समय पर आवास की किस्त नहीं मिलने से परेशान हो रहे हितग्राही

प्रधानमंत्री आवास योजना का पैसा चार किस्तों में हितग्राही के खाते में पहुंचता है

By: chandan singh rajput

Published: 18 Feb 2020, 02:04 AM IST

बेगमगंज. प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को समय पर आवास की किस्त नहीं मिलने से परेशानियां उठाना पड़ रही हैं। क्योंकि आवास की किस्त तीन-तीन माह में आने से गरीब परिवारों को खेतों या खाली प्लाटों पर झोपड़ी बनाकर मासूम बच्चों के साथ रात गुजारना पड़ रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना का पैसा चार किस्तों में हितग्राही के खाते में पहुंचता है। पहली किस्त आने पर मकान का काम शुरू करना पड़ता है, फिर अगली किस्त में दीवार, छत, प्लास्टर के लिए किस्त मिलती हैं। हितग्राही को मकान तैयार करने में कम से कम एक से डेढ़ वर्ष का समय लगता है, जिसके चलते ज्यादातर परिवार खाली भूमि में झोपड़ी बना लेते है या फिर कुछ परिवार किराए का मकान लेकर किस्त आने का इंतजार करते हैं। परिवारों का कहना होता है कि आस पड़ोस में किराए से मकान नहीं मिलता। दूर किराए से रहने से मकान का सामान चोरी चला जाता है, जिसके चलते मकान के पास झोपड़ी बनाकर रात गुजारना पड़ती है।

बढ़ जाती है कीमत
हितग्राहियों का कहना है कि किस्त देर से जब मिलती है, तब तक मटेरियल का दाम भी बढ़ जाता है, जिससे परेशानी होती है।
अपात्रों ने भी उठाया लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ कुछ अपात्र लोगों ने नियम विरुद्ध लाभ उठा लिया, जबकि कुछ गरीब परिवार आज भी आवास से वंचित चल रहे हैं। जिन लोगों के पहले से ही पक्के मकान थे, उन लोगों ने योजना का लाभ ले लिया और कुछ लोगों ने तो पुराने पक्के मकान में ही पैसे का इस्तेमाल कर लिया।

क्या कहते है हितग्राही
नगर के वार्ड क्रमांक १८ श्यामनगर निवासी सरोज बाई पति स्व. चेतू सेन का कहना है तीन साल पहले आवेदन दिया था आवास स्वीकृत नहीं हुआ है। मजदूरी करते हैं छोटा सा चद्दर वाला कच्चा मकान बना है। बेटा मजदूरी कर परिवार चला रहा है, फिर भी योजना से वंचित है।
वार्ड क्रमांक १७ निवासी राधा लोधी पिता बृजमोहन ने बताया कि दो वर्ष पूर्व आवेदन किया था सूची में नाम नहीं आया। हमसे बाद वालों के आवास स्वीकृत हो गए हैं। वहीं वार्ड क्र. १७ निवासी सविता बाई का कहना है कि दो माह पहले किस्त आई थी। मकान तोड़कर काम शुरू कर दिया, आसपास किराए से मकान मिला नहीं, जिसके चलते पास के खेत में झोपड़ी बना ली।

आशारानी पति दयाराम विश्वकर्मा का कहना है तीन माह पहले किस्त आने के बाद मकान तोड़ लिया, सोचा दो तीन माह में मकान तैयार हो जाएगा, लेकिन अभी तक दूसरी किस्त नहीं आई, छोटी सी कोठरी बनाकर परिवार के साथ रह रहे हैं।
वार्ड १७ की यशोदरा बाई, नर्वदा प्रसाद विश्वकर्मा, रूप सिंह ने दो माह पहले फॉउंडेशन भर लिया है। किस्त आने के बाद ही दीवारों का काम शुरू कर पाएंगे। पूरी ठंड टपरे में गुजार दी, पुरा सामान बिखरा पड़ा है।

प्रधानमंत्री आवास की राशि दिल्ली से आती है, जिन अपात्रों ने लाभ लिया है, उनकी सूची बना ली है, जो पात्र रह गए हैं उन्हें शीघ्र ही लाभ दिलाया जाएगा।
-संजय उपाध्याय, एसडीएम एवं प्रशासक नगर पालिका बेगमगंज

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