बरेली सेंटर से एक संदिग्ध भागा, दूसरे दिन पकड़कर भर्ती किया

कुछ जिम्मेदारों की लापरवाही भी सामने आ रही है

By: chandan singh rajput

Published: 05 Apr 2020, 02:04 AM IST

रायसेन/बरेली. कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बाहर से आने वाले लोगों की जांच कर क्वारेंटाइन सेंटरों में रखा जा रहा है। जरूरत होने पर आइसोलेशन वार्ड में भी भर्ती किया जा रहा है। जिले में दस क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। मगर इसमें कुछ जिम्मेदारों की लापरवाही भी सामने आ रही है। शुक्रवार की रात बरेली के उत्कृष्ट छात्रावास में बने क्वारेंटाइन सेंटर से एक संदिग्ध मरीज खिड़की से कूदकर भाग निकला था, जिसकी जानकारी शनिवार सुबह प्रशासन और स्वास्थ्य अमले को मिली। घटना से सकते में आए अधिकारियों ने उसकी तलाश शुरू की, दोपहर बाद संदिग्ध को उसके ससुराल ऊंटिया से पकड़कर फिर क्वारेंटाइन सेंटर में भर्ती किया गया। उल्लेखनीय है कि इसी सेंटर में नेपाल से दिल्ली होते हुए वापस लौटी एक जमात के छह लोगों सहित एक अन्य संदिग्ध को रखा गया है।

जानकारी के अनुसार ग्राम ऊंटिया निवासी युवक को गांव में जांच के दौरान संदिग्ध पाया गया था। उसे स्वास्थ्य अमले ने तीन दिन पहले क्वारेंटाइन सेंटर में भर्ती कर सेंपल जांच के लिए भेजे हैं। दरअसल शुक्रवार की रात लगभग साढ़े ११ बजे एक युवक छात्रावास भवन के पिछले हिस्से की खिड़की से निकलकर भाग गया था। मगर शनिवार सुबह मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस को सूचना दी थी।

अधिकारियों में हड़कंप
क्वारेंटाइन सेंटर से संदिग्ध के भागने की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। सुबह १० बजे एसडीएम ब्रजेन्द्र रावत, एसडीओपी, तहसीलदार क्वारेंटाइन सेंटर पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और ड्यूटी पर लगे शिक्षकों से पूरी जानकारी ली। बताया गया कि रात ११ बजे सेंटर में मौजूद आठ युवकों को भोजन दिया गया था। उस समय सभी अपने-अपने वार्डों में मौजूद थे। सेंटर के सामने का दरवाजा लॉक कर सुरक्षाकर्मी मुख्य द्वार के पास बैठा था। भागने वाला युवक सेंटर के पीछे के हिस्से की खिड़की तोड़कर भागा था। एसडीएम ने मौके पर मौजूद नगर परिषद सीएमओ से कहा कि सेंटर के पास फैले अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए, साथ ही क्वारेंटाइन सेंटर को सैनिटाइज किया जाए।

जिले के 80 संदिग्ध
जिले में बनाए गए दस क्वारेंटाइन केंद्रों में कुल 80 संदिग्ध व्यक्तियों को रखा गया है, जबकि होम क्वारेंटाइन में ८८०२ लोगों को रखा गया है। शासकीय सेंटरों पर रहने वाले लोग ऊब रहे हैं। हालांकि उन्हें हर तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। दोनों समय भोजन के साथ चाय आदि समय पर दी जाती है, लेकिन बीमारी का भय और एकांतवास के चलते ये भागने का प्रयास करने लगे हैं।
मनोचिकित्सक नियुक्त
क्वारेंटाइन और आइसोलेशन में रह रहे लोगों समझाने और हौसला बनाए रखने की जरूरत है। इसे देखते हुए शासन के निर्देश पर प्रशासन ने मनोवैज्ञानिक परामर्श देने के लिए मनोचिकित्सक नियुक्त किया है। डॉ. निधि सिंह चौहान को नियुक्त कर उन्हें संदिग्ध मरीजों को समझाने और उनका हौसला बढ़ाने की जिम्मेदारी दी है। उनके मोबाइल नम्बर 7987886170 पर दोपहर 12 बजे से शाम 04 बजे तक सम्पर्क किया जा सकता है।

रायसेन में किया भागने का प्रयास
जिला मुख्यालय पर नर्सिंग हॉस्टल में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर से भी शुक्रवार रात एक संदिग्ध ने भागने का प्रयास किया था। जिसे समय रहते चौकीदार ने देख लिया और पकड़कर फिर अंदर कर ताला लगाया। जानकारी के अनुसार सेंटर की दूरी मंजिल के एक कमरे में भर्ती संदिग्ध रात लगभग १२ बजे पाइप के सहारे नीचे उतर रहा था। संयोग से चौकीदार की नजर उस पर पड़ गई, उसने तुरंत युवक को पकड़ा और फिर उसके कक्ष में रखा।
&क्वारेंटाइन सेंटर से फरार हुए युवक को उसकी ससुराल ग्राम भंडारिया से पकड़ लिया गया है। सेंटर के आसपास पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है।
- कुंअर सिंह मुकाती, थाना प्रभारी बरेली

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