कटाई के दौरान फसल में लगी आग, 55 एकड़ फसल खाक

कटाई के दौरान फसल में लगी आग, 55 एकड़ फसल खाक

Amit Mishra | Updated: 06 Apr 2019, 01:48:21 PM (IST) Raisen, Raisen, Madhya Pradesh, India

हारवेस्टर से निकली चिंगारी की आग से गेहूं की फसल हुई स्वाहा, बढ़ी आगजनी की घटनाएं...

रायसेन. जिले के कस्बा खरबई के पुलिस चौकी के बगल में मेंडोरी निवासी एक किसान के खेत मेंं हार्वेस्टर से 55 एकड़ के खेत में खड़ी फसल की कटाई की जा रही थी। तभी हार्वेस्टर से निकली की चिंगारी से खेत में खड़ी गेहूं की फसल धधक उठी। देखते ही देखे आग की लपटें बढ़ीं और फसल को अपनी चपेट में ले लिया। दोपहर 12:45 बजे लगी आग पर काबू करने के ग्रामीणों ने बहुत प्रयास किए, दमकल को सूचना दी, लेकिन आग पर काबू नहीं किया जा सका।

दमकल पहुंचती तब तक फसल लगभग पूरी तरह जल चुकी थी। दमकल के पहुंचने के बाद लगभग आधा घंटा की मशक्कत कर आग पर काबू पाया जा सका। लेकिन तब तक खेत मालिक रेवाराम शर्मा, प्रदीप शर्मा की फसल राख में बदल चुकी थी। पीडि़तों ने तहसीलदार रायसेन को आवेदन देकर आर्थिक सहायता की मांग की है।

 

देखते ही देखते स्वाह हुई फसल
खरबई पुलिस चौकी प्रभारी आरपी कुर्वेती ने बताया कि मेंडोरी निवासी किसान रेवाराम शर्मा, प्रदीप शर्मा का पुलिस चौकी के बाजू में खेत है। शुक्रवार को दोपहर हार्रवेस्टर के जरिए गेहूं के खेत में कटाई की जा रही थी। तभी दोपहर करीब पौने एक बजे हारर्वेस्टर के टैंंक से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते 55 एकड़ में पककर खड़ी गेहूं की फसल को जला दिया।

दमकल कर्मियों, लोगों, पुलिस कर्मियों की मदद से आग पर लगभग 30 मिनट में काबू पा लिया गया। आग बुझाने के लिए किसानों ने एक ट्रैक्टर में ब्लेट लगाकर गहरी जुताई कर लाइन डाली, वहीं ग्रामीणों ने झाडिय़ों, पेड़ के पत्तों से आग को आगे बढऩे से रोका। वरना आसपास के दर्जनों खेतों में फसल जलकर खाक हो जाती।

 

 

हर दिन हो रही घटनाएं
तापमान बढऩे के साथ जिले में आगजनी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। गुरुवार को सिलवानी के पास नूरपुरा में दो किसानों की सात एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी। इससे पहले सलामतपुर, सुल्तानपुर, उदयपुरा, बेगमगंज और गैरतगंज क्षेत्र में आगजनीकी घटनाओं में फसलें जल चुकी हैं।


गुस्साए लोगों ने हार्वेस्टर चालक को पीटा
खेत की फसल जलने की घटना से नाराज लोगों ने हार्रवेस्टर चालक से मारपीट करना शुरू कर दी, लेकिन पुलिस कर्मियों की मदद से उसे सुरक्षित बचाकर पुलिस चौकी में लाया गया। पुलिस चौकी प्रभारी कर्वेती की समझाइश पर बमुश्किल मामला शांत हो सका।

 

ये हैं प्रमुख कारण
खेतों में खड़ी फसलें लगातार आग की चपेट में आने का प्रमुख कारण नरवाई में आग लगाना है। इसके अलावा हार्वेस्टर से कटाई के दौरान भी आग लगने की घटनाएं होती हैं। एक और प्रमुख कारण खेतों से गुजारी बिजली लाइन है, गर्मियों में तारों के आपस में टकराने से स्पार्किंग होती है और उससे निकलने वाली चिंगारी फसलों को चपेट में लेती है। नरवाई में आग लगाने पर प्रतिबंध के बाद भी किसान फसल काटकर नरवाई को जला रहे हैं।

आरक्षक ने की किसानों से मारपीट
आगजनी की घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने खरबई चौकी पहुंचे किसानों के साथ आरक्षक धीरेंद्र कुमार ने जमकर मारपीट की एवं थाने में बंद करने की धमकी तक दे डाली। जब किसानों ने इसका विरोध किया तो मौके पर पहुंचे एसडीओपी मुकेश कुमार चौबे ने स्थिति को संभालने के लिए आरक्षक धीरेंद्र कुमार को कमरे में बंद करवा दिया।


किसानों को आरक्षक पर कार्यवाही करने की बात कहकर वापस भेजा। वहीं किसानों ने बताया कि आरक्षक द्वारा हमारे साथ जमकर मारपीट की गई है और उसके बाद भी पुलिस उसे बचा रही है। अगर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो हम इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे। वहीं एसडीओपी मुकेश चौबे का कहना है कि किसानों से मारपीट की शिकायत मिली है, इसकी जांच की जाएगी। यदि ऐसा हुआ है तो कार्रवाई करेंगे।

 

सीतातलाई पहाड़ी पर धधक रही आग
रायसेन. शुक्रवार को पूर्वी वनरेंज तहत सीतातलाई, गोपालपुर की पहाड़ी के जंगल आग से धंधकते रहे। सुबह से लगी आग की जानकारी शाम तक वन अमले को नहीं थी। आग से पेड़ पौधों को नुकसान तो पहुंच ही रहा है, साथ ही जंगली जानवरों पर भी संकट खड़ा हो गया है।


आग की लपटें शुक्रवार की शाम 5 बजे से लेकर रात तक पहाड़ी में उठती रहीं। गौरतलब है कि इससे पहले किले की पहाड़ी के सामने व नरापुरा मुक्तिधाम के सामने के हिस्से में आग लग चुकी है।

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