन की राशि निर्वाचन आयोग द्वारा जमा की गई है।

1639 स्कूलों में बिजली का इंतजार
जिले में अभी भी 1639 प्राइमरी, मिडिल स्कूल भवनों को रोशन होने का इंतजार है। इन भवनों में बैठकर पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं सहित शिक्षकों को लाइट सुविधा मिलने का इंतजार है। लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा इस तरफ कदम नहीं उठाए गए। जबकि लाखों रुपए भवन निर्माण पर खर्च किए जाते हैं। लेकिन बिजली सुविधा देना जरूरी नहीं समझा गया। बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के समय 480 स्कूल भवनों में भी बिजली सुविधा उपलब्ध कराई जानी है। लेकिन अभी इस दिशा में प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।

 

पंखे लगे कनेक्शन नहीं
शहरी क्षेत्र में ही ज्यादातर स्कूलों में बिजली की सुविधा नहीं है। वार्ड आठ पुराना थाना के समीप बने शासकीय कन्या प्राथमिक स्कूल में पंखे लगे हैं। लेकिन बिजली की सुविधा नहीं होने से पंखे अनुपयोगी साबित हो रहे।

मीटर लगा लेकिन चालू नहीं हुआ
नरापुरा वार्ड एक में मिडिल स्कूल भवन में मीटर लगाया गया। लेकिन आज तक वह मीटर चालू नहीं हो सका। ऐसे में छात्रों को पंखे और रोशनी की सुविधा नहीं मिल पा रही। भीषण गर्मी में छात्र बिना पंखे के बैठ रहे।

बिल जमा करने की चुनौती
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शासन द्वारा बिजली कनेक्शन लेने और प्रतिमाह बिल जमा करने के लिए राशि नहीं दी जाती। इसलिए ज्यादातर स्कूलों में कनेक्शन नहीं लिए गए। हालांकि ग्लोबल बजट से बिल की राशि निकाली जा सकती है। लेकिन उसमें आडिट के दौरान कई तरह की आपत्तियां आती है। ऐसे में अधिकारी झंझटों से बचना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के समय 881 स्कूलों में से कई जगह बिजली बिल जमा नहीं हो सका। क्योंकि शासन द्वारा ग्लोबल बजट नहीं दिया जा रहा। ग्लोबल बजट आहरित करने का अधिकार संकुल प्राचार्यों को दिया गया है।

गर्मी में ज्यादा परेशानी
स्कूल भवनों में बिजली नहीं होने से पंखों की सुविधा नहीं है। ऐसे में अप्रैल माह में लग रही कक्षाओं के दौरान छोटे-नन्हें बच्चों का बैठना मुश्किल भरा हो रहा है। शहर रायसेन में ही पाटनदेव प्राइमरी, मिडिल स्कूल, नवीन नरापुरा सहित पुराना थाना के समीप संचालित प्राइमरी कन्या स्कूल भवन में बिजली की सुविधा नहीं है। ऐसे में छात्रों और शिक्षक दोनों की परेशानी से गुजर रहे।


सर्व शिक्षा अभियान में स्कूल भवन बनाए जाते हैं। लेकिन बिजली सुविधा कई जगह उपलब्ध नहीं है। क्योंकि इसके लिए अलग से राशि नहीं मिलती। विधानसभा चुनाव के दौरान जिले के 881 स्कूलों में बिजली कनेक्शन दिए गए थे। लोकसभा चुनाव में भी 480 स्कूलों में बिजली कनेक्शन दिए जाने हैं। बाकी स्कूलों में भी बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे।
विजय नेमा, डीपीसी, जिला शिक्षा केन्द्र रायसेन।

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