स्वच्छता सर्वेक्षण : 2020 में पिछली रेंकिंग को बनाए रखने की चुनौती, नपा ले रहा एप्प से फीडबैक

दूसरे सर्वेक्षण में पिछडऩे के बाद नपा लोगों के फीडबैक से लगा रही उम्मीद।

By: praveen shrivastava

Published: 06 Jan 2020, 10:23 AM IST

रायसेन। स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में पिछली रेंकिंग को बनाए रखने की चुनौती सामने आते ही नगर पालिका सक्रिय हो गई है। हालांकि अब उसकी रेंकिंग शहर के नागरिकों के फीडबैक पर निर्भर है। वोट योर सिटी एप पर लोगों को नगर में स्वच्छता को लेकर संतुष्टि या असंतुष्टि दर्ज कराना है।

डस्टबिन रखने का काम शुरू किया
सर्वे के लिए दिल्ली से आने वाली टीम भी नागरिकों से बात करेगी। हालांकि नगर पालिका शहर में स्वच्छता का माहौल बनाने में जुट गई है। जो काम छह माह पहले से होना था, वो अब अंतिम दौर में किया जा रहा है। वाल पेंटिंग, डस्टबिन रखने का काम शुरू किया जा रहा है।

61 वें नंबर पर पहुंचने से चिंता बढ़ गई
नपा के जिम्मेदारों को अभी भी उम्मीद है कि पिछले साल की प्रदेश में 85वीं रेंकिंग से बेहतर प्रदर्शन इस बार कर पाएगी। लेकिन सर्वेक्षण के पहले चरण में 13वं नंबर पर आने के बाद दूसरे चरण में पिछड़ कर 61 वें नंबर पर पहुंचने से चिंता बढ़ गई हैं।


अब 3000 अंकों पर दांव
सर्वेक्षण में कुल अंक 6000 रहेंगे। जो चार तरह से होने वाले सर्वेक्षण में नपा को दिए जाएंगे। लगभग 3000 अंकों के लिए सर्वेक्षण के तहत कार्य हो चुका है। जिसमें से नपा को अंक भी मिल चुके हैं। अब बाकी 3000 अंकों पर नपा की ओवरआल रेंक निर्भर करेगी। इन चार तरीकों से पूरा सर्वे होना है।


1. सेवा स्तर प्रगति और दस्तावेजीकरण
इसके लिए 1500 अंक तय हैं। यह काम पूर्ण हो चुका है। इसके आधार पर अंक भी दे दिए गए हैं। जिसमें पहले चरण में 13वीं रेंक मिली थी।


2. ओडीएफ ++ तथा गार्बेज फ्री सिटी
कुल 1500 अंक के इस स्तर में ओडीएफ++ के लिए 500 और गार्बेज फ्री सिटी के लिए 1000 अंक तय हैं। ओडीएफ++ में नपा का दावा मान लिया गया है। शनिवार को नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव संजय गुप्ता ने रायसेन नगर पालिका सीएमओ को पत्र लिखकर ओडीएफ++ का प्रमाणीकरण प्राप्त करने पर शुभ्कामनाएं दी हैं। यानि नपा का यह दांव सटीक लगा है। अब गार्बेज फ्री सिटी के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन होना बाकी है।


3. सिटीजन फीड बैक
इस स्तर के लिए तय 1500 अंक पूरी तरह शहर के नागरिकों पर निर्भर हैं। इसमें दिल्ली से आने वाली टीम लोगों से मिलकर फीडबैक लेगी साथ ही एप पर लोगों की प्रतिक्रिया को जाचेंगी। उसके आधार पर ही अंक दिए जाएंगे।

 

4. प्रत्यक्ष अवलोकन
1500 अंकों के लिए यह स्तर नपा के लिए बड़ी चुनौती होगा। सर्वे टीम शहर में घूमकर, नपा द्वारा दस्तावेजीकरण में किए गए दावों की असलियत परखेगी। यदि अनुकूल स्थिति मिली तो अंक अ'छे, वर्ना नुकसान होगा। इसीलिए नगर पालिका युत्र स्तर पर शहर को संवारने में जुट गई है।


ऐेसे होगा भौतिक सत्यापन
शहर में दल दो तरह से सर्वे करेगा। एक तो वह पहले से तय जगहों पर जाकर प्रत्यक्ष निरीक्षण करेगा। यह जगह कौन सी होगी, इसकी जानकारी खुद सर्वे दल को भी नहीं होगी। उन्हें गूगल मैप पर उसी दिन इसकी जानकारी दी जाएगी।

7 से 12 सवाल कर सकते हैं
दूसरे टीम के सदस्य रिहायशी व व्यावसायिक इलाकों में रहने वालों से सीधे बात करेंगे। वे 7 से 12 सवाल कर सकते हैं। इसके अलावा शहरवासियों के मोबाइल पर भी एप डाउनलोड पर कॉल आ सकता है। यह कॉल उन लोगों को आएगा, जिन्होंने वोट योर सिटी एप डाउनलोड कर उसमें अपना फोन नंबर रजिस्टर्ड कराया है।

 

26 जनवरी से पहले आ सकती है टीम
स्वच्छता रैंकिंग के लिए जमीनी सर्वे की टीम 5 जनवरी के बाद कभी भी अपनी आमद दर्ज करा सकती है। इसकी कोई तारीख तय नहीं है। यह सर्वे 26 जनवरी तक कभी भी हो सकता है। नगर पालिका को भी दो दिन पहले ही दल के आने की सूचना मिलेगी।

ऑनलाइन सर्वेक्षण के लिए हम आम लोगों के मोबाइल में एप डाउनलोड करा रहे हैं। ताकि उनके फीडबैक से अंक बढ़ाए जा सकें। शहर में स्वच्छता के लिए हर जरूरी कदम उठा रहे हैं। हमे भरोसा है कि पिछले वर्ष से अच्छी रेंक इस साल मिलेगी।
ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमओ नगर पालिका रायसेन

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