फसल बर्बाद होने से त्योहारी सीजन के व्यापार पर पड़ी मार

खरीफ फ सल की बर्बादी ने किसानों के साथ ही व्यापारियों की उम्मीदों पर भी पूरी तरह पानी फेर दिया

By: chandan singh rajput

Published: 13 Oct 2020, 11:57 PM IST

सिलवानी. कोरोना काल में लॉकडाउन से प्रभावित कारोबार को अनलॉक होते ही रफ्तार पकडऩे की पूरी उम्मीद थी। मगर खरीफ फ सल की बर्बादी ने किसानों के साथ ही व्यापारियों की उम्मीदों पर भी पूरी तरह पानी फेर दिया।
खरीफ फसल की बर्बादी से जहां क्षेत्र का व्यापार पूरी तरह प्रभावित होगा। वहीं किसान भी पूरे वर्षभर परेशानियों से जूझेंगे। अब बेहतर दौर के लिए क्षेत्र के व्यापारी एवं किसानों को रबी फ सल तक इंतजार करना होगा। क्योंकि पूरे क्षेत्र की आर्थिक निर्भरता कृषि पर आधारित है। ऐसे में अब आगामी फसल का उत्पादन इस क्षेत्र के भविष्य को तय करेगा। वर्तमान दौर में सोयाबीन, उड़द की फसल खराब होने के बाद बाजार में मंदी का माहौल है। खेती के साथ व्यापार जगत का भी आर्थिक मंदी से हाल बेहाल है। ऐसे में दशहरा दीवाली के व्यापार पर भी सीधा असर पडऩे की पूरी संभावना है।
कृषि क्षेत्र में फ सल बर्बाद होने के बाद व्यापारिक दृष्टि से यह वर्ष नुकसानदायक साबित हो रहा है।

खेतों को साफ कराने चलवा रहे मशीन
कुछ ऐसी ही स्थिति पंजाब प्रांत से सोयाबीन कटाई के लिए हार्वेस्टर लेकर कामगारों की भी है। इस बार इन्हें सोयाबीन की कटाई किए बिना ही खाली हाथ पंजाब लौटने को मजबूर होना पड़ रहा है। हार्वेस्टर चलाकर फसल निकालने वाले पंजाब के मनप्रीत बादल सिंह ने बताया कि अपने प्रांत से चलने से पूर्व यहां के कुछ लोगों से चर्चा की गई थी उन्होंने बताया था कि फसल बर्बाद हो गई है। मगर हमें उम्मीद इस बात की थी कि कुछ ना कुछ फसल तो कटाई के दौरान निकल कर सामने आएगी। मगर यहां स्थिति को देखा दो पता चला कि खेतों में कुछ बचा ही नहीं है किसान अपने खेतों को साफ कराने के लिए मशीन चलवा रहे हैं।

मजदूर हुए बेरोजगार
खराब हुई फसलों के चलते कृषि कारोबार से जुड़े कई कामगार भी इस बार खाली हाथ रह गए। कृषि कार्य से जुड़े मजदूर जो कटाई कर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। उन्हें इस बार कोई भी काम हाथ नहीं लगा, जिससे आगामी त्यौहार मनाने के साथ ही वर्ष भर की व्यवस्थाओं को बनाने की दिक्कत उनके सामने खड़ी हो गई।

कृषि अधिकारियों ने किया धान की फसलों का निरीक्षण
मंडीदीप. क्षेत्र में इस वर्ष कीट व्याधि से खराब हो रही धान की फसलों का मंगलवार को कृषि विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने फसलों को रोग मुक्त बनाने के लिए किसानों को आवश्यक दवाओं के छिड़काव की सलाह दी। अधिकारियों के दल ने सामनपुर खुर्द, पोलाहा, पिपलिया गज्जू, पिपलिया लोरका, सतलापुर, टीलाखेड़ी सहित अन्य गांव का दौरा किया। ओबेदुल्लागंज के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी डीएस भदोरिया ने बताया कि धान की फसल आगामी 10 से 15 दिन में कटने वाली है, लेकिन फसलों में गर्दन तोड़ा सहित अन्य रोग लगने से किसान परेशान हैं, कृषि वैज्ञानिकों एवं जिले की टीम के साथ खेतों का दौरा कर किसानों से रोग एवं कीट व्याधि का निरीक्षण कर चर्चा की। दल में डॉ. स्वपनिल दुबे, जितेन्द्र नामदेव, नारायण पाल, व्हीएस चौहान आदि शामिल थे।

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