scriptEven the shadow leaves here | यहां साया भी छोड़ देता है साथ | Patrika News

यहां साया भी छोड़ देता है साथ

सेल्फी पाइंट का केंद्र बना कर्क रेखा पर्यटन स्थल, 21 जून को परछाई भी नहीं दिखेगी।
भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे.18 पर जिले के सलामतपुर के पास स्थित है कर्क रेखा।

रायसेन

Published: June 19, 2022 09:58:03 pm


सलामतपुर/दीवानगंज. भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे 18 रोड पर सलामतपुर बेरखेड़ी चौराहा से लगभग पांच किमी दूर पर्यटन स्थल कर्क रेखा पर इन दिनों प्रमुख सेल्फी प्वाइंट बना हुआ है। यहां से निकलने वाला हर व्यक्ति सेल्फी लेना नहीं भूलता। 21 जून को हर साल दोपहर 12 बजे यहां पर व्यक्ति को अपनी परछाई भी नहीं दिखती और परछाई साथ छोड़ देती है। हम बचपन से यह कहावत सुनते आ रहे हैं कि कोई साथ हो न हो, आदमी का साया हमेशा उसकेे साथ रहता है। लेकिन 21 जून को कर्क रेखा क्षेत्र में आदमी का साया भी उसका साथ छोड़ देता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कर्क रेखा स्थल पर 21 जून को दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें 90 डिग्री लंबवत पडऩे के कारण खड़े व्यक्ति की परछाई ही नहीं बनती। इसलिए कर्क रेखा क्षेत्र को नो शैडो जोन भी कहा जाता है। जिस कर्क रेखा को हमने बचपन से भूगोल में पड़ा है और ग्लोब पर जिसे देखा है उस स्थान पर ठहरना अपने आप में एक सुखद अनुभूति है।
कर्क रेखा मध्यप्रदेश में भोपाल से 25 किलोमीटर दूर उत्तर से निकलती है। जहां से यह गुजरती है वह स्थान भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे.18 पर रायसेन जिले के बेरखेड़ी चौराहा के मध्य स्थित है। कर्क रेखा को चिन्हांकित करने के लिए उस स्थल पर राजस्थानी पत्थरों से चबूतरानुमा स्मारक बनाया गया है। यह स्थान रायसेन जिले का सबसे आकर्षक सेल्फी पाइंट है। यहां से निकलने वाला प्रत्येक व्यक्ति सेल्फी लिए बिना आगे नहीं बढ़ता।
पांच रेखाओं में है प्रमुख कर्क रेखा
कर्क रेखा उत्तरी गोलार्ध में भूमध्य रेखा के समानान्तर 2& डिग्री 26'22 छ ग्लोब पर पश्चिम से पूर्व की और खींची गई एक काल्पनिक रेखा है। यह रेखा पृथ्वी पर उन पांच प्रमुख अक्षांश रेखाओं में से एक है जो पृथ्वी के मानचित्र पर प्रदर्शित की जाती हैं। कर्क रेखा पृथ्वी की उत्तरीय अक्षांश रेखा हैं जिस पर सूर्य दोपहर के समय लंबवत होता है। 21 जून को जब सूर्य इस रेखा के एकदम ऊपर होता है उत्तरी गोलार्ध में वह दिन सबसे लंबा व रात सबसे छोटी होती है। यहां इस दिन सबसे अधिक गर्मी स्थानीय मौसम को छोड़कर होती है।
कर्क रेखा के समानांतर दक्षिणी गोलार्ध में भी एक रेखा होती है जिसे मकर रेखा कहते है। सूर्य की स्थिति मकर रेखा से कर्क रेखा की तरफ बढऩे को उत्तरायण एवं कर्क रेखा से मकर रेखा में वापसी को दक्षिणायन कहते हैं। इस प्रकार वर्ष में छह-छह माह के दो आयन होते हैं। कर्क रेखा को चिह्नित करता स्मारक मातेहुआला सैन लुइस पोटोसी मेक्सिको और भारत में कर्क रेखा उÓजैन शहर से निकलती है। इस कारण ही जयपुर के महाराजा जयसिंह द्वितीय ने यहां वैधशाला बनवाई जिसे जंतर.मंतर कहते हैं। यह खगोल.शास्त्र के अध्ययन के लिए है। इसी वजह से यह स्थान काल.गणना के लिए एकदम सटीक माना जाता है। अधिकतर हिन्दू पंचांग यहीं से निकलते हैं।
यहां साया भी छोड़ देता है साथ
यहां साया भी छोड़ देता है साथ

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

मौसम अलर्ट: जल्द दस्तक देगा मानसून, राजस्थान के 7 जिलों में होगी बारिशइन 4 राशियों के लोग होते हैं सबसे ज्यादा बुद्धिमान, देखें क्या आपकी राशि भी है इसमें शामिलस्कूलों में तीन दिन की छुट्टी, जानिये क्यों बंद रहेंगे स्कूल, जारी हो गया आदेश1 जुलाई से बदल जाएगा इंदौरी खान-पान का तरीका, जानिये क्यों हो रहा है ये बड़ा बदलावNumerology: इस मूलांक वालों के पास धन की नहीं होती कमी, स्वभाव से होते हैं थोड़े घमंडीबुध जल्द अपनी स्वराशि मिथुन में करेंगे प्रवेश, जानें किन राशि वालों का होगा भाग्योदयमोदी सरकार ने एलपीजी गैस सिलेण्डर पर दिया चुपके से तगड़ा झटकाजयपुर में रात 8 बजते ही घर में आ जाते है 40-50 सांप, कमरे में दुबक जाता है परिवार

बड़ी खबरें

Maharashtra Political Crisis: महा विकास अघाड़ी सरकार को बड़ा झटका, शिंदे खेमे में शामिल होंगे उद्धव के 8वें मंत्रीRanji Trophy Final: मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास, 41 बार की चैम्पियन मुंबई को 6 विकेट से हरा जीता पहला खिताबBypoll results 2022 LIVE: UP की दोनों सीटों पर बीजेपी का कब्जा, झारखंड की मांडर सीट पर कांग्रेस को मिली जीतअगरतला उपचुनाव में जीत के बाद कांग्रेस नेताओं पर हमला, राहुल गांधी बोले- BJP के गुड़ों को न्याय के कठघरे में खड़ा करना चाहिएKarnataka: नाले में वाहन गिरने से 9 मजदूरों की दर्दनाक मौत, सीएम ने की 5 लाख मुआवजे की घोषणाSangrur By Election Result 2022: मजह 3 महीने में ही ढह गया भगवंत मान का किला, किन वजहों से मिली हार?सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद, फिर से सामने आया कनाडाई (पंजाबी) गिरोहMumbai News Live Updates: शिवसेना सांसद संजय राउत ने बागी विधायकों को जिंदा लाश बताया
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.