बहाना बनाकर भोपाल कर रहे रेफर

जिला अस्पताल की महिला विंग मेटरनिटी सेंटर रैफर सेंटर बनकर रह गया है।

By: chandan singh rajput

Published: 07 Jan 2019, 02:04 AM IST

रायसेन. चुनाव के बाद जिले में स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं और जिला अस्पताल में अब तक फैली अव्यवस्थाओं से आमजन को निजात मिल जाएगी ऐसा फिलहाल तो नजर नहीं आ रहा है। वहीं अस्पताल के जिम्मेदार स्टाफ की कमी का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर मरीज को भोपाल और विदिशा रेफर कर इतिश्री कर लेते हैं। चिकित्सक, जांच, दवा संबंधी ऐसी अनेक समस्याएं हैं, जिनसे सबसे ज्यादा जिले की प्रसूताएं परेशान हैं।

आलम ये है कि जिला अस्पताल की महिला विंग मेटरनिटी सेंटर रैफर सेंटर बनकर रह गया है। इस कारण प्रसूताओं से लेकर उनके परिजन तक सभी बेहद परेशान हैं।
वहीं प्रसूति प्रसवोत्तर केंद्र में पदस्थ डॉक्टरों व महिला चिकित्सकों में आपसी खंीचतान लंबे समय से चल रही है। इस कारण जिला अस्पताल डॉक्टरों का राजनीतिक अखाड़ा बना हुआ है। चाहे महिलाओं के बच्चेदानी के ऑपरेशन हों अथवा अन्य कोई ऑपरेशन यहां पदस्थ चिकित्सक महिलाओं के परिजनों से घर चेकअप कराने के नाम पर मोटी राशि एकमुश्त वसूली कर सीजर ऑपरेशन करते हैं।

विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि पिछले दिनों रायसेन की तीन, बाड़ी के दो, सुल्तानपुर के दो महिला मरीजों के बच्चेदानी के ऑपरेशन दो पुरूष डॉक्टरों ने किए। इसके लिए मरीज के परिजनों से पांच से सात हजार रुपए घर बुलाकर वसूल किए।
संसाधनों की कमी
महिला विंग मेटरनिटी सेंटर की महिला डॉक्टरों से लेकर पैरामेडिकल स्टॉफ समेत स्टाफ नर्सेंं महिला मरीजों व प्रसूताओं को यहां की मशीनों, संसाधनों की कमी की दुहाई देती हैं। इस वजह से प्रसूताओं के परिजन घबराकर भोपाल रैफर करवाने के लिए मजबूर हो जाते हैं।

वहीं दूसरी ओर सरकारी चिकित्सक अस्पताल में सेवा करने के बाद एक नर्सिंग होम्स में सेवाएं देने जाते हैं। इसी तरह शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोरों पर भी सरकारी डॉक्टर बेखौफ होकर प्रायवेट प्रैक्टिस कर मरीजों से मोटी फीस वसूल कर इलाज कर रहे। लोगों का कहना है कि यह डॉक्टर जब सेवा पर व राउण्ड लगाने जाते हैं तो सिर्फ रस्म अदाएगी कर चले जाते हैं।

 

बेहोशी के डॉक्टर कम समय के लिए रहते हैं उपलब्ध
बेहोशी के डॉक्टर कम समय के लिए रहते हैं उपलब्धनिश्चेतना के चिकित्सक अनिल ओड सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक सेवा कर भोपाल चले जाते हैं। बताया जा रहा है कि वे रविवार एवं अन्य अवकाश के दिनों यहां नहीं आते। ऐसे ड्यूटी डॉक्टरों द्वारा गर्भवती महिला को भोपाल रैफर करना उनकी मजबूरी बन जाती है।

जिला अस्पताल के प्रसूति केंद्र में अवकाश के दिन विदिशा के एक निश्चेतना विशेषज्ञ को बुलाकर कमी दूर की जाती है। गंभीर प्रसूताओं के मामले व महिला मरीजों को भोपाल भेजा जाता है। अस्पताल में अव्यवस्थाओं को लगातार दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। मशीनों व संसाधनों की सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं। ताकि अस्पताल में ही मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।
- डॉ. यशपाल सिंह बाल्यान, आरएमओ रायसेन।

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