मानसून आया फिर भी जारी है बिजली विभाग का बारिश पूर्व मेंटेनेंस कार्य

रविवार को भी सुबह 8 से 12 बजे चार घंटे की रही बिजली कटौती, लोग होते रहे परेशान ( electricity maintenance ) ...

रायसेन@शिवलाल यादव की रिपोर्ट...
मप्र मध्यक्षेत्र बिजली कंपनी का मानसून पूर्व मेंटेनेंस ( electricity maintenance ) अब तक पूरा नहीं हो पाया है। यही वजह है कि कंपनी ने रविवार और सोमवार दो दिन का लाइट कटौती का शेड्यूल जारी कर दिया है।

रविवार को शहर के लगभग आधे क्षेत्रों में सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक बिजली गुल रही। क्योंकि बिजली कंपनी का अमले ने 11 केवी गोपालपुर ,कलेक्ट्रेट बिजली फीडरों पर लाइट मेंटेनेंस ( electricity maintenance ) व कंस्ट्रक्शन का कार्य चलता रहा है।

इस कारण लोगों को चार घंटे गर्मी व उमस की मार झेलना पड़ी। वहीं शहर के व्यापारियों के बिजली आधारित कारोबार पूरी तरह से ठप रहे। इस लाइट कटौती के कारण उनको चार घंटे व्यापार में घाटा उठाना पड़ा। जबकि बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बारिश के मौसम में मेंटेनेंस करने से मना कर दिया है।

बावजूद इसके बिजली अमला मनचाही लाइट कटौती कर लोगों को परेशान कर रहे हैं। इस तरह बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की अव्हेलना की जा रही है। वहीं बताया जा रहा है कि सोमवार को भी कुछ क्षेत्रों में कटौती का शेड्यूल जारी किया जाएगा।

बिजली कंपनी के शहर प्रबंधक के अनुसार रविवार को सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक 11 केवी गोपालपुर और कलेक्ट्रेट बिजली फीडर पर बिजली मेंटेनेंस के चलते लाइटगुल की गई। इस कारण व्यापारियों से लेकर तकरीबन हर शहरवासी को परेशानी का सामना करना पड़ा।

शहर के व्यापारियों और दुकानदारों आदि का कहना है कि बिजली गुल रहने से व्यापारियों को बिजली आधारित कारोबार पूरी तरह से प्रभावित रहे। इससे उनको कारोबार ठप रहने से नुकसान उठाना पड़ा।

बारिश के मौसम में अब तो कम से कम बिजली मेंटेनेंस कार्य पर कंपनी के अधिकारियों को रोक लगा देना चाहिए। सालभर से ही लाइट मेंटनेंस हर रविवार और बीच में सोमवार ,शुक्रवार को सुधार अमला जब चाहे लाइट गुल कर काम करने में जुट जाते हैं।

हादसे का कौन होगा जिम्मेदार?
वहीं जानकारों का कहना है कि मानसून के बीच में बिजली मेंटेनेंस का कार्य बिजली कर्मचारियों के लिए भी परेशानी का कार्य है। ऐसे में किसी हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

जानकारों का यह तक कहना है कि शायद कार्य बिजली विभाग के लोकल अधिकारियों की ओर से करवाया जा रहा है, लेकिन ऐसे कार्यों में सबसे ज्यादा खतरा लाइन मेन को होता है, यदि कोई हादसा हो जाता है तो इसकी जिम्मेदारी किस पर होगी यह भी विभाग को साफ करना चाहिए।

दीपेश तिवारी
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