monsoon in mp : मौसम ने एकबार फिर ली करवट, आकाश में दिनभर छाए रहे बादल

monsoon in mp : मौसम ने एकबार फिर ली करवट, आकाश में दिनभर छाए रहे बादल

Brajesh Kumar Tiwari | Updated: 15 Jul 2019, 10:27:57 AM (IST) Raisen, Raisen, Madhya Pradesh, India

मौसम:रविवार को उमस भरी गर्मी ने किया परेशान, न्यूनतम पारा 28 डिग्री पर स्थिर

रायसेन। पिछले दो तीन दिनों से मौसम monsoon ने एकबार फिर से करवट ले ली है। रविवार को भी आसमान पर हल्के भरे रंग के बारदल छाए रहे। सूरत भी बादलों के बीच छुकाछिपी का खेल खेलता रहा ।शहर समेत जिले के अधिकांश हिस्सों में दिनभर आकाश मेंं हल्के बादल cloud छाए रहे। इस दौरान 18 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं Breezes चलीं। बादलों की ओट में सूरज छिपने से धूप के तेवर ढीले हो गए।


न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रहा
सुबह से दोपहर तक जब सूरज की तेज धूप खिली तो लोग गर्मी उमस के कारण बेहाल हो गए । मजबूरी में कूलर पंखें चलाकर ठंडी हवा खाने लगे । उसके बाद भी दिन के पारे में 2 डिग्री की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रहा।

तापमान में फिर से बढ़ोतरी शुरू
गौरतलब है कि आठ दिन पहले हुई तेज बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली थी। इस दौरान दिन का पारा दिन का पारा 29 डिग्री तक पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी का दौर शुरू हो गया।जो रविवार को 34 डिग्री तक पहुंचा। दिन में जहां आसमान में हल्के बादल छाने से सूरज की तपिश से लोग परेशान होते नहीं दिखे। लेकिन गर्मी,उमस ने उनको बेहाल किया।

 


खेतों में पड़ीं दरारें, सूख रहे धान के पौधे...

मौसम की बेरूखी का असर अब खरीफ सीजन की ख्ेातों में बोई गई धान की फसल पर भी दिखाई देनेलगा है। दिन का पारा 34 डिग्री तो रात का 26 डिग्री पर रहा इस बार रायसेन जिले में 1 जून से अब तक 21 सेमी बारिश दर्ज हुई है। मौसम वैज्ञानिक डॉ.एसएस तोमर ने बताया कि मंगलवार 16 जून तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। शनिवार को दिन का पारा 34.5 डिग्री रविवार को तापमान अधिकतम 34 डिसे रहा और रात का पारा 26 डिग्री दर्ज किया गया है। जबकि एक सप्ताह पहले बारिश होने से दिन का पारा 26 डिग्री तक आ गया था।

खरीफ की बोवनी भी पिछड़ी
सहायक उपसंचसलक कृषि केवीदुबे का कहना है कि देरी की वजह से खरीफ की बोवनी भी काफी पिछड़ी है। जिले की तहसील सिलवानी गैरतगंज बेगमगंज सोयाबीन की बोवनी न होने से खेत काले ही रह गए हैं। जिले में 3 लाख 50 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ की बोवनी होती है ।लेकिन इस बार अब तक बमुश्किल 65 फ ीसदी हिस्से में हुई है।


अब तक 21 सेमी हुई बारिश
जिले में सोयाबीन ही करीब 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बोया गया है। जिले में सोयाबीन के बाद सबसे ज्यादा उड़द ,अरहर मक्का ,रामतिल की बोवनी होती है। करीब 40 हेक्टेयर क्षेत्र में उड़द की बोवनी हो सकी है। वहीं 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान लगाई गई है। धान के लिए अब तक औसत 40 सेमी बारिश होनी थी ।लेकिन अब तक 21 सेमी हुई है। यदि बारिश ज्यादा होती तो धान के लिए बहुत अनुकूल होता।जबकि डेढ लाख हैक्टेयर क्षेत्र में धान के रापे लगाने का लक्ष्य कृषि विभाग ने तय किया है। जो धान के पौध्णे किसानों ने बारिश के समय रोपे थे बारिश थमने से वह मुरझाने लगे हैं।

खेतों में व्यस्त हुए किसान
हम आपको यहां बता दें कि गई थी। 4-6 दिनों से निकल रही धूप के कारण खेतों की नमी कम होते ही किसानों ने खेतों की जुताई व फसलों की बुवाई शुरू कर दी। जो किसान प्री-मानसून बारिश में खेतों की जुताई कर चुके थे ।उन्होंने खेतों में फ सलों की बुवाई कर दी तो जो किसान जुताई से रह गए थे। वह इन दिनों तेजी के साथ खेतों की जुताई में जुटे हैं।

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