दफ्तरों से शिकायत पेटियां नदारद, जनसुनवाई भी बंद

लोग कार्य में होने वाली गड़बडिय़ों या भ्रष्टाचार या गोपनीय मामलों की संबंधी शिकायत नहीं कर पा रहे हैं

By: chandan singh rajput

Published: 04 Jul 2020, 02:04 AM IST

रायसेन. सरकारी दफ्तरों में आवश्यक कार्य से आने वाले आमजन को कार्य में कमियां और उससे कोई परेशानी को दूर करने के उद्देश्य से दफ्तरों में शिकायत पेटियां लगाई गई थीं। पर जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट सहित अन्य स्थानों पर संचालित सरकारी दफ्तरों में करीब साढ़े चार वर्ष पहले लगाई गई ये शिकायत पेटियां अब नजर नहीं आ रही हैं। कलेक्ट्रेट में एक-दो विभागों के दफ्तरों को छोड़कर ज्यादातर कार्यालयों के सामने से पेटियां नदारद हैं। ऐसे में लोग कार्य में होने वाली गड़बडिय़ों या भ्रष्टाचार या गोपनीय मामलों की संबंधी शिकायत नहीं कर पा रहे हैं।
पत्रिका ने जब शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में प्रमुख विभागों के दफ्तरों में जाकर देखा तो भू-तल पर मात्र आदिम जाति कल्याण विभाग के दफ्तर में ही शिकायत पेटी लटकी नजर आई।

बताया गया कि यह पेटी भी लंबे समय से नहीं खोली गई। जबकि इसी कार्यालय के समीप आबकारी विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के दफ्तर के सामने शिकायत पेटी नदारत थी। इसी तरह भू-अभिलेख कार्यालय, डूडा ऑफिस सहित कलेक्टर कार्यालय के पास भी शिकायत पेटी नहीं लगी, जबकि ऊपरी तल पर कृषि विभाग के दफ्तर के सामने लगी शिकायत पेटी का ताला भी कई दिनों से नहीं खोला गया। इन दफ्तरों में प्रतिदिन सैकड़ों लोग अपनी शिकायत लेकर पहुंचते हैं। मगर जिम्मेदार अधिकारी इसको लेकर गंभीर नहीं है।

सरकार की ये थी मंशा
जनहित से जुड़े मुद्दों के लिए प्रमुख विभागों में शिकायत पेटियां सरकार ने यह सोचकर लगवाई थीं कि नागरिक सीधे ही अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाते हैं, तो उनकी लिखित शिकायतें पेटियों के जरिए जिम्मेदारों तक पहुंच जाएगी। साथ ही मैदानी स्तर पर विभागों की योजनाओं सहित अमले की क्या स्थिति है। इसकी लिखित शिकायत कोई भी व्यक्ति कर सकता है। क्योंकि कई बार अधिकारी फील्ड पर रहते हैं। ऐसे में शिकायतकर्ता की अधिकारी से भेंट कर अपनी समस्या नहीं बता पाता है। इसी वजह से शिकायत पेटियां लगवाई गई थीं। मगर सरकार की मंशा को सफलता नहीं मिल सकी।

जनसुनवाई भी बंद
ऐेसे में आमजन को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट में होने वाली जनसुनवाई में आना पड़ता है, क्योंकि विभागीय स्तर पर लोगों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा। मगर मार्च से दफ्तरों में जनसुनवाई भी नहीं हो रही, जिससे लोग जिला मुख्यालय की तरफ दौड़ लगाते हैं। बताया जा रहा है कि जनसुनवाई बंद होने के बाद भी दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग अपनी समस्या लेकर कलेक्टर उमाशंकर भार्गव को आवेदन देने आते हैं।

लोगों को मिलेगी राहत
यदि जिला मुख्यालय के अधिकारी अपने कार्यालय और विकासखंड स्तर पर शिकायत पेटियां लगवाकर उनका निराकरण करवाएं, तो दूरस्थ अंचल के कई लोगों को जिला मुख्यालय पर आकर परेशान नहीं होना पड़ेगा।
निर्देश का पालन होगा
- ज्यादातर विभागों में दफ्तरों में शिकायत पेटियां लगी है, जिन कार्यालयों में शिकायत पेटी नहीं लगी हैं, वहां निरीक्षण करवाकर जल्द ही व्यवस्था करवाई जाएगी। वैसे ज्यादातर लोग सीधे दफ्तर में आकर शिकायत करते हैं, लेकिन शासन के निर्देश का पालन अनिवार्य रूप से कराया जाएगा।
-उमाशंकर भार्गव, कलेक्टर।

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