55 फीसदी शिक्षकों ने डाउनलोड नहीं किया  एप

55 फीसदी शिक्षकों ने डाउनलोड नहीं किया  एप

Brajesh Kumar Tiwari | Publish: Sep, 16 2018 07:30:59 PM (IST) Raisen, Madhya Pradesh, India

सरकारी स्कूलों की नहीं सुधर नहीं व्यवस्थाएं,डीईओ बोले अभी काम चल रहा है

रायसेन. सरकारी स्कूलों का माहौल वास्तव में नए शिक्षा सत्र से बदला-बदला सा नजर आने वाला था। लेकिन अब भी कई खामियां नजर आ रही हैं।दरअसल राज्य शासन ने नए शिक्षा सत्र की शुरूआत में कई बदलाव की घोषणाएं की थीं।परन्तु जो फिलहाल दिखाई नहीं दे रही हैं।अब तक अपनी मनमर्जी से स्कूल पहुंचने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के अलावा अधिकारी कर्मचारी भी समय पर कार्यालय व स्कूल पहुंचने की जद्दोजहद करते दिखे जो बाद में ठंडे पड़ गए। हालांकि सरकारी स्कूलों में शिक्षा और पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने की गरज से और शिक्षकों व कर्मचारियों में कसावट लाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने इस बार कई सुधार करने की कोशिश की है।इनमें ई-अटेंडेंस,शिक्षकों का डे्रस कोड,स्कूली छात्रों को सिली हुई यूनीफॉर्म देने ,स्कूलों में बुक बैंक की शुरूआत करने जैसी कवायदें शामिल हैं। मालूम हो कि पिछले 2 अप्रैल 2018 से ई-अटेंडेंस की व्यवस्था लागू कर दी गई है।लेकिन बताया यह जा रहा है कि जिले के अभी तक 45 फीसदी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एम-शिक्षा मित्र एप डाउनलोड कराया है। बाकी 55 प्रतिशत काम रह गया है।

शिक्षकों के लिए डे्रस कोड लागू
शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए इस साल ड्रेस कोड लगाू कर दिया गया है। महिला शिक्षिकाओं के लिए मेहरून और पुरूष शिक्षकों के लिए नैवी ब्ल्यू जैकेट पहन कर पढ़ाने स्कूल आने की कवायद की गई है। शिक्षकों को जैकेट अपनी जेब से खरीदना होगी। या फिर सरकार रूपए देगी। यह फिलहाल अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।अधिकारियों की अगर हम मानें तो जिला शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। लेकिन अभी तक इन सरकारी स्कूलों में कोई भी शिक्षक ड्रेस कोड पहने नजर नहीं आया है।


रूपए नहीं देंगे,सिली सिलाई यूनीफॉर्म देंगे
जिलेभर के पहली से 8वीं क्लास तक के छात्रों को पहले 400 रूपए उनके खातों में जमा कर यूनीफॉर्म क्रय करने दिए जाते थे । लेकिन अब बदलाव कर दिया गया है। जिलेभर के सरकारी स्कूलों के लगभग डेढ़ लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं को इस बार सिली सिलाई यूनीफॉर्म बनवाकर वितरित कराने की कार्ययोजना बनाई गई है। जिला शिक्षा केंद्र के समंवयक विजय नेमा ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से संपर्क कर उसे मप्र राज्य केंद्र से करीब 6 करोड़ रूपए का बजट भी उपलब्ध करवा दिया गया है।ताकि महिला-स्व सहायता समूहों से यूनीफॉर्म की सिलाई कर उन्हें वितरित कराई जा सके । जबकि सरकारी स्कूलों में यूनीफॉर्म अभी तक नहींबंटी है। अधिकारी 15 अगस्त तक छात्रों को यूनीफॉर्म बांटे जाने का दावा कर रहे थे ।

ध्यान दिया जाएगा
सरकारी स्कूलों में इस बार कईतरह के बदलाव करन के निर्देश आए हैं। उन पर लगातार काम चल रहा है।शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। फिलहाल अभ ीजो भी निर्देश मिले हैं उनका कड़ाई से पालन कराया जाएगा। शिक्षकों के ड्रेस कोड और एम -शिक्षा मित्र एप के तहत शिक्षक कर्मचारियों की ई-अटेंडेंस के मामले में गंभीरता पूर्वक ध्यान दिया जाएगा ।

आरपी सेन, डीईओ रायसेन ।

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