सीएचसी को सिविल अस्पताल बनाने की उठी मांग

जनपद क्षेत्र उदयपुरा की दो तहसीलों के लिए अपर्याप्त हैं स्वास्थ्य सुविधाएं।

By: praveen shrivastava

Published: 06 Oct 2021, 11:38 PM IST

अखिलेश शर्मा, उदयपुरा. जिला मुख्यालय रायसेन से सर्वाधिक दूरी पर अंतिम छोर पर दो तहसील मुख्यालय उदयपुरा एवं देवरी हैं, परन्तु इन दोनों तहसील के नागरिकों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं आबादी के मान से ऊंट के मुंह में जीरा के समान हैं। कहने को तो उदयपुरा में सीएचसी अस्पताल है, परंतु यहां बीएमओ के अलावा बिना किसी विशेषज्ञ के मात्र 2 डॉक्टर पदस्थ हैं। इससे ज्यादा बुरी स्थिति तो देवरी तहसील मुख्यालय की है, यहां चल रही पीएचसी अस्पताल में मात्र एक डॉक्टर पदस्थ है। इससे इस परिस्थिति में नागरिकों की स्वास्थ्य सेवाओं की कठिनाईयों का सहजता से अनुमान लगाया जा सकता है। इन दोनों तहसील के नागरिकों की स्वास्थ्य सेवाएं तो भगवान के ही भरोसे हैं। इस सबके बीच एक स्थिति और है जो कि क्षेत्र वासियों की स्वास्थ्य सेवा की कठिनाईयों और बदतर कर देती है वह है इन दोनों तहसील मुख्यालयों की जिले से दूरी। जो कि सौ से डेढ़ सौ किलोमीटर है। बात इतनी ही नहीं है, बल्कि इन दोनों तहसील क्षेत्र की सीमा से लगे हुए अन्य जिले नरसिंहपुर, सागर, होशंगाबाद जिला मुख्यालय की दूरियां भी सौ से डेढ़ सौ किलोमीटर से अधिक है। इसके अलावा इन दोनों नगरों से पूर्व की ओर जबलपुर पश्चिम की ओर भोपाल बड़ा नगर है, परंतु इनकी दूरी भी डेढ़ सौ किलोमीटर से अधिक है। यही सबसे गंभीर बात है। जिसके चलते यहां के निवासियों को जरा सी बीमारी में भी कम डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की कम उपलब्धता एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों की गैरमौजूदगी में या तो यहां से रिफर होना पड़ता है या मौत का सामना करना पड़ता है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी ने सांची के साथ प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने की बात कही है। भाजपा शासन के इस कार्यकाल में जिले की बेगमगंज और सिलवानी के सामुदायिक केन्द्रों को उन्नयन कर सिविल अस्पताल का दर्जा पहले ही दिया जा चुका है। पर उनका ध्यान उदयपुरा की ओर नहीं गया। इसका खामियाजा तो क्षेत्र की जनता ही भुगत रही है। यहां यह भी स्पष्ट करना जरूरी है कि स्वयं मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री दोनों ही इस क्षेत्र की भौगोलिक सहित सभी तरह की स्थिति से पूरी तरह परिचित हैं, फिर भी वह इन दो नगरों को अनदेखा कर क्षेत्र के साथ उदासीन भाव अपनाकर एक प्रकार का भेद भाव ही प्रदर्शित किए हुए हैं। जनपद क्षेत्र की दोनों तहसील के वाशिंदे वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ोतरी की मांग करते आ रहे हैं, परन्तु इस वावत सरकारी स्तर पर आज तक ध्यान ही नहीं दिया गया
फैक्ट फाइल
सिलवानी जनपद जनसंख्या लगभग 1,56,000
बेगमगंज जनपद जनसंख्या लगभग 1,50,000
क्यों उन्नयन आवश्यक है
प्रतिदिन उदयपुरा देवरी में आने बाले मरीजो की संख्या लगभग 200 से अधिक
प्रतिदिन रेफर होने वाले मरीजों की संख्या लगभग 12
उदयपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति
जनपद की जनसंख्या लगभग 1,60,000
जनपद में दो तहसील मुख्यालय
भौगोलिक स्थिति जिला मुख्यालय से सबसे ज़्यादा दूरी
इनका कहना है
- उदयपुरा स्वास्थ केंद्र को जल्दी ही सिविल अस्पताल में उन्नयन किया जाना चाहिए, क्योंकि अस्पताल में उपलब्ध डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ के मान से जनसंख्या का दवाब कहीं अधिक है।
साहबलाल तिवारी, विधायक प्रतिनिधि उदयपुरा
- निकतवर्ती तहसीलों में लगभग हर जगह सिविल अस्प्ताल की सुविधा है। परंतु उदयपुरा में आजतक शिविल अस्पताल नहीं स्वीकृत हो पाया लोगों को सैकड़ों किलोमीटर दूर उपचार को जाना पड़ता है।
धर्मेंद्र राजपूत, सांसद प्रतिनिधि
- निश्चित ही क्षेत्र की जनसंख्या और क्षेत्रफल के मान से हमारे पास स्टाफ की कमी है। अगर सिविल अस्प्ताल होता है तो नर्सिंग स्टाफ के साथ विशेषज्ञ डॉक्टर और मशीनरी में भी वृद्धि होगी। जिससे निश्चित ही लोगों का भला होगा और रेफर होने वाले मरीजों की संख्या में भारी कमी आएगी।
रजनीश सिंघई, बीएमओ उदयपुरा
- कोरोना काल से अभी तक हमने उदयपुरा सहित आसपास के मरीजों को व्यवस्थाओं को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कई बार परेशान होते देखा है। वास्तव में अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्प्ताल में उन्नयन होना चाहिए।
राजेन्द्र रघुवंशी, संचालक संकल्प संस्था और व्यवसायी।
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praveen shrivastava Bureau Incharge
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